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6 माह से हज कमेटी बनी नहीं, एक अगस्त से कैसे शुरू होगा पाक सफर, आजमीन परेशान, कई काम अब भी पड़े हैं पेडिंग

1 अगस्त से हजयात्रा शुरू होगी। लेकिन, अभी तक हज कमेटी का गठन ही नहीं हुआ है। हाजी मंजूर अहमद अंसारी की अध्यक्षता...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:40 AM IST

1 अगस्त से हजयात्रा शुरू होगी। लेकिन, अभी तक हज कमेटी का गठन ही नहीं हुआ है। हाजी मंजूर अहमद अंसारी की अध्यक्षता वाली कमेटी का कार्यकाल 17 अक्टूबर 2017 को ही खत्म हो गया था। छह माह हो गए, अब तक नई कमेटी का गठन सरकार ने नहीं की है। वहीं, तीन माह पहले हज कमेटी के सीईओ नुरुल होदा भी 31 जनवरी को रिटायर हो गए। नुरुल होदा किसी तरह हज फॉर्म भरवा गए। बिना कमेटी के झारखंडवासियों का हज का पाक सफर कैसे पूरा करेंगे, आजमीन परेशान हैं। हजयात्रा को लेकर कई काम पेंडिंग में पड़े हुए हैं।

हज कमेटी का कार्यकाल 17 अक्टूबर 2017 को ही खत्म हो गया, सीईओ 31 जनवरी को रिटायर हो गए

मई के पहले सप्ताह आ रहे हैं एयरवेज के प्रभारी, पर बड़ा सवाल है कि वे किससे बात करेंगे

1 से 15 तक होगी हजयात्रा

1 से 15 अगस्त के बीच सूबे से मक्का जाना शुरू हो जाएगा। इसके लिए हर यात्री को दो किस्तों में पैसे जमा करने पड़ते हैं। इसे बैंक में जमा कर रसीद आवेदन के साथ हज कार्यालय में जमा करनी होती है।

कमेटी में 13 सदस्य

मई के पहले सप्ताह नेस एयरवेज के भारत प्रभारी रांची आएंगे। पर, वे हज यात्रा के संबंध में किससे बातचीत करेंगे। खुर्शीद हसन रूमी ने बताया कि हज कमेटी में अध्यक्ष समेत 13 सदस्य होते हैं।

दूसरी किस्त आजमीन को करना है जमा

सेंट्रल हज कमेटी ने हज यात्रा की दूसरी किस्त 23 मई तक जमा करने की घोषणा की है। रांची से जाने वाले ग्रीन कैटेगरी के आजमीन 2,04450 रुपए और कोलकाता से जाने वालों को 1 लाख, 88 हजार, 900 रुपए, वहीं अजीजिया कैटेगरी के रांची से जाने वाले 1,70,300 और कोलकाता से जाने वाले 1,54,750 जमा करने होंगे। मदीना में ठहरने और कर चार्ज अलग देने होंगे। झारखंड के 2100 यात्री रांची एयरपोर्ट से, तो 700 आजमीन कोलकाता से उड़ान भरेंगे।

एक कमरे में चल रहा कमेटी का दफ्तर

ऑड्रे हाउस के महज एक कमरे में राज्य हज कमेटी का कार्यालय चलता है। कई सालों से महज दो ही स्थाई कर्मचारी हैं। उनके सहयोग के लिए 2 अस्थाई कर्मचारी हैं। इन चार लाेगों के सहारे आजमीन को हज पर भेजे जाने का काम हो रहा है। इस मर्तबा ऑनलाइन फॉर्म भरवाए गए।

कमेटी गठित नहीं होने से हजयात्रियों को परेशानी

आजमीन-ए-हज को फॉर्म भरवाने में परेशानी पैसा बैंक में जमा कैसे होगा, पता नहीं चल रहा हजयात्रियों की ट्रेनिंग की कोई सूचना नहीं है।

सैकड़ों वोलेंटियर्स यात्रियों को भेजने से लेकर उनके आने तक उनकी सेवा में सक्रिय रहते हैं। कमेटी और सीईओ की अनुपस्थिति में इस बार अकीदतमंदों को संकट का सामना करना पड़ेगा। -निहाल अहमद, महासचिव, मरहबा ह्यूमन सोसाइटी

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