रिम्स / नीट में 35 परसेंटाइल से कम मार्क्स, फिर भी हो गया एडमिशन

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  • मेडिकल काउंसिल ने रिम्स प्रबंधन और राज्य सरकार से सात दिनों के अंदर मांगा है जवाब 
  • क्लिनिक पैथोलॉजी में डॉ. स्मृति और डॉ. आयुष्मान का हुआ है एडमिशन

दैनिक भास्कर

Dec 22, 2019, 10:50 AM IST

रांची (पवन कुमार). रिम्स में पीजी मेडिकल (सत्र 2018-19) में हुए 155 सीटों पर एडमिशन को लेकर मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीअाई) ने सवाल खड़ा किया है। एमसीआई ने रिम्स प्रबंधन ने पूछा है कि जनरल कैटेगरी में 35 परसेंटाइल से कम मार्क्स आने के बाद भी डिप्लोमा इन क्लिनिकल पैथोलॉजी में दो डॉक्टरों का एडमिशन कैसे हो गया। इस सीट पर एडमिशन लेने वाली डॉ. स्मृति को पीजी इंट्रेंस एक्जाम में 30.20 परसेंटाइल मार्क्स मिले हैं।

इसी तरह डॉ. आयुष्मान को 25.24 परेंसाइटल मार्क्स मिले हैं। फिर भी दोनों का एडमिशन रिम्स में हो गया। सीबीएसई की ओर से नीट पीजी मेडिकल एंट्रेस में क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल जनरल कैटेगरी के लिए 35 और आरक्षित श्रेणी के लिए 25 है। एमसीआई ने रिम्स के डीन को पत्र लिखकर इस मामले में सात दिनों में जवाब देने को कहा गया है। 

 
राज्य सरकार ने जेसीईसीई से 24 घंटे के अंदर मांगा प्रतिवेदन 
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की आपत्ति आने के बाद इस मामले में राज्य सरकार की ओर से भी त्वरित र्कारवाई करते हुए एडमिशन काउंसलिंग करने वाली जेसीईसीई बोर्ड से 24 घंटा के अंदर प्रतिवेदन मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव की ओर से परीक्षा नियंत्रक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2018-19 में रिम्स पीजी डिप्लोमा में डॉ. स्मृति एवं डॉ. आयुष्मान का नामांकन एमसीआई द्वारा निर्धारित न्यूनतम 35 परसेंटाइल से कम होने के बाद भी किया गया है। इस संबंध में एमसीआई से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। 

एडमिशन लेने वाले तीन पीजी स्टूडेंट नहीं दे रहे एडमिशन से संबंधित अलॉटमेंट लेटर 
इसी तरह रिम्स के डिप्लोमा इन ऑब्सट्रेटिक एंड ग्यानोकलॉजी में एडमिशन लेने वाली तीन चिकित्सकों डॉ. ममता मधुबाला कुजूर, डॉ. विश्वनाथ उरांव और डॉ. वीनू कुमारी की ओर से अभी तक एडमिशन का अलॉटमेंट लेटर नहीं सौंपा गया है। एमसीअाई ने इसपर भी जवाब मांगा है। एमसीअाई ने रिम्स प्रबंधन से डिप्लोमा इन ऑब्सट्रेटिक एंड गायनेकोलॉजी, डिप्लोमा इन रेडियो डायग्नोसिस, एमडी-रेडियोडायग्नोसिस, डिप्लोमा इन ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन में सीटों को बढ़ाए जाने से संबंधित लेटर की भी मांग की है। इसके अलावा पीजी सीटों में सलेक्ट हुए छात्रों का सूची, एलॉटमेंट लेटर आदि भी मांग है। 

सरकार को भेजा है पत्र 
रिम्स के डीन डॉक्टर मंजू गाड़ी ने कहा कि एमसीअाई के पत्र पर जवाब के लिए राज्य सरकार को सूचना भेजी गई है। जेसीईसीई से काउंसलिंग के बाद ही एडमिशन हुआ है। ऐसे में जेसीईसीई से जवाब आने के बाद एमसीअाई को सूचित कर दिया जाएगा। 

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