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महात्मा गांधी को पहली बार पंडित राजकुमार शुक्ल ने पुकारा था बापू

बैठक में रामसुंदर दधीचि, अजय शर्मा, नवीन राय, नीरज भट्ट, सतेंद्र राय व अन्य। कल्चरल रिपोर्टर | रांची ...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:40 AM IST
बैठक में रामसुंदर दधीचि, अजय शर्मा, नवीन राय, नीरज भट्ट, सतेंद्र राय व अन्य।

कल्चरल रिपोर्टर | रांची

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लोग बापू भी कहते हैं। इन्हें यह प्यारा सा संबोधन 1917 में चंपारण में मिला था। उनको यह नाम देने वाला कोई प्रसिद्ध व्यक्ति नहीं था, बल्कि चंपारण का एक छोटा और गुमनाम किसान था, जिनको राजकुमार शुक्ल के नाम से जाना जाता है। चंपारण से कोसों दूर रांची में उनकी याद में एक संगोष्ठी का आयोजन 20 मई को होने जा रहा है। उनकी पुण्यतिथि पर विधानसभा परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, विधायक सुखदेव भगत और राधाकृष्ण किशोर समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद शामिल होंगे। संगोष्ठी का विषय है, सौ साल पहले चंपारण का गांधी। इसकी तैयारी को लेकर आयोजक संस्था पं. राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की राजधानी के एक होटल में बैठक हुई। संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पं. राजकुमार शुक्ल के बुलावे पर ही महात्मा गांधी चंपारण पहुंचे। उन्होंने अंग्रेजों के क्रूरतम अत्याचार और दमन के विरुद्ध सत्याग्रह का संकल्प लिया। 19 लाख किसानों को विदेशी जुल्म से मुक्ति का मार्ग सुझाया। बैठक में आयोजन समिति का गठन भी किया। जिसमें रामसुंदर दधीचि, अजय शर्मा, नवीन राय, नीरज भट्ट, सतेंद्र राय, सीमा चंद्रिका तिवारी, अखिलेश भट्ट, मनोज तिवारी, संतोष तिवारी, अजीत कुमार राय, राजेश शर्मा, संजय सर्राफ, वेदप्रकाश शर्मा, विश्वनाथ सिंह, राजेश राणा आदि शामिल हैं।

चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पं. शुक्ल की पुण्यतिथि पर 20 को होगी संगोष्ठी