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ओम नमः शिवाय गीत... पर देवघर के संजीव ने किया कथक नृत्य

जिला स्थापना दिवस पर गुरुवार को शंख महोत्सव की शुरुआत बीएस कॉलेज स्टेडियम में शाम 7 बजे हुई। ओम नमः शिवाय गीत पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:25 AM IST

ओम नमः शिवाय गीत... पर देवघर के संजीव ने किया कथक नृत्य
जिला स्थापना दिवस पर गुरुवार को शंख महोत्सव की शुरुआत बीएस कॉलेज स्टेडियम में शाम 7 बजे हुई। ओम नमः शिवाय गीत पर कत्थक नृत्य कर देवघर के कत्थक नृतक संजीव परिहस्त ने अपनी टीम के कार्यक्रम की शुरुआत की। इनके अलावा मुम्बई से पहुंचे बॉलीवुड कलाकार आदित्य नारायण व बॉलीवुड संगीतकार सुमेधा ने भी देर रात तक जलवा बिखेरा। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, विधायक सुखदेव भगत, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश चंद्रप्रकाश अस्थाना, डीसी विनोद कुमार, एसपी राजकुमार लकड़ा, नप अध्यक्ष अनुपमा भगत, 20 सूत्री उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, समाजसेवी सीताराम शर्मा ने संयुक्त रूप दीप जलाकर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि लोहरदगा का अपना एक अलग इतिहास रहा है। यहां की गंगा-जमुनी तहजीब हमेशा एक दूसरे में प्यार भरती रही है। यही कारण है कि यहां हमेशा से भव्य आयोजन सफल होते रहे हैं। कहा जिले के विकास में उनका आगे भी भरपूर सहयोग रहेगा। जिला स्थापना पर इस तरह के आयोजन से लोगों में उत्साह का संचार होता है। इसके अलावा अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर काफी संख्या में जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित काफी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ रही।

डिवाइन स्पार्क पब्लिक स्कूल में मना स्थापना दिवस

लोहरदगा | शहर के एमजी रोड स्थित डिवाईन स्पार्क पब्लिक स्कूल में गुरुवार को जिला स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि विद्यालय के संचालक वीके बालांजिनप्पा ने कहा कि आईने अकबरी में लोहरदगा को किस्मते लोहरदगा तथा जैन साहित्य में लोहरगंज के नाम से जाना जाता था। लोहरदगा शहर 1833 में अस्तित्व में आया। लोहरदगा नगरपालिका की स्थापना 1 जुलाई 1888 में हुई थी। लोहरदगा जिला रांची से विभाजित होकर 17 मई 1983 में बना है। बिरसा मुंडा ने प्रथम मुंडा जनजातीय साम्राज्य की स्थापना कर झारखंड में सात गढ़ एवं इक्कीस परगना बनाया। जिसमें प्रथम गढ़ लोहागढ़ लोहरदगा को लोहंडीह के नाम से प्रसिद्ध हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य चन्द्रशेख ने बताया कि लोहरदगा एक ऐसा जिला है जो किसी भी राज्य को संपर्क नहीं करता है। इस मौके पर शोभा विश्वकर्मा, नवीस, उसमान, जूही, जुबेदा, सुमन, महवीस आदि मौजूद थे।

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