लोस चुनाव / महागठबंधन पर सहमति बनने के बाद रांची लौटे बाबूलाल, कहा-19 को हो सकती है सीटों की औपचारिक घोषणा



रांची एयरपोर्ट से बाहर आते कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय। रांची एयरपोर्ट से बाहर आते कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय।
maha gathbandhan alliance done babulal marandi hinted seats to announce on 19 march
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रांची एयरपोर्ट से बाहर आते कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय।रांची एयरपोर्ट से बाहर आते कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय।
maha gathbandhan alliance done babulal marandi hinted seats to announce on 19 march

  • सीटों की औपचारिक घोषणा झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन(गुरुजी) की उपस्थिति में होगी
  • वामदल कोडरमा छोड़ एक सीट पर तैयार हो, तो कांग्रेस के कोटे से एक सीट दी जा सकती है

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 02:49 PM IST

रांची. दिल्ली में महागठबंधन पर सहमति बनने के बाद रविवार को कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय रांची पहुंचे। इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महागठबंधन को लेकर हम सभी ने शनिवार रात दिल्ली में बात की। महागठबंधन हो गया है। झारखंड में सीट भी फाइनल हो गई है। औपचारिक घोषणा झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन(गुरुजी) की उपस्थिति में होगी। हम सभी ने झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन से कहा है कि वे गुरुजी से बात करके संभव हो तो होली के पहले 19 मार्च को औपचारिक घोषणा पर निर्णय लें।

 

महागठबंधन स्वरूप में आ गया है: सुबोधकांत सहाय
वहीं, सुबोधकांत सहाय ने कहा कि तीन सालों से सभी विपक्षी एक साथ मिलकर मोदी सरकार के खिलाफ लड़ रहे थे। आज संसदीय प्लेटफॉर्म पर लड़ने का महागठबंधन स्वरूप में आ गया है। जब उनसे पूछा गया कि सुबोधकांत रांची से कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे क्या? तो उन्होंने कहा-मैं कांग्रेस पार्टी का हूं। कांग्रेस इलेक्शन कमेटी जब तक मेरा नाम डिक्लेयर नहीं करती है तब तक मैं सुबोधकांत सहाय हूं, उम्मीदवार नहीं।

 

दिल्ली में फार्मूले को अंतिम रूप दिया गया
इससे पूर्व शनिवार को झारखंड में विपक्षी महागठबंधन में शामिल दलों ने जिन-जिन सीटों पर दावा किया था, वह सीट उन्हें देने पर सहमति बन गई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद दिल्ली में फार्मूले को अंतिम रूप दिया गया। शनिवार को हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी से अलग-अलग भेंट की थी। इसके बाद हेमंत, बाबूलाल और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा-महागठबंधन और सीट शेयरिंग पर सहमति बन गई है। जो भी संशय था, उसे दूर कर लिया गया है। सभी घटक दल झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन की मौजूदगी में रांची में इसका औपचारिक ऐलान करेंगे। यह घोषणा होली से पहले की जा सकती है। यह भी तय हुआ कि झारखंड में विधानसभा का चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

 

वामदलों को एक सीट मिली तो वह कांग्रेस कोटे का ही होगा
बिहार में राजद को ही कांग्रेस के लिए सीटों की संख्या तय करनी है। वहां सीट तय होने के बाद ही झारखंड में राजद की सीट तय होगी। गठबंधन में उसे चतरा या पलामू में से एक सीट मिलेगी। हालांकि राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पसंद चतरा सीट है। बैठक में तय हुआ कि अगर वामदल कोडरमा छोड़कर एक सीट पर सहमति बनाते हैं तो उस पर विचार किया जाएगा। वामदलों को एक सीट मिली तो वह कांग्रेस कोटे का ही होगा। लेकिन, एक सीट पर वामदलों के बीच सहमति बनना आसान नहीं है।

 

ऐसा हो सकता है महागठबंधन का सीट फॉर्मूला
कांग्रेस 7, झामुमो 4, झाविमो 2 और राजद को 1 सीट का फाॅर्मूला

 

झारखंड में विधानसभा चुनाव हेमंत के नेतृत्व में लड़ा जाएगा

  • झामुमो की 3 सीटें-दुमका, राजमहल और गिरिडीह पक्की। जमशेदपुर या खूंटी में से एक सीट चुनना होगा।
  • वामदल कोडरमा छोड़कर एक सीट पर तैयार हो, तो कांग्रेस के कोटे से एक सीट दी जा सकती है
  • राजद को चतरा या पलामू में से एक सीट मिलेगी, हालांकि लालू प्रसाद की पसंद चतरा लोकसभा सीट है
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