झारखंड / अमित शाह ने बाबूलाल मरांडी का पार्टी में किया स्वागत, कहा- भाजपा हमेशा से आपको अपना मानती है

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने बाबूलाल मरांडी को माला पहनाकर पार्टी में स्वागत किया।
झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 2006 में भाजपा छोड़ दी थी। झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 2006 में भाजपा छोड़ दी थी।
झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में शामिल हुए। झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में शामिल हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ बाबूलाल मरांडी। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ बाबूलाल मरांडी।
X
झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 2006 में भाजपा छोड़ दी थी।झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 2006 में भाजपा छोड़ दी थी।
झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में शामिल हुए।झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में शामिल हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ बाबूलाल मरांडी।पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ बाबूलाल मरांडी।

  • भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बना सकता है
  • बंधु तिर्की ने विधायक दल के नेता समेत झाविमो के एक गुट का कांग्रेस में विलय की घोषणा की है

दैनिक भास्कर

Feb 17, 2020, 04:32 PM IST

रांची. झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) प्रमुख बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद सोमवार को भाजपा में शामिल हाे गए। उनके साथ झाविमो के कई पदाधिकारी भी भाजपा में शामिल हुए। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने बाबूलाल मरांडी को माला पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि बाबूलाल को भाजपा हमेशा से अपना मानती रही है। बाबूलाल के भाजपा में आने के बाद झाविमो के एक गुट का भाजपा में विलय हो गया। वहीं विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव ने विधायक दल के नेता समेत झाविमो के दूसरे गुट का कांग्रेस में विलय की घोषणा कर चुके हैं।

भाजपा प्रदेश की जनता के लिए सदन से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कई साल के बाद बाबूलाल मरांडी ने फिर से भाजपा का निशान लेकर घर वापसी की है। भाजपा और पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से मैं बाबूलाल मरांडी और उनके कार्यकर्ताओं का स्वागत करता हूं और विश्वास दिलाता हूं कि आपको कभी नहीं महसूस होगा आप बाहर से यहां आए हैं। कुछ कारणों से बाबूलाल मरांडी भाजपा छोड़ गए थे। सत्ता के बगैर कैसे रहा जा सकता है, ये बाबूलाल ने दिखा दिया। भाजपा का अध्यक्ष बनने के बाद 2014 से ही मैं प्रयास कर रहा था कि बाबूलाल मरांडी पार्टी में आ जाएं। थोड़े जिद्दी हैं, नहीं माने। लेकिन अब हम सभी की इच्छा के अनुसार वो भाजपा में आ गए हैं। बाबूलाल के आने से पार्टी और स्थानीय नेतृत्व की ताकत बढ़ेगी। सत्ता में रहने के दौरान जो काम भाजपा ने किया, विपक्ष में रहते उससे ज्यादा काम पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि चाईबासा घटना की रिपोर्ट मुझे मिली है, ऐसी हत्या मैंने अपने जीवन में नहीं देखी। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसा ही चलता रहा तो प्रदेश की जनता के लिए भाजपा सदन से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।

डेढ़ महीने से ट्विटर पर चल रही है हेमंत सरकार: बाबूलाल मरांडी

इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम कहीं गए नहीं थे। 14 साल में लगभग छह से सात लाख किमी घूमा। जनता की तकलीफ को देखा और समझा है। इस यात्रा में मेरे साथ लोग मिले। विषम परिस्तियों में साथ दिया, उनका धन्यवाद करता हूं। भाजपा में आने का प्रयास पार्टी की ओर से कई बार हुआ। पार्टी जो भी काम देगी, उसे ईमानदारी से पूरा करूंगा। झाड़ू लगाने का काम मिलेगा तो वो भी करूंगा। उन्होंने कहा- डेढ़ महीने से झारखंड सरकार ट्विटर पर चल रही है। सीएम कह रहे हैं कि खजाना खाली है। काम करते नहीं है, कहते हैं खजाना खाली है। इस प्रदेश में बेरोजगारी, गरीबी भुखमरी को हटाने के लिए काम करना चाहिए। भाजपा ने योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक मदद देने का काम किया है लेकिन इन योजनाओं को हेमंत सरकार खत्म करने की बात कह रही है। प्रदेश में रोज हत्या हो रही है, उग्रवाद सिर उठा रहा है। सरकार से आम लोगों की इच्छा अमन चैन की होती है। ऐसा नहीं होगा तो राज्य कभी प्रगति नहीं कर सकता।

2006 में भाजपा से अलग हो गए थे बाबूलाल

माना जा रहा है कि भाजपा में झाविमो के विलय के बाद पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बना सकता है। बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में घर वापसी किया। झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी आरएसएस के पूर्व नेता हैं। 2006 में भाजपा से अलग होकर उन्होंने नई पार्टी बना ली थी। हालांकि उनकी पार्टी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और लगातार गिरता गया। 2009, 2014 और 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी को 11, आठ और तीन सीटों पर ही जीत मिली।

झाविमो का सफर

  • 2 मई 2006: बाबूलाल मरांडी ने भाजपा छोड़ी।
  • 8 जनवरी 2007: राजनीतिक दल के रूप में झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक का रजिस्ट्रेशन हुआ।
  • 3 अक्टूबर 2007: भारत निर्वाचन आयोग में किया आवेदन।
  • 11 जून 2009: निर्वाचन आयोग ने राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता दी।
  • 24 जुलाई 2009: चुनाव आयोग ने पार्टी काे कंघी चुनाव चिह्न आवंटित किया।
  • 11 फरवरी 2020: झाविमाे की केंद्रीय कार्यसमिति ने भाजपा में विलय का प्रस्ताव पास किया।
  • 17 फरवरी 2020: बाबूलाल मरांडी ने भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना