Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को इसी दिन चार धामों में एक बद्रीनाथ के पट खुलते हैं

अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को इसी दिन चार धामों में एक बद्रीनाथ के पट खुलते हैं

भारतीय मनीषियों ने जो व्रत बनाए हैं, उनका मूल उद्देश्य व्यक्ति और समाज को पथ भ्रष्ट होने से बचाना है। भारतीय गणना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:25 AM IST

अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को 
इसी दिन चार धामों में एक बद्रीनाथ के पट खुलते हैं
भारतीय मनीषियों ने जो व्रत बनाए हैं, उनका मूल उद्देश्य व्यक्ति और समाज को पथ भ्रष्ट होने से बचाना है। भारतीय गणना के अनुसार चार स्वयं सिद्ध मुहूर्त हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा एवं दीपावली। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का व्रत मनाया जाता है, जो अपने आप में महत्वपूर्ण है।

सतयुग-त्रेतायुग का आरंभ इसी दिन से हुआ है : इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 18 अप्रैल को मनाया जाएगा। इसी दिन परशुराम जी का जन्मदिन भी मनाया जाता है। सतयुग-त्रेतायुग का आरंभ, भगवान विष्णु का अवतार, द्वापरयुग का समापन, गंगा का आगमन और बद्रीनाथ का कपाट खुलने का भी यह दिन है।

आचार्य प्रणव मिश्र, अरगोड़ा, रांची

इस वर्ष कृतिका नक्षत्र में सौभाग्य योग, आयुष्मान योग सर्वार्थ सिद्धि योग से 24 घंटे तक कर सकते हैं खरीदारी

हर प्रकार का शुभ कार्य किया जा सकता है :अक्षय तृतीया के अवसर पर किसी भी प्रकार का शुभ कार्य किया जा सकता है। कोई नई वस्तु खरीदना हो, विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत, गृहप्रवेश आदि के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस दिन किया गया दान या पूजा का अक्षय फल प्राप्त होता है। पितर संबंधी भी कार्य किए जा सकते हैं।

कई उत्तम संयोग लेकर आ रहा है :इस वर्ष इस पावन पर्व पर उनके शुभ योग बन रहे हैं। कृतिका नक्षत्र के सौभाग्य योग, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। तृतीया पूरे दिन भर है। यह 18 अप्रैल को रात्रि 3 बजे तक रहेगा।

नदी में स्नान का विशेष महत्व है :किसी पवित्र नदी या जल में स्नान और दान का विशेष महत्व है। साथ में भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता का पूजन, कमल फूल और गुलाब फूल का अर्पण करके किया जाता है। वस्तुत: अक्षय तृतीया संस्कार भरने का दिन है।

हर खरीदारी आपको देगी बरकत

अक्षय का अर्थ होता है, जो कभी न खत्म हो। इसलिए इस दिन आप जो भी वस्तु खरीदते हैं उसमें ईश्वर की कृपा से कई गुना इजाफा होता है। इस बार पूरे 24 घंटे का शुभ मुहूर्त रहेगा। सोने-चांदी की खरीदारी के साथ वाहन, जमीन, घर, नए कपड़े खरीद सकते हैं। इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व है।

विभिन्न राशियों पर प्रभाव

मेष राशि : सोना, पीतल, तांबा खरीद और दान कर सकते हैं। वृष : चांदी सफेद वस्तु खरीद और शर्बत का दान कर सकते हैं। मिथुन राशि : सोना, पीतल और मूर्ति खरीद और दान कर सकते हैं। कर्क राशि : चांदी के बर्तन, सिक्का, आभूषण खरीद और दूध का दान कर सकते हैं। सिंह राशि : सोना, तांबा और फल खरीद और दान कर सकते हैं। कन्या राशि : चांदी, पीतल, वस्त्र और सब्जी खरीद और दान कर सकते हैं। तुला राशि : चांदी सिक्का, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीद और दान कर सकते हैं। वृश्चिक राशि : सोना, पीतल और चना खरीद-दान कर सकते हैं। धनु राशि : चांदी के बर्तन, सिक्का खरीद-दान कर सकते हैं। मकर राशि : सोना, लोहा और जल उपकरण खरीद-दान कर सकते हैं। कुंभ राशि : सोना, चांदी के सिक्के और वाहन खरीद-दान कर सकते हैं। मीन राशि : सोना, धार्मिक पुस्तक खरीद-दान करें।

Get the latest IPL 2018 News, check IPL 2018 Schedule, IPL Live Score & IPL Points Table. Like us on Facebook or follow us on Twitter for more IPL updates.
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Ranchi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को इसी दिन चार धामों में एक बद्रीनाथ के पट खुलते हैं
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0
    ×