• Home
  • Jharkhand News
  • Ranchi
  • News
  • बिचौलिए से पर्चा वितरण करने के विरोध में पंचखेरो जलाशय के विस्थापितों का अनिश्चितकालीन धरना
--Advertisement--

बिचौलिए से पर्चा वितरण करने के विरोध में पंचखेरो जलाशय के विस्थापितों का अनिश्चितकालीन धरना

प्रखंड के पंचखेरो जलाशय योजना के विस्थापितों ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता रघुनंदन प्रसाद यादव द्वारा...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:30 AM IST
प्रखंड के पंचखेरो जलाशय योजना के विस्थापितों ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता रघुनंदन प्रसाद यादव द्वारा 49 विस्थापितों में से 13 विस्थापितों के बीच बिचौलिए के माध्यम से पैसे लेकर विस्थापन पर्चा वितरण करने के विरोध में गुरुवार से भाजपा के बैनर तले प्रखंड मुख्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है।

धरना कार्यक्रम का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि सदानंद वर्मा, भाजपा प्रखंड उपाध्यक्ष मनोज पासवान कर रहे थे। सदानंद वर्मा ने बताया की सरकार के आदेश के अनुसार 49 विस्थापित परिवारों को मिलने वाली भूमि पट्टा के पत्र विकास पुस्तिका व मुआवजा राशि के चेक को स्थानीय प्रतिनिधि व विस्थापन समन्वय समिति की मौजूदगी में कैंप लगा कर वितरण किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं कर कार्यपालक अभियंता ने लोगों को एक-एक कर अपने आवास पर बुला कर बिचौलियों के माध्यम से पैसे लेकर जैसे तैसे पत्रों का वितरण कर देने का आरोप लगाया है।

उन्होंने इस कदम को सरकार के आदेश का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा घोषित किए गए 13 विस्थापित परिवार के आदेश को रद्द करते हुए सभी 49 परिवारों को एक साथ विस्थापित घोषित करते हुए एक साथ कैम्प लगाकर विधायक व समन्वयक समिति के सदस्यों की मौजूदगी में विस्थापन प्रमाण पत्र का वितरण करने की मांग की है। साथ ही विस्थापितों के बीच प्लॉटिंग कर जमीन का वितरण करने आदि मांग शामिल है। मौके पर भाजपा युवा महामंत्री सिकंदर कुमार वर्मा, मिथिलेश कुमार, गोविंद महतो, मुरारी पासवान, कामदेव वर्मा, अजीत प्रसाद वर्मा, महावीर वर्मा, पिंटू कुमार वर्मा, सोबरण महतो, तेजो महतो सहित दर्जनों महिला पुरुष मौजूद थे।

विस्थापितों का आरोप गलत : ईई

विभाग के कार्यपालक अभियंता रघुनंदन प्रशाद यादव ने विस्थापितों के आरोप को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भूअर्जन अभिलेख संख्या दो और तीन- 2008 के अनुसार सरकार ने जांच के बाद 2017 में 49 विस्थापित परिवारों में से कुल 13 परिवारों को विस्थापित घोषित किया है। उन परिवारों का एक वर्ष पूर्व विस्थापन प्रमाण पत्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार से जिस तरह से वितरण करने का आदेश मिलेगा उसी तरह प्रमाण पत्र का वितरण कर दिया जाएगा।