झारखंड विस चुनाव / कुंदन पाहन झापा का ही प्रत्याशी बना, सिंबल भी मिल गया

Kundan Pahan became the candidate of Jhapa, Symbol was also found
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Kundan Pahan became the candidate of Jhapa, Symbol was also found

  • निर्वाचन विभाग, रिटर्निंग ऑफिसर और एनोस एक्का के बीच उलझी रही सिंबल वापसी की चिट्‌ठी
  • घोषणा करने के बाद भी पार्टी अध्यक्ष कुंदन का टिकट नहीं रोक पाए

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2019, 03:30 AM IST

बुंडू/रांची. चर्चित पूर्व नक्सली कुंदन पाहन तमाड़ विधानसभा सीट से झारखंड पार्टी (एनोस) के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेगा। शुक्रवार को तमाड़ के निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडलाधिकारी ने उसे झारखंड पार्टी (एनोस) का प्रत्याशी घोषित कर पार्टी द्वारा मांगे गए चुनाव चिन्ह फल भरा हुआ टोकरी आवंटित कर दिया है। कुंदन पाहन के नामांकन के समय झापा अध्यक्ष एनोस एक्का ने कहा था कि कंफ्यूजन में कुंदन को सिंबल दिया गया। उनके मुताबिक सिंबल वापसी की चिट्‌ठी भी चुनाव आयोग को भेजी गई, मगर निर्वाचन विभाग और रिटर्निंग अफसर के बीच ये फंसी रही और कुंदन को सिंबल भी जारी हो गया।
 

सिंबल भगत ने दिया, वापसी की चिट‌्ठी एनोस ने लिखी, आयोग ने माना नहीं

कुंदन पाहन को झापा द्वारा टिकट दिए जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद झापा अध्यक्ष एनोस एक्का ने टिकट वापस लेने का औपचारिक एलान किया था। उन्होंने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा। मामले ने नया मोड़ लिया। एनोस ने फॉर्म ए के माध्यम से पार्टी के महासचिव अशोक कुमार भगत को झारखंड विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने के लिए अधिकृत किया था। फार्म बी के माध्यम से भगत ने झारखंड में कई प्रत्याशियों को टिकट बांटे। तमाड़ विधानसभा क्षेत्र के लिए जेल में बंद कुंदन पाहन को झापा का टिकट दिया। नामांकन के दिन झापा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी पार्टी ने कुंदन पाहन को दिया गया टिकट वापस ले लिया है। झापा अध्यक्ष एनोस एक्का ने अपने लेटर हेड पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, को पत्र लिखकर कुंदन पाहन को पार्टी का टिकट नहीं देने का निर्णय बताया। पत्र की प्रति राजेश कुमार साह निर्वाची पदाधिकारी, बुंडू को भी दी गई।

निर्वाची पदाधिकारी राजेश कुमार साह ने भास्कर को बताया कि झापा से टिकट बांटने के लिए पार्टी के महासचिव अशोक कुमार भगत अधिकृत हैं। टिकट वापस लेने के संबंध में भगत का कोई पत्र नही आया। साथ ही झापा अध्यक्ष द्वारा चुनाव आयोग को दिए पत्र और फॉर्म ए में अशोक कुमार भगत को अधिकृत किये गए पत्र के हस्ताक्षर में असमानता है। झारखंड पार्टी द्वारा पत्र का हार्ड कॉपी निर्वाची पदाधिकारी ,बुंडू को नहीं दिया गया है। चुनाव नियमावली के अनुसार एनोस एक्का द्वारा जारी पत्र का कोई निर्णय नही लिया जा सकता क्योंकि फॉर्म ए के माध्यम से झापा अध्यक्ष ने अशोक कुमार भगत को अधिकृत कर दिया था। इस मामले में जब सीईओ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं आरो के फैसले पर टिप्पणी नहीं करूंगा।

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