पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

मरांडी को फिलहाल नहीं मिलेगी मान्यता, सीएम बोले- भाजपा किसी और को चुन ले नेता

5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बाबूलाल मरांडी पहली बार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी से मिले।
  • पांचवें दिन भी वेल में नारेबाजी करते रहे भाजपा विधायक
  • संसदीय कार्यमंत्री बाेले- यह 10वीं अनुसूची का मामला

रांची. बाबूलाल मरांडी काे प्रतिपक्ष के नेता की मान्यता मिलने की फिलहाल उम्मीद नहीं है। इसे लेकर विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन भी हंगामा हुआ। कामकाज बाधित रहा। गुरुवार काे मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन ने सदन में कहा कि जब तक इस मामले में फैसला नहीं आ जाता, भाजपा काे अपने बाॅराे गार्जियन काे छाेड़कर किसी दूसरे काे विधायक दल का नेता चुन लेना चाहिए। उन्हें नेता प्रतिपक्ष की मान्यता मिल जाएगी।


मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य का भाजपा विधायकाें ने जाेरदार विराेध किया। वेल में आ गए। करीब 15 मिनट तक हंगामा किया। नारेबाजी की। इसी बीच मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए भाजपा विधायकाें से कहा कि आपलाेग भी इधर ही आ जाएं। इस हंगामे पर संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का मामला दसवीं अनुसूची का है। सदन में इसका फैसला नहीं हाे सकता है। इस विषय पर सदन में विराेध और आसन पर दबाव बनाना उचित नहीं है।

बाबूलाल से बाेले माेदी- संगठन काे मजबूत बनाइए
भाजपा में शामिल हाेने के बाद बाबूलाल मरांडी पहली बार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी से मिले। माेदी ने कहा-अब संगठन काे मजबूत बनाना आपका दायित्व है। पूरे झारखंड का भ्रमण करें और लाेगाें काे पार्टी से जाेड़ें। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर भी थे।

सीपी सिंह बाेले- सरकार की मंशा साफ नहीं
भाजपा विधायक सीपी सिंह ने मुख्यमंत्री और संसदीय कार्यमंत्री के बयान का विराेध किया। कहा-अगर मामला 10वीं अनुसूची का है ताे भी अब तक फैसला हाे जाना चाहिए था। क्याेंकि 10वीं अनुसूची ताे सिर्फ 14 पेज का ही है। एक सप्ताह से अधिक वक्त हाे गया। मंशा साफ हाेती ताे इस मामले का पटाक्षेप हाे गया हाेता। लेकिन अब स्पष्ट हाे गया कि सरकार की मंशा साफ नहीं है। भाजपा के अनंत ओझा ने कहा कि झाविमाे का भाजपा में विलय पर किसने  आपत्ति की है। जब किसी काे अापत्ति नहीं है ताे फिर इस मामले काे लटकाने का क्या तुक है। इसी बीच स्पीकर ने बजट पर चर्चा के लिए कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला काे बाेलने काे कहा। वे बाेलते रहे और विपक्ष हंगामा करते रहा। अंत में भाजपा विधायकाें ने सदन का बहिष्कार कर दिया। 

स्पीकर के आग्रह काे ठुकराया, इरफान काे बाेलने ही नहीं दिया
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी के कुत्ते वाले विवादित बयान पर भी सदन का माहाैल गर्म रहा। विपक्ष ने वेल में आकर हंगामा किया। सभा सचिव का टेबल पीटा और एक खास तरह की आवाज निकाली। इरफान अंसारी पर कार्रवाई करने और सदस्यता खत्म करने की मांग पर अड़े रहे। इरफान अंसारी विपक्ष और स्पीकर से अपनी बात रखने का अनुराेध करते रहे। स्पीकर और संसदीय कार्यमंत्री ने भी इरफान अंसारी काे पक्ष रखने का माैका देने का आग्रह किया, लेकिन विपक्ष ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। उन्हाेंने बाेलने का माैका नहीं दिया। जब विपक्ष के तेवर कम नहीं हुए ताे सत्ता पक्ष के लाेगाें ने भी सीट पर खड़े हाेकर विराेध शुरू कर दिया। पक्ष-विपक्ष में तीखी नाेकझाेंक हुई।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कोई भूमि संबंधी खरीद-फरोख्त का काम संपन्न हो सकता है। वैसे भी आज आपको हर काम में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। इसलिए पूरी मेहनत से अपने कार्य को संपन्न करें। सामाजिक गतिविधियों में भी आप...

और पढ़ें