विज्ञापन

एमएस धोनी बने राज्य के सबसे बड़े टैक्स पेयर, 12.17 करोड़ आईटी रिटर्न के साथ पहले नंबर पर

Dainik Bhaskar

Jul 23, 2018, 07:05 PM IST

मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि काॅरपोरेट में सबसे अधिक टैक्‍स सीसीएल ने दिया

एमएस धोनी। (फाइल) एमएस धोनी। (फाइल)
  • comment
  • धोनी ने 2017-18 में बिहार-झारखंड में सबसे ज्यादा टैक्स जमा किया
  • इससे पहले 2016-17 में धोनी ने 10.93 करोड़ रुपये टैक्स के तौर पर जमा किए थे

रांची. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान और महेंद्र सिंह धोनी इस वर्ष भी झारखंड के सबसे बड़े टैक्स पेयर बने हैं। वे पिछले कई वर्षों से झारखंड में सबसे अधिक आयकर देने वाले व्यक्ति हैं। व्यक्तिगत श्रेणी में उन्‍होंने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 12.17 करोड़ रुपए टैक्‍स के रूप में जमा किया है। वर्ष 2016-17 में उन्‍होंने 10.93 करोड़ रुपए टैक्‍स के रूप में जमा किया था। यह जानकारी सोमवार को झारखंड के मुख्‍य आयकर आयुक्त वी महालिंगम ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। इस अवसर पर संयुक्त आयकर आयुक्त निशा उरांव सिंहमार सहित अन्‍य अधिकारी मौजूद थे।

काॅरपोरेट में सीसीएल सबसे बड़ा टैक्स दाता: मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि काॅरपोरेट में सबसे अधिक टैक्‍स सीसीएल ने दिया है। सीसीएल ने वर्ष 2017-18 में 1,500 करोड़ रुपए का टैक्‍स के रूप में दिया। उन्‍होंने बताया कि व्‍यक्तिगत आयकर संग्रह के क्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन किया है। पिछले साल की तुलना में वर्ष 2017-18 के दौरान 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। पिछले वर्ष इस श्रेणी में 34.01 करोड़ रुपए टैक्‍स मिले थे। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 67.60 करोड़ टैक्‍स के रूप में मिले हैं। एक जून 2018 तक अग्रिम कर संग्रह में 98.24 फीसदी की वृद्धि हुई है। कर संग्रह को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में 180 सर्वेक्षण किए गए हैं। बिहार और झारखंड में पांच लाख 35 हजार 172 नए करदाता जोड़े गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में झारखंड को 2,217 करोड़ रुपए टैक्‍स के रूप में मिले। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 2,516 करोड़ रुपए टैक्‍स वसूलने का लक्ष्य है।

31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर 5000 फीस: आयकर अधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने के लिए 5000 रुपए फीस लागू होगा, लेकिन 31 दिसंबर से पहले यह जमा करना होगा। 31 दिसंबर के बाद आयकर रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। पांच लाख रुपए तक के आय के लिए 1000 रुपए फीस लगेगा। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए भी आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। अधिकारियों ने कहा कि विभाग को सूचना मिली है कि कई वेतनभोगी कर्मचारी आय वापसी के लिए झूठी जानकारी दे रहे हैं। विभाग ने पहले ही बोकारो में ऐसे मामलों की पहचान की है। अब तक 1000 से अधिक मामलों की पहचान की गई है। एेसे मामले में जुर्माने की कार्रवाई शुरू की गई है।

X
एमएस धोनी। (फाइल)एमएस धोनी। (फाइल)
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन