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खोज / दो छात्राओं ने बनाई ऐसी डिवाइस, जो साउंड पॉल्यूशन से करेगी बिजली का उत्पादन

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 10:13 AM IST


मॉडल के साथ अाकांक्षा और खुशी रानी। मॉडल के साथ अाकांक्षा और खुशी रानी।
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मॉडल के साथ अाकांक्षा और खुशी रानी।मॉडल के साथ अाकांक्षा और खुशी रानी।
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  • 50 हजार में से 200 मॉडल चुने गए, इनमें झारखंड का भी एक मॉडल 

खूंटी. साउंड पॉल्यूशन से अब बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। शोर-शराबा से परेशान महानगर अब स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक सिग्नल जलाने में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। यह कमाल डीएवी खूंटी की दो छात्राओं ने अपने आविष्कार से किया है। खुशी रानी और आकांक्षा साहा ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो तेज आवाज को तुरंत ऊर्जा में बदल देती है। सड़कों पर ये डिवाइस काफी कारगर है, जो वाहनों की तेज ध्वनियों और हॉर्न को लगातार बिजली में परिवर्तित करती रहेगी। नीति आयोग ने अक्टूबर 2018 में यह ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई थी। इसमें 50 हजार स्टूडेंट्स ने मॉडल भेजे। देशभर के सर्वश्रेष्ठ 200 मॉडल को चुना गया। इनमें खूंटी की छात्राओं का मॉडल भी था। 

ताली बजने से भी एक्टिव हो जाती है यह डिवाइस

  1. डीएवी खूूंटी के प्रिंसिपल टीपी झा ने बताया कि महानगरों में अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से इंसानों के साथ पशु-पक्षियों पर भी काफी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में यह आविष्कार ऊर्जा उत्पादन व संरक्षण को बढ़ावा देने में काफी मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि ताली बजाने से भी यह डिवाइस एक्टिव हो जाती है। इस प्रतियोगिता में देशभर के उन स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनके पास भारत सरकार द्वारा प्रदत्त अटल टिकरिंग लैब है। 

  2. खुशी व आकांक्षा ने संकट के बीच समाधान ढूंढ़ा

    डीएवी खूंटी के फिजिक्स टीचर एम गौरी शंकर और जेबी मलिक ने बताया कि खुशी और आकांक्षा ने अपने मॉडल से ऊर्जा उत्पादन की एक नई राह दिखाई है, जिससे जिले के साथ पूरे राज्य का नाम रोशन हुआ है। देशभर में जहां ऊर्जा की नई संभावनाओं पर काम हो रहा है, दोनों छात्राओं ने अपनी डिवाइस के जरिए संकट के बीच समाधान ढूंढ़ने का काम किया है। शिक्षकों ने बताया कि इन्होंने दिन-रात लगकर मॉडल तैयार किया, जिसमें शिक्षकों-छात्रों ने भी मदद की।

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