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  • Notification issued for suspension of ADG of CID, Anurag Gupta, departmental proceedings were initiated against him

झारखंड / सीआईडी के एडीजी अनुराग गुप्ता के निलंबन की अधिसूचना जारी, उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाई गई थी

सस्पेंड एडीजी अनुराग गुप्ता (फाइल फोटो)। सस्पेंड एडीजी अनुराग गुप्ता (फाइल फोटो)।
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सस्पेंड एडीजी अनुराग गुप्ता (फाइल फोटो)।सस्पेंड एडीजी अनुराग गुप्ता (फाइल फोटो)।

  • 1990 बैच के गुप्ता के खिलाफ 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव  में पद का दुरुपयाेग कर चुनाव काे प्रभावित करने का आराेप
  • निर्वाचन आयाेग की जांच के बाद 29 मार्च 2018 काे अनुराग गुप्ता के खिलाफ जगन्नाथपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2020, 07:28 AM IST

रांची. राज्य सरकार ने शुक्रवार काे सीआईडी के एडीजी अनुराग गुप्ता के निलंबन की अधिसूचना जारी कर दी। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस दौरान उन्हें पुलिस मुख्यालय में याेगदान देना होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि 1990 बैच के गुप्ता के खिलाफ 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव  में पद का दुरुपयाेग कर चुनाव काे प्रभावित करने का अाराेप सही पाया गया। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाई गई। और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले रघ्ुवर सरकार में पुलिस को उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे। बार-बार ऑरिजनल सीडी मांगी जा रही थी, जो उन्हें कभी मिली नहीं।  निर्वाचन अायाेग की जांच के बाद 29 मार्च 2018 काे अनुराग गुप्ता के खिलाफ जगन्नाथपुर थाने में एफअाईअार दर्ज की गई थी। हेमंत सरकार ने चुनाव आयोग की रिपाेर्ट को सही मानते हुए यह कार्रवाई की।

पहले 4 नोटिस भेजे थे, साव ने कहा... पुलिस पर भरोसा नहीं
पुलिस रिपाेर्ट के अनुसार, अनुसंधान के क्रम में योगेंद्र साव काे चार बार डाक से नोटिस भेज कर साक्ष्य के तौर पर मूल यंत्र उपलब्ध कराने काे कहा गया, लेकिन उन्हाेंने काेई जवाब नहीं दिया। फिर पुलिस ने उनसे मिलकर भी मूल यंत्र मांगा, लेकिन उन्हाेंने कहा था कि वर्तमान पुलिस व्यवस्था पर भराेसा नहीं करते हैं, इसलिए जाे भी कहना हाेगा, वे काेर्ट में कहेंगे। इस वजह से कोर्ट में जमा कराए गए सिर्फ सीडी को ही जांच के लिए एफएसएल, गांधीनगर (गुजरात) भेजा गया। इसकी रिपोर्ट में बताया गया कि उपलब्ध कराए गए साक्ष्य, जो मूल साक्ष्य की कापी है, विश्वसनीय नहीं है। अनुसंधान में प्रतिवादी का बयान भी अंकित किया गया, जिसमें उन्हाेंने आरोपों को सिरे से खारिज किया और बताया कि योगेंद्र साव उन पर हुए मुकदमे को सरकार से वापस लेने की पैरवी करते थे।

झारखंड बनने के बाद आईपीएस के सस्पेंड होने का यह चौथा मामला
झारखंड राज्य गठन के बाद अब तक कुल चार आईपीएस अफसराें काे निलंबित किया गया है। इनमें अनुराग गुप्ता सबसे बड़े अफसर हैं। वे एडीजी रैंक के अफसर हैं, जबकि पीएस नटराजन काे जब निलंबित किया गया, तब वे अाईजी रैंक में थे। हालांकि एडीजी रैंक में उनकी प्राेन्नति की अनुशंसा हाे चुकी थी अाैर वे कभी भी एडीजी बन सकते थे।

  • पीएस नटराजन, तत्कालीन रीजनल आईजी रांची-  आरोप : 2005 में आदिवासी महिला का याैन शाेषण
  • राकेश वंसल, तत्कालीन देवघर एसपी- आरोप :2017 में देवघर श्रावणी मेले में भगदड़ में 10 लाेगाें की माैत के मामले में व्यवस्था में लापरवाही
  • सीपी किरण, तत्कालीन चतरा एसपी- आरोप : सिपाही बहाली के दाैरान बाेर्ड के चेयरमैन के रूप में मास्टर चार्ट से छेड़छाड़ का आराेप
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