रांची / बालाश्रय में रहने वाले चार किशोर ने चार नाबालिगों के साथ किया कुकर्म, केस दर्ज

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 12:50 AM IST


Misdeed with 4 children in shelter home
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  • बच्चों की काउंसलिंग के दौरान सामने आया कुकर्म का सच, नवंबर से चल रहा था ज्यादती का सिलसिला
  • पीड़ित बच्चों ने बताया कि विरोध करने पर आरोपी दबा देते थे मुंह, मिलती थी धमकी

रांची (राजीव गोस्वामी). पंडरा ओपी क्षेत्र स्थित बालाश्रय में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां रहने वाले चार किशोर ने वहीं के चार नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म की घटना को अंजाम दिया है। इस संबंध में बालाश्रय की अधीक्षक डॉ स्मिता गुप्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। आठ फरवरी को सुखदेवनगर थाने में कुकर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

 

कुकर्म का यह मामला तब संज्ञान में आया जब वहां के बच्चों की काउंसलिंग हुई। नाबालिग बच्चों ने काउंसलिंग के दौरान अपनी आपबीती बताई तो बालाश्रय की अधीक्षक डॉ स्मिता गुप्ता ने इसे गंभीरता से लिया और मामले की जानकारी पुलिस को दी। दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि तीन किशोरों जिनमें एक की उम्र 16, दो की 15 और 13 वर्ष है। जिसमें एक बरियातू मिशन चौक का, एक कांटाटोली का और एक साहेबगंज के जोरियो का रहने वाला है। इन किशोरों ने मिलकर चार नाबालिग के साथ कुकर्म किया, जिनकी उम्र 13,11, 9 और सात वर्ष है।

 

पिछले साल नवंबर से ही हो रहा है यौनाचार

बालाश्रय में रहने वाले नाबालिगों के साथ कुकर्म की यह घटना नवंबर 2018 से ही चल रही है। जिन नाबालिग बच्चों के साथ यह घटना हुई उन बच्चों ने काउंसलर को बताया कि घटना के समय  विरोध करने पर उनका मुंह दबा दिया जाता था। चिल्लाने और बालाश्रय की दीदी को जानकारी देने पर पर मारने-पीटने की धमकी दी जाती थी। उन्हें हमेशा डराया जाता था।

 

नाबालिगों ने कहा हद पार कर जाते थे

पीड़ित चार नाबालिगों ने काउंसलर को बताया है कि चारों किशोर उनके साथ हद पार कर देते है। उनके साथ कुकर्म तो करते ही है, अपने नाजुक अंगों को वे उनके मुंह में भी डाल देते हैं। चिल्लाने पर मारने की धमकी देने लगते हैं। डर से बालाश्रय का कोई भी बच्चा उनका विरोध नहीं कर पाता। जानकारी हो कि आईटीआई परिसर में बालाश्रय झारखंड सामाख्या सोसाइटी चला रही है। 

 

दो को भेजा गया घर दो अब भी बालाश्रय में

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मामले की जानकारी सीडब्ल्यूसी को देने के बाद आरोपी दो किशोरों को उनके घर भेज दिया गया है। जबकि दो किशोर अब भी वहीं बालाश्रय में ही है। जिन दो को बालाश्रय में रखा गया है उनके घर का पता बालाश्रय के पास नहीं है। बालाश्रय में उन बच्चों को रखा जाता है जो रेस्क्यू करा कर लाए जाते हैं। वर्तमान में यहां 22 बच्चे रह रहे हैं।

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