घटना / मिड डे मील खाने से पांच स्कूली बच्चे बीमार, खाने में गिरा था छिपकली का टुकड़ा



विद्यालय पहुंचकर बच्चों को दवाई देती मेडिकल टीम। विद्यालय पहुंचकर बच्चों को दवाई देती मेडिकल टीम।
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विद्यालय पहुंचकर बच्चों को दवाई देती मेडिकल टीम।विद्यालय पहुंचकर बच्चों को दवाई देती मेडिकल टीम।

  • कैरो प्रखंड अंतर्गत नगजुआ स्थित राजकीय कृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय की घटना
  • विद्यालय पहुंचकर मेडिकल टीम ने बच्चों का किया इलाज

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 05:42 PM IST

लोहरदगा. कैरो प्रखंड अंतर्गत नगजुआ स्थित राजकीय कृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय के पांच बच्चों की तबीयत मध्याह्न भोजन खाने के बाद खराब हो गई। बच्चों की हालत बिगड़ता देख स्वास्थ्य केंद्र भंडरा को सूचना दी गई। जहां से चिकित्सकों की एक टीम विद्यालय पहुंचकर उनका स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां दी। शुक्रवार को जब स्कूल में बने मध्याहन भोजन बच्चों को दी गई। भोजन खाने के बाद बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगी। इस दौरान बर्तन में रखे भोजन की जांच करने पर भोजन में छिपकली का टुकड़ा मिला।

 

प्रधानाध्यापिका ने कहा- चखने के बाद दिया गया भोजन
आठवीं कक्षा की रेखा कुमारी को दो बार उल्टी हुई। वहीं आठवी कक्षा के ही वासुदेव शाह, सातवी कक्षा के गंगोत्री कुमारी को भी चक्कर आने व उल्टी जैसा लगने पर दवाई दी गई। घटना की सूचना पाकर कैरो बीडीओ मनोज कुमार, थाना प्रभारी रतिया उरांव, बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो, उपाध्यक्ष बजरंग उरांव, मुखिया पिंकी कुमारी सहित अन्य ने विद्यालय पहुंचकर मामले का जायजा लिया। इस मामले पर विद्यालय के प्रधानाध्यापिका सुधा लकड़ा ने कहा कि माता समिति सदस्यों व एक पारा शिक्षिका के चखने के बाद ही समय पर मध्याह्न भोजन का वितरण किया गया। कुछ बच्चे खाना खा ही रहे थे और कुछ ने खाना खा लिया था, तभी मध्याहन भोजन में छिपकिली का टुकड़ा देखे जाने की बात सामने आई। माता समिति संयोजिका देवमनी उरांव का कहना है कि चावल सब्जी सभी को देख कर सावधानी पूर्वक डाला गया था। खाना बनाने में पूरी सावधानी बरती जाती है। परन्तु फिर भी किसी कारणवश छिपकली का टुकड़ा पड़ गया। कहा कि छिपकली का टुकड़ा पूरी तरह उबला हुआ नहीं था। इसलिए खाना बनने के बाद छिपकली खाना में गिरी होगी। 

 

समिति अध्यक्ष को नहीं मिली है जिम्मेवारी 
इस मामले पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष धनेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि मेरा चयन 9 माह पूर्व हुआ है, परन्तु आज तक मुझे जिम्मेवारी नहीं दी गई है। जिसके कारण मध्याह्न भोजन समेत अन्य चीजों की निगरानी नहीं हो पाती है। इस घटना में लापरवाही बरती जाने की बात सामने आने पर प्रबंधन समिति की बैठक में आवश्यकता अनुसार उचित कर्रवाई की जाएगी। वहीं विद्यालय के पूर्व शिक्षा समिति अध्यक्ष अवध साहू, सतेश्वर शाह, पूर्व मुखिया अरविंद उरांव का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल कर उचित कर्रवाई की जाए।

 

बीडीओ ने कहानी के माध्यम घटना से बच्चों के मन को दूर हटाया 
घटना की सूचना पाकर पहुंचे कैरो बीडीओ मनोज कुमार ने विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों, डॉक्टरों से मिलकर मामले की जांच पड़ताल की। आठवीं कक्षा के ख्वास अम्बवा निवासी संजय उरांव की पुत्री सीता कुमारी व जीता उरांव की पुत्री रचना कुमारी की भी तबीयत घर जाने के बाद बिगड़ गई थी। इसकी जानकारी होने पर बीडीओ ने तुरंत ही एक टीम को बच्ची के घर भेजकर उन्हें विद्यालय बुलाया। इसके बाद बच्ची की जांच कराकर दवा दिलाया। विद्यालय के बच्चों का ध्यान दूसरी ओर ले जाने को लेकर बीडीओ ने खुद कक्षा में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से बातें की। इस दौरान इनाम देने के नाम पर बच्चों से कहानियां सुनवाई। मौके पर उसने सभी बच्चों को अपना परिचय देकर सभी का परिचय लिया। 

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