सफलता / खूंटी में सक्रिय पांच माओवादी समर्थक गिरफ्तार, हथियार व माओवादी बैनर जब्त



प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एसपी आलोक। प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एसपी आलोक।
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प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एसपी आलोक।प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एसपी आलोक।

  • गिरफ्तार माओवादी समर्थकों ने कई कांडो में शामिल होने की बात स्वीकारी

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 05:56 PM IST

खूंटी. खूंटी पुलिस ने नक्सली गतिविधि में शामिल व मारंगहादा इलाके में डेढ़ साल से सक्रिय पांच माओवादी समर्थकों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार नक्सलियों में ओमटो निवासी सुखदेव मुंडा उर्फ मंगरा मुंडा, मारंगहादा निवासी समीर नाग उर्फ बिरसा नाग, करम सिंह नाग उर्फ सोमा नाग, पीड़िहातू निवासी कंदरा मुंडा उर्फ गांजा तथा सालेहातू निवासी नारदे मुंडा उर्फ हाका उर्फ बुधराम उर्फ बुधुवा शामिल है। सभी की उम्र 19 से 21 वर्ष के बीच है। इस संबंध में खूंटी पुलिस अधीक्षक आलोक ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी।

 

गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर किया गिरफ्तार
पुलिस ने इन लोगो के पास से एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, 35 पैकेट कंडोम, 15 मोबाईल चार्जर, आपाची बाइक तथा प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का बैनर बरामद किया है। एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना पर मारंगहादा थाना क्षेत्र के ओमटो में छापेमारी की गयी। इस छापेमारी में उक्त पांचों नक्सली पकड़े गये। छापेमारी अभियान का नेतृत्व एसडीपीओ आशीष महली एवं पुलिस इंस्पेक्टर राजेश प्रसाद रजक कर रहे थे। एसपी ने बताया कि पकड़े गये लोगो ने कई चौकाने वाले खुलासे किये हैं। 

 

मारंगहादा इलाके में डेढ़ साल में जितने अपराध हुए उनमें इनका हाथ
एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार नक्सलियों ने बताया है कि मारंगहादा इलाके में पिछले डेढ़ साल के अंदर जितने भी अपराध हुए हैं सभी में इनका हाथ है। एसपी ने बताया कि इस नक्सली दस्ते में 12-14 लोगों का गैंग है। सभी युवा हैं। नक्सली पोस्टर साटने से लेकर हत्या एवं लूट की घटना को अंजाम देने में शामिल रहे हैं। एसपी ने बताया कि पारा टीचर सनिका मुंडा पर जानलेवा हमला करने तथा सामू मुंडा हत्याकांड में इस गैंग का हाथ था। एसपी ने बताया कि मारंगहादा इलाके में कई केस अब तक अन डिडेक्ट थे। इस नक्सली गैंग के गिरफ्त में आने के बाद कई केस सुलझ गये। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों ने पहले खुद का गैंग बनाया था। लेकिन बाद में माओवादियों के प्रभाव में आकर उनके संपर्क में चला गए। तब से इस गैंग ने पुलिस को चकमा देकर एक के बाद एक लूट, लेवी व हत्या के वारदात को अंजाम दिया है। 

 

अफीम की खेती करने से मना करने पर मारा गया था सामू मुंडा 
तिलमा गांव के सामू मुंडा को अफीम की खेती नहीं करने की सलाह ग्रामसभा में देना महंगा पड़ गया। गिरफ्तार नक्सली गैंग ने सामू को बीते साल सितंबर में सिर्फ इसलिए मार डाला था कि उसने ग्रामसभा में अफीम की खेती नहीं करने की सलाह ग्रामीणों को दी थी। इसी के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी। एसपी आलोक ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली गैंग में शामिल लोगों ने स्वीकारा है कि सामू मुंडा ग्रामसभा के माध्यम से अफीम की खेती नहीं करने की सलाह ग्रामीणों को दी थी। हत्या पीड़िहातू में की गयी थी। इससे स्पष्ट है कि अफीम की खेती के पीछे कितना बड़ा रैकेट काम कर रहा है।

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