जीरो पावर कट सपना / रांची में बिजली की कमी से लोड शेडिंग, 8 घंटे बिजली गुल, लोकल फॉल्ट और मेंटेनेंस ने भी बढ़ाया संकट

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2019, 07:26 AM IST



Loading of power shortage in Ranchi
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Loading of power shortage in Ranchi

  • गर्मी छुट्‌टी मनाकर आ रहे लोगों ने कहा- रांची से बेहतर स्थिति बिहार के गांवों की
  • 5वें दिन ठप रही तेनुघाट की दो नंबर यूनिट, बिजली नहीं रहने से छतों पर सो रहे लोग मच्छरों से परेशान
  • टीटीपीएस में कोयले के स्टॉक में कमी

रांची. रांची सहित पूरे राज्य में भीषण गर्मी के चपेट में है। इस भीषण गर्मी में भी बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह हो या दोपहर या फिर शाम या रात बिजली कटने से लोग त्रस्त हैं। राजधानी के लाेगाें ने कहा- रांची राजधानी लगती ही नहीं है। इससे अच्छा ताे बिहार के गांवाें में बिजली रहती है।

 

हालत इतनी खराब हो चली है कि लोग गर्मी में दिन को बिना बिजली समय गुजार रहे हैं। शाम से रात तक यही सिलसिला लगातार जारी है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कोकर सब स्टेशन से बिजली काटने का कारण पूछा जाता है तो जवाब मिलता है, अभी बिजली एेसे ही कटती रहेगी। 


बिहार के गांवों में दिन में 2 से 3 घंटे कटती है बिजली, रात में नहीं : स्कूलों में गर्मी की छुट्‌टी के दौरान काफी लोग बिहार अपने गांव-घर गए थे। अब वापस लौट रहे हैं। काेकर अयाेध्यापुरी के निखिल कुमार ने कहा कि राेहतास जिले में पड़ता है। वहां दिन में 1 से 3 घंटे तक बिजली कटती है, लेकिन रात में बिजली कटती ही नहीं। नवादा से रांची लाैटे श्रीकांत मिश्र ने कहा कि हमारे गांव में 23 घंटे निर्बाध रूप से बिजली मिलती है। यहां ताे लगता ही नहीं है कि रांची राजधानी है।

 

बिजली निगम ने दावा किया था कि गर्मी में नहीं काटी जाएगी बिजली

  • 1. राजधानी रांची के कई क्षेत्रों में घंटों बिजली बाधित रही। देर रात तक बिजली आती-जाती रही। मंगलवार को राजभवन सबस्टेशन अंतर्गत रातू रोड, मधुकम, पहाड़ी मंदिर एरिया, हरमू रोड, गाड़ीखाना चौक, केशव नगर व अासपास के क्षेत्रों में दिन के 1 से शाम के 5 बजे तक बिजली बंद रही। बताया गया कि रातू रोड फीडर के तहत एक नया ट्रांसफाॅर्मर लगाया जा रहा है।
  • 2.  कोकर इलाके में पावर कट की समस्या बढ़ गई है। एक सप्ताह से 9 घंटे बिजली काटी जा रही है। रात में 4 घंटे बिजली काटी जा रही है। बीती रात से लेकर मंगलवार रात तक बिजली की यही स्थिति रही। बताया जा रहा है कि शेडिंग से ऐसा हो रहा है। 
  • 3. पिस्का मोड़ इलाके में यही स्थिति रही। पिस्का मोड़, पंडरा, कमड़े, कटहल मोड़, ललगुटवा, इटकी रोड व आसपास के एरिया में भी सुबह से लेकर देर रात तक पावर कट जारी रहा। 

आज इन इलाकों में सुबह पांच बजे से घंटों नहीं रहेगी बिजली

बुधवार को रांची के कई फीडर मेंटेनेंस एवं अन्य कार्य के कारण बंद रहेंगे। बुधवार को 11 केवी बूटी और ढेला टोली फीडर सुबह 5 से 7.30 बजे तक बंद रहेगा। इसके कारण जयप्रकाश नगर, पंचवटी पुरम, न्यू नगर, बांध गाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में ढाई घंटे बिजली नहीं रहेगी। 11 केवी डोरंडा फीडर सुबह 7 से 8 बजे तक बंद रहेगा। 11 केवी कुसई फीडर सुबह 6 से 7 बजे तक बंद रहेगा। 11 केवी रातू रोड फीडर सुबह 5 से 8 बजे तक बंद रहेगा। 11 केवी आईटीआई फीडर सुबह 5 से 8 बजे तक बंद रहेगा। 11 केवी रूरल फीडर सुबह 5 से 8 बजे तक बंद रहेगा। इसके कारण रवि स्टील, फ्रेंडस कॉलाेनी, तितला, गोविंदपुर नगर व आसपास के क्षेत्रों में तीन घंटे बिजली नहीं रहेगी।

 

11 केवी एचएस फीडर सुबह 7 से 8 बजे तक बंद रहेगा। इसके कारण हरिहर सिंह रोड, मंडा बगीचा, कुसुम विहार व आसपास के क्षेत्रों में एक घंटे बिजली नहीं रहेगी। 11 केवी न्यू मोरहाबादी फीडर सुबह 7 से 7.30 बजे तक बंद रहेगा। इसके कारण न्यू मोरहाबादी, टगौर हिल रोड, सरायटांड व आसपास के क्षेत्रों में डेढ़ घटे बिजली नहीं रहेगी। 11 केवी मोरहाबादी फीडर अाैर 11 केवी आरके मिशन फीडर सुबह 5 से 7.30 बजे तक बंद रहेगा। इसके कारण जोड़ा तालाब, रानी बगान, हाऊसिंग कॉलाेनी, सतार कॉलाेनी, ब्रहम टोली, तेयार टोली, शंकर नगर व आसपास के क्षेत्रों में ढ़ाई घंटे बिजली नहीं रहेगी।


तेनुघाट को कोयला नहीं मिला तो दोनों यूनिटें हाे जाएंगी ठप

टीटीपीएस (तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन) में कोयले की कमी हो गई है। अब महज 30 हजार टन ही कोयला बचा है। अगर, दो यूनिट चलाया गया तो महज 4 दिन अाैर एक यूनिट चलाया गया तो 10 दिन ही कोयला चल सकता है। कोयले की कमी और ट्यूब लीकेज के कारण शुक्रवार से ही टीवीएनएल की दो नंबर इकाई से बिजली उत्पादन ठप है। इसके कारण 4 दिनों से बिजली कमी हो गई है। इस वजह से पूरे राज्य में शेडिंग करके बिजली आपूर्ति की जा रही है।

 

बिजली निगम एक माह में 80 करोड़ का बिजली लेता है

टीटीपीएस के एमडी अरविंद सिन्हा ने कहा कि यह सभी को पता है कि सीसीएल आए दिन बकाया का कारण बताकर कोयले की आपूर्ति रोक देता है। बकाया निश्चित ही एक फैक्टर है। सीसीसीएल, टीटीपीएस एवं जेबीवीएनएल को बैठकर इस मसले का हल निकालना चाहिए। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। इसके बाद फेस्टिवल का मौसम शुरू हो जाएगा। अगर, समय रहते इसका समाधान नहीं ढूंढ़ा गया तो फिर बारिश एवं फेस्टिवल के दौरान बिजली की दिक्कत हो सकती है। कहा कि बिजली निगम एक माह में 80 करोड़ का बिजली लेता है। भुगतान 55 से 60 करोड़ करता है। हर माह 20 से 30 करोड़ बकाया रह जाता है। ऐसे में वे लोग नियमित रूप से सीसीएल को भुगतान नहीं कर पाते हैं। 

 

210-210 की हैं दो यूनिटें, 1 यूनिट बंद है शुक्रवार से
टीटीपीएस की दो यूनिट क्रमश: 210-210 मेगावाट की है। अभी केवल यूनिट नंबर एक से 150 से 175 मेगावाट के बीच बिजली उत्पादन हो रहा है। दो नंबर यूनिट से गत शुक्रवार से ही बिजली उत्पादन ठप है। दो यूनिट चलाने के लिए प्रतिदिन 7 हजार टन कोयला चाहिए। अभी 30 हजार टन का स्टॉक बचा है। दो यूनिटें चलाई तो केवल चार दिन ही चल पाएगा। इसलिए टीटीपीएस प्रबंधन ने एक ही यूनिट चला रहा है।

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