प्रेसवार्ता / भू-गर्भ जल के अंधाधुन दोहन की छूट नहीं, सभी जिम्मेवार विभागों करने होंगे सख्ती से कार्य : पेयजल मंत्री



प्रेसवार्ता के दौरान रामचंद्र सहिस। प्रेसवार्ता के दौरान रामचंद्र सहिस।
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प्रेसवार्ता के दौरान रामचंद्र सहिस।प्रेसवार्ता के दौरान रामचंद्र सहिस।

  • पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री रामचंद्र सहिस ने गिनायी साढ़े चार की उपलब्धि
  • 2015 में 12 प्रतिशत ग्रामीणों को मिलता था पाइप लाइन से पानी, 2019 में यह आंकड़ा 35 फीसदी पहुंचा, 2020 तक 50 प्रतिशत है लक्ष्य

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 07:20 PM IST

रांची. राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि शहरी वाटर सप्लाई व्यवस्था में सुधार के लिए पेयजल विभाग एवं नगर विकास दोनों को मिलकर कार्य करना होगा। शहरी जलापूर्ति के लिए योजना नगर विकास विभाग बनावाती है और पेयजल विभाग उसे धरातल में उतारने का प्रयास करती है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पानी के लिए पूरी तरह से पेयजल विभाग जिम्मेवार है। जिसमें उन्हें कहने में कोई हिचक नहीं है कि इस क्षेत्र में विभाग ने अच्छा कार्य किया है। 2015 में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में महज 12 प्रतिशत तक पाइप लाइन वाटर सप्लाई थी वह अब 2019 में बढ़कर यह 35 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 2020 तक 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार 2024 तक इसे शत प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य है। यह बातें सहिस ने शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।

 

ग्राउंड वाटर के लिए विभाग एवं सरकार दोनों गंभीर
उन्होंने कहा कि ग्राउंड वाटर के लिए विभाग एवं सरकार दोनों गंभीर है। सरकार की ओर से कई कार्य शुरू किए हैं। इसको लेकर सभी संबंधित एवं जिम्मेवार विभाग को मिलकर सख्ती से कार्य करने की जरूरत है। ग्राउंड वाटर के अंधाधुन दोहन की छूट कदापि नहीं दी जाएगी। इसको लेकर मुख्य सचिव स्तर से कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर विभागीय सचिव अराधना पटनायक एवं इंजीनियर इन चीफ श्वेताभ कुमार उपस्थित थे। 

 

नया बोरिंग गांव में नहीं करायी जा रही है, चालू बोरिंग में ही सोलर वाटर सप्लाई स्कीम शुरू होगी
विभागीय सचिव अराधना पटनायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नया बोरिंग नहीं करायी जा रही है। यह कार्य वर्ष 2015 से ही बंद है। चालू बोरिंग में सोलर वाटर सप्लाई स्कीम शुरू की जा रही है। विभाग का फोकस केवल एसटी-एसटी एवं आदिम जनजाति टोले में जहां पर पाइप लाइन से वाटर सप्लाई स्कीम नहीं है। वहीं पर सोलर वाटर सप्लाई की छोटी स्कीम शुरू की जा रही है। गांव में ग्राउंड वाटर का दोहन नहीं के बराबर है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बड़ी एवं छोटी ग्रामीण पाइप लाइन स्कीम चल रही है। 2020 तक 50 फीसदी आबादी के समक्ष पाइप लाइन से पानी पहुंचा दिया जाएगा।

शौचालय निर्माण के बाद रानी मिस्त्री को जोड़ा गया है कई कार्यों से
अराधना पटनायक ने बताया कि शौचालय निर्माण में रानी मिस्त्री के कार्यों की सराहना देश ही नहीं बल्कि विदेशों में हुई। रानी मिस्त्री साढ़े तीन लाख शौचालय निर्माण खुद से की। अब इन्हें महवारी अभियान चुप्पी तोड़ो स्वच्छ रहो अभियान, शॉटपीट निर्माण, चापानल मरम्मति निर्माण से जोड़ जा रहा है। अब ये लोग प्रधानमंत्री आवास निर्माण के तहत आवास निर्माण कार्य से भी जोड़ी जा रही हैं। 

 

सितंबर तक एसटी-एसटी एवं आदिम जनजाति टोले में सोलर मिनी वाटर सप्लाई स्कीम से जुड़ जाएंगे
विभागीय सचिव अराधना पटनायक ने कहा कि सितंबर तक एसटी-एसी एवं आदिम जनजाति टोले को सोलर बेस्ड मिनी वाटर सप्लाई स्कीम के तहत जोड़ दिया जाएगा। यह योजना पूरी तरह से चालू बोरिंग में शुरू की जा रही है। इस योजना में कोई नया बोरिंग नहीं करायी जा रही है। 

 

बंद पड़े चापानलों में वाटर रीचार्ज पीट लगाने का कार्य शुरू
अराधना पटनायक ने बताया कि बंद पड़े चापानलों में रीचार्ज पीट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इतना ही चालू चापानलों में रीचार्ज पीट बनाया जाएगा।

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