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रांची (बिनोद ओझा). झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की काे असंबद्ध विधायक के रूप में सदन में रहना पड़ सकता है। स्पीकर रवींद्र नाथ महताे द्वारा बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी के भाजपा में विलय और प्रदीप यादव व बंधु तिर्की के पार्टी समेत कांग्रेस में विलय पर अब तक फैसला नहीं आ पाया है। भारत निर्वाचन आयाेग के फैसले के बाद इन तीनों विधायकों को अब अधिक दिनों तक जेवीएम कोटे में रखना स्पीकर के लिए मुश्किल होगा। वैसे इस मामले में फैसले के लिए विधानसभा की ओर से महाधिवक्ता की राय ली जा रही है।
स्पीकर ने सदन में कहा भी था कि इस मामले में आवश्यक प्रक्रिया कर रहे हैं और महाधिवक्ता की राय मिलने के बाद इस पर फैसला करेंगे। इस बीच भारत चुनाव आयाेग ने बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झाविमाे के भाजपा में विलय काे अपनी मंजूरी देते हुए निर्वाचन अायाेग की सूची से झाविमाे का नाम हटा दिया। इतना ही नहीं, आयाेग ने झाविमाे के सिंबल काे भी फ्रीज कर दिया। अब तत्काल उस सिंबल का काेई उपयाेग नहीं कर पाएगा। इसकी सूचना भी झारखंड विधानसभा काे दे दी गई। ऐसे में सवाल यह खड़ा हाे रहा है कि अब जबकि झाविमाे प्रजातांत्रिक नामक राजनीतिक दल का अस्तित्व नहीं रहा और और इसका सिंबल जब्त हाे गया है, तब इस पार्टी का काेई विधायक कैसे सदन में रह सकता है। इस संबंध में संविधान विशेषज्ञ जेसी मलहोत्रा का कहना है कि जब तक स्पीकर का फैसला नहीं आ जाता, तब तक झाविमाे के तीनाें विधायकाें काे असंबद्ध सदस्य के रूप में सदन में रहना पड़ सकता है।
आयोग के फैसले की जानकारी मिली है, अवलोकन नहीं किया है
भारत निर्वाचन आयाेग द्वारा गत आठ मार्च काे झाविमाे प्रजातांत्रिक के राजनीतिक दल की मान्यता समाप्त करने और उसका सिंबल फ्रीज करने के फैसले में कहीं भी दसवीं अनुसूची का उल्लेख नहीं किया गया। ऐसे में अब इस मामले में विधानसभा सचिवालय क्या कर सकता है या क्या करना चाहिए, इसकाे लेकर विधि विशेषज्ञ की राय लेने की बात हाे रही है। स्पीकर इस मामले में महाधिवक्ता से राय लेंगे। इस संबंध में स्पीकर रवींद्र नाथ महताे ने बुधवार काे बताया कि भारत निर्वाचन आयाेग के फैसले की जानकारी विधानसभा सचिवालय काे मिली है। ऐसी सूचना उन्हें है, लेकिन वे अभी उसका अवलाेकन नहीं कर पाए हैं। आगे की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इस मामले में उन्हें विधि की राय लेनी हाेगी। प्रतिपक्ष के नेता और झाविमाे के अलग-अलग गुट के भाजपा और कांग्रेस में विलय के बारे में पूछे जाने पर भी उन्हाेंने यही कहा कि विधि की राय ली जा रही है।
स्पीकर का निर्णय सभी पक्षों को प्रभावित करेगा
बाबूलाल मरांडी ने पहले बंधु तिर्की और फिर प्रदीप यादव काे झाविमाे प्रजातांत्रिक पार्टी से निष्कासित किया। इसके बाद अपनी पार्टी का भाजपा में विलय करने का निर्णय लिया। इसकी जानकारी बाबूलाल मरांडी ने भारत निर्वाचन आयाेग काे दी। साथ ही झारखंड विधानसभा के स्पीकर काे भी इसकी जानकारी दी। उधर, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के कांग्रेस में विलय की जानकारी भी स्पीकर काे दाेनाें विधायकाें की ओर से दी गई। इसी मामले में स्पीकर ने विधिक राय मांगी है। स्पीकर काे ही निर्णय लेना है। उनका निर्णय सभी पक्षाें काे प्रभावित करेगा।
भाजपा पूरे देश में आंदोलन कर ले : हेमंत
स्पीकर द्वारा बाबूलाल मरांडी के मामले में फैसला नहीं करने पर भाजपा द्वारा 12 मार्च से राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि वह पूरे देश में आंदोलन कर ले। भाजपा को उनकी तरफ से शुभकामना है।
पार्टी का अस्तित्व ही समाप्त हाे गया ताे सदन में उसका विधायक नहीं रह सकता
संविधान विशेषज्ञ सह पूर्व महासचिव लाेकसभा जेसी मल्हाेत्रा भारत निर्वाचन आयाेग ने झाविमाे प्रजातांत्रिक की मान्यता समाप्त करते हुए उसे राजनीतिक दल की सूची से बाहर कर दिया। पार्टी का सिंबल भी जब्त कर लिया गया। ऐसी स्थिति में विधानसभा में झाविमाे के नाम से तीनाें विधायकाें की सीट आवंटित नहीं रह सकती, बल्कि फैसला आने तक तीनाें काे असंबद्ध विधायक घाेषित किया जा सकता है।
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