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बानादाग कोल डंपिंग यार्ड पर कोयला ढुलाई कार्य हुआ बंद

कटकमदाग प्रखंड के बानादाग कोल डंपिंग यार्ड पर बीकेबी कंपनी का कोयला ढुलाई का कार्य बंद कर दिए जाने की सूचना है।...

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 02:00 AM IST
कटकमदाग प्रखंड के बानादाग कोल डंपिंग यार्ड पर बीकेबी कंपनी का कोयला ढुलाई का कार्य बंद कर दिए जाने की सूचना है। पिछले तीन दिनों से कोल डंपिंग यार्ड पर हाईवा का परिचालन ठप है। हालांकि कोयला ढुलाई कार्य बंद होने की सूचना कंपनी ने अधिकारिक रुप से नहीं की है। लेकिन डंप यार्ड पर काम करने वाले कर्मियों ने फिलहाल कोयला ढुलाई का कार्य बंद होने की बात कही है।

कोयला ढुलाई कार्य ठप होने से जहां एक ओर हाइवा मालिकों पर आर्थिक संकट गहराता नजर आ रहा है, वहीं कंपनी से कटकमदाग-बानादाग के जिन भूरैयतों को निजी सड़क मार्ग के लिए लाखों रुपए मुआवजा मिल रहा था उनमें मायूसी छा गई है।

मालूम हो कि टंडवा आम्रपाली में खनन होने वाले कोयला को बीकेबी कंपनी द्वारा हाईवा से बानादाग कोल डंप पर लाने का कार्य किया जा रहा था। जहां से एनटीपीसी द्वारा मालगाड़ी से कोयला को बिहार के बाढ़ विद्युत ताप परियोजना भेजा जाता है। बानादाग कोल डंप पर बीकेबी कंपनी के अलावा त्रिवेणी सैनिक कंपनी व प्रकाश ट्रांसपोर्ट द्वारा संयुक्त रुप से बड़कागांव से कोयला ढुलाई का कार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब बीकेबी कंपनी का कोयला ढुलाई कार्य त्रिवेणी सैनिक द्वारा किया जाएगा।

कैसे बंद हुआ बीकेबी का कार्य : बानादाग कोल डंपिंग यार्ड पर सबसे पहले बीकेबी कंपनी द्वारा टंडवा आम्रपाली से सिमरिया होते कोयला लाने का कार्य शुरू किया गया। पूर्व में कंपनी के सभी हाईवा बानादाग गांव होते हुए डंप पर पहुंचता था। प्रदूषण व आकस्मिक घटना को देखते हुए कंपनी ने बानादाग व कटकमदाग के भूरैयतों से लीज पर जमीन लेकर बानादाग मुख्य सड़क से खेत होते हुए डंपिंग यार्ड तक सड़क बनवाया गया। इसके लिये कंपनी द्वारा भूरैयतों को सामूहिक रूप से प्रत्येक माह लाखों रुपये मुआवजा दिया जा रहा था। बाद में बड़कागांव पकरी-बरवाडीह से कोयला ढुलाई का कार्य प्रकाश ट्रांसपोर्ट द्वारा शुरू किया गया। बड़कागांव में एनटीपीसी का कोयला खनन कार्य त्रिवेणी सैनिक कंपनी द्वारा किया जा रहा है।

इसी कंपनी के माध्यम से कोयला ढुलाई का कार्य भी किया जाने लगा। दोनों कंपनी के बीच पिछले कुछ महीने से कोयला ढुलाई को लेकर वर्चस्व चल रहा था। एनटीपीसी द्वारा प्रत्येक छह माह में कोयला ढुलाई का लक्ष्य पूरा किए जाने के बाद आगे कंपनी का कार्य के लिए रेनुअल होता है।

पिछले तीन-चार माह से बीकेबी कंपनी में हाईवा परिचालन काफी प्रभावित रहा। नोइंट्री का समय बढ़ाने व यातायात पुलिस पदाधिकारियों द्वारा नियमित हाईवा कागजात का जांच पड़ताल के कारण कोयला ढुलाई प्रभावित होता रहा। जिसके कारण लक्ष्य के अनुसार कोयला ढुलाई नहीं हो पा रहा था। इधर त्रिवेणी सैनिक द्वारा ओवरलोड हाईवा चलवाकर लक्ष्य अनुसार डंप तक कोयला पहुंचा दिया जा रहा था। त्रिवेणी सैनिक कंपनी एनटीपीसी से काफी नजदीक होने के कारण बीकेबी का कार्य उन्हें दिए जाने की भी बात कही जा रही है।