राजनीति / बड़े भाई की भूमिका में पूरी ताकत से विस चुनाव लड़ेगा झामुमो: हेमंत सोरेन



झामुमो केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव की समीक्षा और विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। झामुमो केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव की समीक्षा और विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई।
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झामुमो केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव की समीक्षा और विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई।झामुमो केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव की समीक्षा और विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई।

  • हेमंत सोरेन ने झामुमो विधायकों के साथ समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत की
  • लोस चुनाव की समीक्षा और विस चुनाव की रणनीति को लेकर झामुमो कार्यकारिणी की बैठक फिर कल

Dainik Bhaskar

Jun 02, 2019, 08:02 PM IST

रांची. झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि लोकसभा का चुनाव परिणाम सामने है। झामुमो और शिबू सोरेन की हार से यह कयास लगाया जाने लगा है कि झामुमो अब समाप्त हो गया है। लेकिन पहले भी ऐसा हुआ है और झामुमो समाप्त नहीं हुआ और भी मजबूती से उभर कर सामने आया। अब भी झामुमो पूरी ताकत से बड़े भाई की भूमिका में विधानसभा का चुनाव लड़ेगा। इसमें झामुमो की महिला और युवा ईकाई की भूमिका अधिक होगी। वह शिबू सोरेन की अध्यक्षता में झामुमो विधायकों की हुई साथ रविवार को लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। वैसे पार्टी सोमवार को फिर केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव की समीक्षा और विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेगी।

 

हार के कारक
हेमंत सोरेन ने कहा कि हार के कई कारक रहे। उसमें धन-बल की भूमिका रही। ऐसा लगा जैसे अब किसी के पास नोट छापने की मशीन आ गयी। कई लोगों ने पेड स्टाफ के रूप में षड़यंत्र के माध्यम से आम मतदाताओं को दिगभ्रमित करने का काम किया।

 

ईवीएम पर सवाल
हेमंत सोरेन ने ईवीएम और वीवीपैट पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का तकाजा यही है कि ईवीएम एक साधन मात्र है, वोट देना संवैधानिक अधिकार। ईवीएम का सदुपयोग हो रहा है कि नहीं, इस पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद जब नगर निकायों के चुनाव हुए तो परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। वोटों के मिलान पर भी उन्होंने कहा कि अभी सही अांकना सामने नहीं आया है।

 

झारखंड में गठबंधन पर
लोकसभा में गठबंधन पर उन्होंने कहा कि विधायकों की बैठक में कई बातें हुई है। कल फिर झामुमो कार्यकारिणी की बैठक में भी आगे चर्चा होगी। उसके बाद गठबंधन के दलों के साथ भी बातचीत होगी। उसमें सामने आयेगा कि हमसे या दूसरे से कहां चूक हुई। कांग्रेस ने ईमानदारी नहीं निभायी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मीडिया खुद आंकलन कर रही है। वैसे बड़ा सहयोगी होने के कारण झामुमो की भी बड़ी भूमिका थी।

 

विस में गठबंधन पर मतांतर रहा
बैठक में विधानसभा चुनाव में गठबंधन के सवाल पर झामुमो विधायक पूरी तरह बंटे रहे। कुछ विधायकों का कहना था कि गठबंधन होना चाहिए जबकि कुछ का कहना था कि पार्टी को अकेले चुनाव मैदान में जाना चाहिए। गठबंधन के पक्षधर विधायकों का कहना था कि लोकसभा के चुनाव का मूड अलग था, विधानसभा के चुनाव का मूड अलग रहेगा। इसलिए हमें और ताकत से अभी से लग जाना चाहिए। अंतत: यही सहमति भी बनी कि कार्यकारिणी की बैठक में आनेवाले विचारों के बाद पार्टी अंतिम निर्णय लेगी।

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