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आय दुगुनी करने काे कृषकों को दिए गए टिप्स

प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला कृषि पशुपालन एवं सहकारिता...

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 02:25 AM IST
प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार के निर्देश पर आयोजित किया गया था। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी देवदत्त पाठक ने की। इस अवसर पर उपस्थित प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने किसानों की आय दुगुना करने के उद्देश्य कई कल्याणकारी योजनाएं लागू किया है। इसका आपलोग लाभ उठाएं। इस दौरान कृषि के क्षेत्र में बीज विनिमय एवं वितरण कार्यक्रम, कृषि मेला, कार्यशाला प्रदर्शनी, प्रशिक्षण, भ्रमण, प्रोत्साहन, विशेष फसल योजना, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एवं अभिकरण, भूमि संरक्षण, राज्य बागवानी मिशन, उद्यान पशुपालन, इंटीग्रेटेड पोस्ट हार्वेस्ट व मैनेजमेंट से संबंधित जानकारी किसानों को दी गई। खेतों की मिट्टी की जांच कराने एवं जैविक खाद का प्रयोग करने पर बल दिया गया। सहकारिता पदाधिकारी राजेंद्र प्रसाद, प्रखंड समन्वयक लघु कुटीर उद्योग अभिषेक कुमार गुप्ता, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरविंद पांडेय समेत कई लोगों ने किसानों को अपनी बेहतरी के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्रशिक्षण देकर जागरूक करना है, ताकि मत्स्य पालन, बकरी पालन, सूअर पालन, फलों की खेती, फूल की खेती समेत विभिन्न प्रकार की खेती से अपनी आमदनी किस प्रकार बढ़ा सके, इसकी जानकारी दी गई। कार्यक्रम को प्रमुख फिरोज अहमद, प्रधान सहायक अरुण गहलौत ने भी संबोधित किया। मौके पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

बरवाडीह | जिला उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रखंड मुख्यालय के कौशल विकास भवन में कृृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। मौके पर उपस्थित जिप अध्यक्ष सुनीता कुमारी, प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी व बीडीओ दिनेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यशाला में उपस्थित किसानों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा किसानों की आय दुगुनी करने को लेकर भी पदाधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श किया गया।