झारखंड / अमित शाह से मिले मरांडी, झाविमो का भाजपा में विलय का रास्ता साफ; बाबूलाल को मिल सकता है बड़ा पद

झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)। झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)।
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झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)।झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)।

  • 11 फरवरी को झाविमो केंद्रीय कार्यसमिति की आयोजित बैठक में विलय का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा
  • विलय के बाद संगठन के स्वरूप और उसमें बाबूलाल मरांडी की भूमिका पर भी चर्चा हुई, महत्वपूर्ण दायित्व मिल सकता है

दैनिक भास्कर

Feb 09, 2020, 07:27 AM IST

रांची. जेवीएम के भाजपा में विलय का पूरा प्लॉट शनिवार को फाइनल हो गया। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर शनिवार की देर शाम झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी मिले। इन दोनों नेताओं के साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर भी थे। तीनों नेताओं ने विलय के बिंदुओं पर काफी देर तक चर्चा की। बाबूलाल मरांडी ने भाजपा नेताओं को बताया कि 11 फरवरी को रांची में पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो जाएगा। उसके तुरंत बाद जेवीएम की ओर से भाजपा को विलय का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

मरांडी को बड़ा पद मिलने की संभावना

विलय के बाद संगठन के स्वरूप और उसमें बाबूलाल मरांडी की भूमिका पर भी चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने मरांडी को महत्वपूर्ण दायित्व देने की बात कही, पर मरांडी ने कहा कि वे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में भाजपा में शामिल होंगे। उन्हें पद की कोई लालसा नहीं। आगामी राज्यसभा चुनाव पर भी तीनों नेताओं ने चर्चा की। मरांडी ने अमित शाह से आग्रह किया कि वे पार्टी के विलय समारोह में स्वयं शामिल हों। बाबूलाल मरांडी रविवार को रांची आएंगे। हालांकि झाविमो के भाजपा में विलय के बाद बाबूलाल को बड़ा पद दिए जाने की संभावना है। 

विलय के बाद संगठन के स्वरूप पर भी होगी बात

जेवीएम-भाजपा के संभावित विलय को प्रदेश भाजपा नेता किस रूप में ले रहे हैं? इससे पार्टी को क्या लाभ होगा, क्या हानि उठानी पड़ सकती है? प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा? पार्टी नेता स्वयं कहीं इससे उपेक्षित तो महसूस नहीं कर रहे? उनमें कोई नकारात्मक भाव तो नहीं उत्पन्न हो रहा? विलय के बाद संगठन का स्वरूप कैसा होना चाहिए। आदि विषयों का आकलन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष खुद करेंगे। इन सवालों का जवाब ढूंढने और विलय के पूर्व में ही पार्टी नेताओं के साथ सामंजस्य बैठा लेने की कार्रवाई करने के लिए वे रविवार को रांची आ रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह भी रहेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता पर भी मंथन

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष रविवार को प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के मनोनयन पर भी संगठन के बड़े नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे। विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होते ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने हार की जिम्मेवारी लेते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनका त्यागपत्र अभी भी स्वीकृत नहीं हुआ है। विधायक दल के नेता का भी अभी चयन नहीं हुआ है। अब जबकि दिल्ली विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है, भाजपा इस दिशा में सक्रिय होगी। यह पहले ही तय था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के इन दोनों पदों पर मनोनयन का काम पूरा कर लिया जाएगा।

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