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जहां इलाज वहीं मिल रही बीमारी, अब रिम्स की मेडिकल छात्रा को भी सेरेब्रल मलेरिया

रांची मेडिकल कॉलेज के कैंपस में जमा पानी में पनप रहे लार्वा, 55 के करीब डेंगू के मरीज सिर्फ रांची में

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 10:10 AM IST
रिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में थर् रिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में थर्

रांची. रिम्स परिसर में गंदगी और बेसमेंट में गंदा पानी जमा है। भास्कर ने पहले से रिम्स प्रबंधन को सचेत कर दिया था, बावजूद रिम्स प्रबंधन ने कोई पहल नहीं की। अब इसका असर डॉक्टर्स और कर्मचारियों पर दिखने लगा है। रिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में थर्ड ईयर की रहने वाली छात्रा सोनी हेंब्रम को बीती रात इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उसे सेरेब्रल मलेरिया होने की आशंका जताई है। जांच हुई है, पर रिपोर्ट आना बाकी है। डॉ. बी कुमार ने बताया कि कई बार टेस्ट रिपोर्ट में मलेरिया कंफर्म नहीं होता है। लेकिन, जो लक्षण हैं वह सेरेब्रल मलेरिया और इंफेक्शन के संकेत हैं।

5 हजार के लिए रिपेयरिंग सेंटर में पड़ी है फॉगिंग मशीन: रिम्स प्रबंधन की ओर से परिसर में फॉगिंग के लिए मशीन की खरीद की गई थी। पूर्व निदेशक डॉ. एनएन अग्रवाल के समय यह मशीन खरीदी गई। इस पर लाखों रुपए खर्च हुए। कुछ दिनों तक फॉगिंग हुई, लेकिन पिछले कई महीनों से यह खराब पड़ी है। बायोमेडिकल इंस्टूमेंट रिपेयरिंग सेंटर में इसे रखा गया है। पूछे जाने पर बताया गया कि मशीन की रिपेयरिंग में पांच हजार रुपए का खर्च है, लेकिन इसे ठीक नहीं किया जा रहा है।

रिम्स परिसर में डस्टबिन लगाने के लिए नगर निगम को पत्र: रिम्स परिसर में डस्टबिन लगाने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने रिम्स परिसर में डस्टबिन लगाने का निर्देश दिया था, ताकि परिसर साफ-सुथरा रहे। प्रबंधन ने रिम्स परिसर में विभिन्न स्थानों को चिह्नित कर डस्टबिन लगाने का आग्रह किया है। बताते चलें कि डस्टबिन नहीं होने के कारण परिसर में कई स्थानों पर गंदगी है, जो बीमारियों को बढ़ावा दे रही है।

22 घरों और 30 कंटेनर में डेंगू के मिले मच्छर: राजधानी के अधिकतर इलाके में चिकनगुनिया और डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से शहर के 106 घरों का सर्वे किया गया। इसमें 22 घरों में डेंगू के मच्छर मिले। टीम की ओर से 235 कंटेनर की भी जांच की गई, इसमें 30 में चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर मिला। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को निगम सभाकक्ष में हुई बैठक में की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि शहर के 20 वार्ड डेंजर जोन में है। बैठक में नगर निगम के 60 सुपरवाइजर, जोनल सुपरवाइजर, सिटी मैनेजरों को डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर, लार्वा की जानकारी दी गई। चिकनगुनिया और डेंगू से पीड़ित मरीजों में दिखने वाले लक्षण की भी जानकारी दी गई।

अब को जागरूक करेगी टीम, स्कूलों में भी चलेगा अभियान : चिकनगुनिया और डेंगू से बचने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, निगम और लायंस क्लब की टीम द्वारा पंपलेट का भी वितरण किया जाएगा। घर-घर जाकर लोगों को कारण और उससे बचने के उपायों की जानकारी दी जाएगी।

मरीजों को नहीं मिल रही जांच रिपोर्ट : सामाजिक संस्था लहू बोलेगा के नदीम खान ने कहा है कि स्वास्थ्य चिकित्सा शिविरों की तादाद भी बढ़ी। लेकिन, जहां पहले खून जांच की रिपोर्ट दूसरे दिन में आ जाती थी, अब 5 दिन बाद भी मरीजों को रिपोर्ट नहीं मिल सकी है, कई बार जिला स्वास्थ्य विभाग, सिविल सर्जन द्वारा नियुक्त लोगों को सूचना देने के बाद भी स्थिति जस का तस बनी हुई है।

राजधानी में यहां लगे कैंप

नाम मरीज सैंपल नाम मरीज सैंपल
गद्दी स्कूल 113 16 अमन कम्यूनिटी हॉल 89 19
रांची पब्लिक स्कूल 87 07 कम्यूनिटी हॉल पुरानी रांची 09 00
उर्दू मिडिल स्कूल हिंदपीढ़ी 117 11 नूर नगर पुरानी रांची 09 00
वाईएमसीए पत्थलकुदवा 04 00 बड़ाकोचा जगन्नाथपुर 11 00
उकीरण मदरसा 50 0 आजाद बस्ती डोमटोली 11 00
उर्दू मिडिल स्कूल बारी मस्जिद 0 0 नेशनल हॉस्पिटल पत्थलकुदवा 61 05
कर्बला चौक 16 0 रिसालदार नगर डोरंडा 04 00

जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी 11 02

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