कोर्ट / कोचांग गैंग रेपकांड में फादर अल्फांसो समेत सभी दोषियों को आज सुनाई जाएगी सजा



सजा सुनाए जाने के बाद सभी छह दोषी। सजा सुनाए जाने के बाद सभी छह दोषी।
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सजा सुनाए जाने के बाद सभी छह दोषी।सजा सुनाए जाने के बाद सभी छह दोषी।

  • 11 महीने में आया फैसला, खूंटी सेशन काेर्ट ने आरोपियों को ठहराया दोषी

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 10:41 AM IST

खूंटी (झारखंड). खूंटी काेर्ट ने 11 महीने बाद शुक्रवार को काेचांग गैंगरेप का फैसला सुनाया। दाेषी पाए गए सभी अाराेपियाें काे अाजवीन कारावास की सजा सुनाई गई। पीड़िताओं को न्याय मिला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने सभी अभियुक्तों को 7 मई को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने 17 मई को सजा सुनाने की तिथि का ऐलान भी किया था। इसे देखते हुए शुक्रवार की सुबह से ही कोर्ट परिसर में गहमागहमी की स्थिति थी। पूरे कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। व्यवहार न्यायालय के सभी गेटो पर पुलिस का जबरदस्त पहरा था। एसडीपीओ आशीष कुमार महली समय-समय पर सुरक्षा की स्थिति का जायजा ले रहे थे। सभी अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रस्सियों से घेरकर अदालत में पेश किया गया। 

 

सभी अभियुक्तों को 15 दिन के अंदर किया था गिरफ्तार
फादर अल्फांसो आईंद, जॉन जुनास तिड़ू, बलराम समद, जुनास मुंडा, अयुब सांडी पूर्ति, बाजी समद उर्फ टकला के खिलाफ पीड़िताओं ने 21 जून 2018 को मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही अयूब सांडी पूर्ति अाैर आशीष लोंगा की गिरफ्तारी कर ली गई थी। मामले में सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी 15 दिन के भीतर कर ली गई थी। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय में सुनवाई करते हुए 11 महीनों में सभी दोषियों को सजा शुक्रवार को सुनाई गई। सरकार की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक सुशील जायसवाल ने दलीलें दी। मामले का अनुसंधानकर्ता परमेश्वर प्रसाद थे। इस मामले में कुल 19 लोगों की गवाही हुई थी। अदालत के फैसले के बाद प्रभारी लोक अभियोजक सुशील कुमार जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि त्वरित न्याय अाैर सजा के निर्धारण के आधार पर यह कहा जा सकता है कि समाज में इस तरह के कुकर्मी लोगों का वर्चस्व रहता है। एेसी सजा से वे एक बार सोचने के लिए मजबूर हो जाता है कि इस तरह का अपराध ना तो किया जा सकता है और ना करना चाहिए। यही सजा अन्य अपराधियों की एक सबक सिखाएगा की कोई भी अपराध करने से पहले एक बार सजा के बारे में अवश्य विचार करना चाहिए। प्रभारी लोक अभियोजक ने कहा कि वे इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि अभियोजन साक्ष्य के आधार पर यह कह सकते हैं कि सभी अपराधियों को जो सजा दी गई है, वह समाज के लिए एक उदाहरण है। जिसे इतिहास के रूप में माना जाएगा। 


महज सात मिनट में कर दिया गया सजा का ऐलान
कोचांग सामूहिक रेप कांड के दोषियों को सजा आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायधीश प्रथम राजेश कुमार की अदालत ने संवेदनशीलता की पराकाष्ठा को प्रकट करते हुए, खचाखच भरे अदालत में महज सात मिनट में सजा का ऐलान कर दिया। सजा के ऐलान के बाद न्यायधीश राजेश कुमार ने सामूहिक दुष्कर्म कांड के पीड़िताओं को मुआवजा एवं पुनरुत्थान के लिए मामले को डालसा हस्तांतरित किया है। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों को डालसा के माध्यम से मुआवजा एवं पुनरुत्थान की व्यवस्था की जाएगी। साथ जुर्माने की राशि को भी पीड़िताओं को देने की बात कही है।

 

क्या था मामला 
18 जून 2018 को आशा किरण सेल्टर होम की ओर से नुक्कड़ नाटक मंडली कोचांग स्कूल गयी थी। इन्हें पलायन के मुद्दे पर जागरूकता कार्यक्रम चलाना था। कार्यक्रम शुरू होते ही दो बाइक में सवार हो कर पांच अपराधी आ धमके और नुक्कड़ नाटक मंडली में शामिल पांच महिला सदस्यों समेत आठ लोगो का अपहरण जंगल ले गये थे। उसी दौरान महिला सदस्यों के साथ अपराधियों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। साथ ही उसकी वीडियो भी बना ली थी। दो दिन बाद घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस वहां जाकर पूछताछ की थी तब खुलासा हुआ कि जिस वक्त अपराधी उसके स्कूल पहुंचे थे, तब फादर अल्फोंस आईंद ने सिर्फ अपने सिस्टर को बचाने का ही प्रयास किया था, अन्य लोगों की उन्हें चिंता नही थी। साथ ही इतनी बड़ी घटना के बाद भी फादर अल्फांसो ने पुलिस को सूचना देना जरूरी नहीं समझा। साथ ही नाटक मंडली में शामिल लड़कियों को भी घटना की जानकारी किसी को नहीं देने की हिदायत दी थी। इसी को लेकर उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी। तब उन्हें पीआर बॉड पर छोड़ दिया गया था। लेकिन अगले ही दिन उसे पुलिस ने पुन: गिरफ्तार जेल भेज दिया। तब से ही वह जेल में ही थे। इधर, 14 मार्च 2019 को हाईकोर्ट ने उन्हे सशर्त जमानत दे दी थी एवं प्रत्येक तारीख पर कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया था। सात मई को मामले की सुनवाई के क्रम में उन्हे खूंटी न्यायालय ने दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। मामले के पांच अभियुक्त पहले से ही जेल में थे। 


225 पन्ना में में कोर्ट ने दिया फैसला
225 पन्नों में दिए गए फैसले में काेर्ट ने फादर अल्फांसो आईंद को गैंगरेप में षडयंत्रकारी की भूमिका निभाने पर दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 376 डी व 120बी के तहत आजीवन कारावास अाैर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अपहरण अाैर लड़कियों को निर्वस्त्र करने के आरोप में धारा 354 बी, 365 व 120 बी के तहत 7 वर्ष की सजा के साथ 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। नाटक मंडली के पुरुष सदस्याें काे मारपीट करने अाैर पेशाब पिलाने पर आईपीसी 341, 323 व 120 बी के तहत एक साल की सजा सुनाई है। जॉन जुनास तिडू अाैर बलराम समद को अदालत ने उत्प्रेरक मानते हुए धारा 376डी, 109,111,354 बी, 365, 341 के तहत आजीवन कारावास के साथ एक-एक लाख रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुनास मुंडा, बाजी समद उर्फ टकला अाैर अयुब सांडी पूर्ति को गैंगरेप के मुख्य अभियुक्त मानते हुए 376 डी के अंतर्गत आजीवन कारावास अाैर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया है। उन्हें अपहरण अाैर युवतियाें को निर्वस्त्र करने के आरोप में 7 वर्ष कारावास अाैर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी काेर्ट ने लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 

 

...अाैर सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश ने महाभारत के श्लाेक का जिक्र किया
सजा सुनाने से पहले जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार ने महाभारत के एक श्लोक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाभारत में कहा गया है कि दंड ही ऐसी व्यवस्था है, जिससे सामाजिक बुराइयाें को कंट्रोल किया जा सकता है। अंधेरे में भी अपराध करते हुए अपराधी डरता है कि अगर पकड़े गए तो दंड मिलेगा। सामूहिक गैंगरेप पर टिप्पणी करते हुए उन्हाेंने कहा कि अभियुक्तों ने इस तरह का जघन्य अपराध करते हुए रूल ऑफ लॉ को चैलेंज किया है, जो क्षमायोग्य नहीं है। काेर्ट ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर की एक पंक्ति-इन जस्टिस एनीवेयर इज थ्रेट फॉर एवरी व्हेयर का भी जिक्र किया। कहा-मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने कहा था कि अगर अन्याय कहीं भी हो रहा है तो किसी भी न्याय के लिए खतरा है।

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