बयान / महाराष्ट्र में काैमा लगा, झारखंड में हाेगा पूर्ण विराम: मनीष तिवारी

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता एवं सांसद मनीष तिवारी ने की प्रेसवार्ता। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता एवं सांसद मनीष तिवारी ने की प्रेसवार्ता।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता एवं सांसद मनीष तिवारी ने की प्रेसवार्ता।अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता एवं सांसद मनीष तिवारी ने की प्रेसवार्ता।

  • मनीष तिवारी ने कहा- देश की परिस्थिति संवेदनशील, एनडीए ने अर्थ व्यवस्था के परखच्चे उड़ा दिए

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 07:16 PM IST

रांची.  अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता एवं सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा समझती थी वह जहां चाहेगी वहां किसी भी कीमत पर , किसी हद तक सरकार बना लेगी। भाजपा की इस साेच पर महाराष्ट्र में काैमा लग गया जबकि झारखंड में पूर्ण विराम लग जाएगा। मनीष तिवारी बुधवार काे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय रांची में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मनीष तिवारी ने कहा कि देश की परिस्थिति संवेदनशील है। एनडीए ने अर्थ व्यवस्था के परखच्चे उड़ा दिए। प्रधानमंत्री जब दाैरे पर अाते हैं ताे वे कभी इसकी बात नहीं करते। वे विधानसभा चुनाव में दाे बार झारखंड अाए। हर चीज पर भाषण देते हैं लेकिन अर्थ व्यवस्था पर कभी नहीं बाेलते। उन्होंने कहा कि सरकारी अांकड़ाें में जीडीपी भले ही 4.5 फीसदी है लेकिन भाजपा के ंही सांसदाें का मानना है कि यह अांकड़ा 1.50 फीसदी है। विडंबना ताे यह है कि झारखंड के एक वरिष्ठ सांसद का मानना है कि अर्थ व्यवस्था के अांकड़े काे काेई मतलब नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश की गैर भाजपाई सरकारें केंद्र सरकार से जीएसटी का शेयर मांग रही हैं लेकिन केंद्र सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं कि उनके पास पैसा नहीं है। इससे देश के सभी राज्याें की अर्थ व्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्हाेंने कहा कि किसी भी अर्थ व्यवस्था का मूल अाधार इस बात पर निर्भर करता है कि अाम लाेग पैसा बचत कर बैंकाें में जमा करते हैं। बैंक उन पैसाें काे निवेशकाें काे देता है जाे मुनाफा कमाकर सरकार काे टैक्स देते हैं। सरकार उस पैसे का उपयाेग विकास कार्याें पर करती है। कुल मिलाकर अर्थ व्यवस्था का जाे पहिया घूमता है, वह बंद हाे गया है। पिछले पांच साल में छाेटे से छाेटे निवेशक भी भाग गए हैं। इसलिए अर्थ व्यवस्था पर कुप्रभाव पड़ा है।

मनीष तिवारी ने कहा कि यह अजीब स्थिति है कि जाे प्रदेश खनिज पदार्थाें और कुदरती खजानाें से अमीर हाे, वहां लाेग भूखमरी से मरें, किसान अात्म हत्या करें, महिलाएं अपने अाप काे सुरक्षित न समझें, राेजगार के लिए लाेगाें काे पलायन हाे रहा हाे, भ्रष्टाचार चरम पर हाे ताे साफ मतलब है कि वहां की राज्य सरकार की भूमिका ठीक नहीं है। वह बुनियादी जरूरताें काे भी पूरा नहीं कर पा रही है। एनडीए की सरकार पांच साल में राज्य में फेल हाे गई है। कहा कि यह अजीब बात है कि 21 वीं सदी में भी झारखंड में भूख से माैत हाे रही है। इसलिए इस सरकार का बदलाव हाेना चाहिए।

गठबंधन पर बाेलते हुए उन्होंने कहा कि यहां एेसी सरकार की जरूरत है जाे बुनियादी जरूरताें काे पूरा कर सके और यह काम उनकी गठबंधन की सरकार ही कर सकती है। एनआरसी पर कहा कि झारखंड में इसकी जरूरत नहीं बल्कि बुनियादी मुद्दाें पर चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस का एनआरसी पर क्या रूख हाेगा, यह संसद में तय हाेगा। महंगाई पर बाेलते हुए कहा कि प्याज डाॅलर और पाैंड से महंगा हाे गया। यह बताता है कि सरकार सुचारू रूप से इसकी व्यवस्था नहीं कर पाई। कहीं न कहीं इसके मैनेजमेंट में गड़बड़ी है। अब प्याज आयात हाे रहा है। इसमें किसे लाभ पहुंचाया जाएगा यह ताे बाद में ही पता चलेगा।

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