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बिजली-पानी के लिए झाविमो का धरना 21 को

भास्कर न्यूज | झुमरी तिलैया सरकार की नीतियों के कारण पत्थर उद्योग तहस-नहस हो गई है। सरकार की नीतियों का विरोध...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:20 AM IST
भास्कर न्यूज | झुमरी तिलैया

सरकार की नीतियों के कारण पत्थर उद्योग तहस-नहस हो गई है। सरकार की नीतियों का विरोध भाजपा पार्टी के कार्यकर्ता भी कर रहे है। यह बातें झाविमो केंद्रीय महासचिव खलिद खलील ने झुमरी तिलैया ब्लाॅक रोड स्थित साहू भवन में पार्टी जिलाध्यक्ष बेदू साव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में कही। उन्होंने कहा की रघुवर सरकार प्रदेश में बेरोजगारी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेवार है। पत्थर खदानों, क्रशर उद्योग से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। केंद्रीय सचिव सह कोडरमा प्रभारी सुरेश साव ने कहा की प्रदेश भर में बिजली,पानी की लचर व्यवस्था के खिलाफ लोग सड़क पर उतर रहे हैं। लेकिन सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं होने के कारण बिजली-पानी की समस्या विकराल रुप धारण कर चुकी है। पार्टी के केन्द्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मण स्वर्णकार ने कहा कि प्रदेशभर में गरीब-किसान, मजदूर, पारा शिक्षक, बेरोजगार सरकार से खफा है। जिलाध्यक्ष बेदू साव ने बैठक में सर्वसम्मति से लिए गये फैसले की जानकारी देते हुए कहा की पार्टी की ओर से क्रशर, ढि़बरा, बिजली-पानी समेत ज्वलंत सवालों को लेकर 21 मई को जिला समाहरणालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर केन्द्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। बैठक में केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुनील यादव, सरवर खान, सुखदेव यादव, नगर अध्यक्ष अशद खान, इस्माइल उद्दीन, राजेंद्र पांडेय, प्रकाश मेहता, राजीव रंजन शुक्ला, जगदीश दास आदि लोग मौजूद थे।