रिपोर्ट / झारखंड में 6.15 लाख वज्रपात से 171 लोगों अाैर बिहार में चार लाख पर 221 की माैत



उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड चारों राज्यों में कुल मिलाकर 900 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड चारों राज्यों में कुल मिलाकर 900 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है।
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उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड चारों राज्यों में कुल मिलाकर 900 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है।उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड चारों राज्यों में कुल मिलाकर 900 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है।

  • क्लाइमेट रेसिलियंट ऑब्जर्विंग सिस्टम प्रमोशन काउंसिल की सर्वे रिपाेर्ट 

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 07:03 PM IST

रांची. झारखंड में पिछले छह माह गत एक अप्रैल से सितंबर 19 तक 6.15 लाख लाइटनिंग स्ट्राइक पर 171 लोगों की अाैर बिहार में चार लाख लाइटनिंग स्ट्राइक पर 221 की माैत हुई है। पूरे देश में चार राज्याें में वज्रपात से सबसे ज्यादा माैत हुई है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में 4.02 लाख लाइटनिंग के बाद 293 लोगों की मृत्यु हुई है जो कि देश में सबसे ज्यादा है। मध्यप्रदेश में 11.06 लाइटनिंग स्ट्राइक के कारण 248 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। 

 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉक्टर एम महापात्रा अाैर क्लाइमेट रेसिलियंट ऑब्जर्विंग सिस्टम प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष कर्नल संजय श्रीवास्त द्वारा शुक्रवार काे वज्रपात सुरक्षित भारत अभियान 2019 से 2021 के पहले मानसून-दक्षिण पश्चिम मानसून 2019 लाइटनिंग रिपोर्ट मौसम भवन नई दिल्ली मे जारी किया गया। इस रिपाेर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में पिछले छह माह के दौरान कुल 90 लाख से ज्यादा लाइटनिंग स्ट्राइक हुई जिसे करीब 1771 लोग की मृत्यु हुई है।

 

यूपी, एमपी, बिहार और झारखंड में 900 से ज्यादा लोगों की वज्रपात से मौत
रिपाेर्ट में जानकारी दी गई है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड चारों राज्यों में कुल मिलाकर 900 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है। कर्नल संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इन सभी चार राज्यों में आपदा प्रबंधन संस्थानों के संस्थागत कमजोरी, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी किए जा रहे लाइटनिंग फोरकास्ट को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करना और जनता के बीच जागरूकता नहीं फैला पाना ही मृत्यु का मुख्य कारण है। हालांिक उन्हाेंने यह भी कहा कि वज्रपात सुरक्षित भारत अभियान 2019 के अनुसार अब तक व्यापक रूप से संयुक्त अभियान के तहत गांव-गांव तक वज्रपात के प्रति जागरूकता, वज्रपात की पूर्व सूचना का समय से पहुंचाना और वज्रपात के दौरान कैसे बचा जाए की व्यापक शिक्षा दी गई है। इन संयुक्त प्रयासों की वजह से कम से कम 1200 लोगों की जान बच पाई है। 

 

2018 में वज्रपात से हुई थी 3000 से ज्यादा लोगों की मौत
वज्रपात के कारण वर्ष 2018 में देश में 3000 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई थी। इतनी भारी संख्या में मृत्यु की संख्या घटने पर कर्नल संजय श्रीवास्तव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभी वज्रपात से जान बचाने के प्रयासों की शुरुआत है, मंजिल बाकी है और जब तक वज्रपात से जीरो मौत का टारगेट हम हासिल नहीं कर लेते हम इस अभियान को जारी रखेंगे। 

 

वज्रपात सुरक्षित भारत अभियान 2019 भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और क्लाइमेट रेजिडेंट ऑब्जर्विंग सिस्टम प्रमोशन काउंसिल के द्वारा चलाया जा रहा संयुक्त अभियान है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनडीएमए, जलवायु परिवर्तन मिशन, राज्य सरकार, अंतरराष्ट्रीय एनजीओ एवं अनेक राष्ट्रीय एवं स्थानीय संस्थाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों जैसे आईआईटी नई दिल्ली सेंट्रल यूनिवर्सिटी और और एसोसिएशन ऑफ एग्रोमीटरोलॉजी, अाईएमएस इत्यादि अनेक संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है।

 

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