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अपनी क्रिएटिविटी दिखा नगमा हसन बनी मधुरिमा बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट क्वीन, सुष्मिता मंडल रहीं फर्स्ट रनरअप

कहते हैं रचनात्मकता और उम्र का कोई संबंध नहीं होता है। यदि आपकी प्रवृति रचनात्मक है, यदि आप लीक से हट कर कुछ अलग...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:40 AM IST
कहते हैं रचनात्मकता और उम्र का कोई संबंध नहीं होता है। यदि आपकी प्रवृति रचनात्मक है, यदि आप लीक से हट कर कुछ अलग सोचते हैं या कुछ अलग करने का प्रयास करते हैं, तो न सिर्फ आप सफल होते हैं बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा भी बनते हैं। ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला सोमवार को द होटल काव्स में आयोजित दैनिक भास्कर बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट कांटेस्ट में। जहां 14 साल से लेकर 80 साल की महिलाओं ने भाग लिया और अपनी क्रिएटिविटी से ज्यूरी को भी सोचने पर विवश कर दिया। कुछ प्रतिभागियों ने जहां अपनी क्रिएटिविटी के माध्यम से पर्यावरण बचाने और ग्रीनरी का संदेश दिया, वहीं कुछ प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने बेकार पड़ी चीजों का ऐसे इस्तेमाल कर बताया, मानो वो इसी उपयोग के लिए बनी हों।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनकी रही भूमिका - इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हॉस्पिटैलिटी पार्टनर द काव्स रेस्टोरेंट, सिल्वर लाइनिंग की हर्षिता सिन्हा तथा एंकर निहारिका आनंद की अत्यंत सराहनीय भूमिका रही। सबकी मदद से कार्यक्रम को सफल बनाने में हमें कामयाबी मिली।

ज्यूरी में शामिल सदस्यों ने कहा प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं



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ये बने विनर

तीन सदस्यीय ज्यूरी पैनल द्वारा तीन अलग-अलग पैरामीटर 1. यूज ऑफ वेस्ट मैटीरियल 2. क्रिएटिविटी 3 उपयोगिता और प्रजेंटेशन के आधार पर मार्किंग की गई। कोल्ड ड्रिंक के बेकार पड़े बॉटल और कार्ड बोर्ड का इस्तेमाल कर नाइट लैंप तथा पुराने अखबार से बास्केट बीन बनाने वाली नगमा हसन ने मधुरिमा बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट का खिताब जीता। बेस्टे बॉटल से किचन गार्डेनिंग का कॉन्सेप्ट देकर, पुरानी चायछकनी को आइना का रूप देकर तथा बेकार सीडी में अपनी क्रिएटिविटी दिखाकर सुष्मिता मंडल फर्स्ट रनरअप रहीं। कपड़ों के कतरन से मोबाइल पाउच, बेबी बैग्स, मिसलेनियस होल्डर जैसी चीजें बनाने वाली लक्ष्यम फाउंडेशन की ज्योति गुप्ता सेकेंड रनर अप रहीं। दीया स्टैंड और अन्य डेकोरेटिव आइटम बना कर बेस्ट इनोवेशन का खिताब 14 साल की दीक्षा ने जीता। पुराने कपड़े, कॉटन, मोती का इस्तेमाल कर देवी-देवताओं का निर्माण कर 80 वर्षीय सीता राम जैन ने ज्यूरी च्वाइस का अवार्ड जीता।

विजेताओं कहा थैक्यू भास्कर