झारखंड / पचुवाड़ा सेंट्रल ब्लाॅक के छह सौ मिलियन टन कोल रिजर्व में लगी है आग



पचुवाड़ा सेंट्रल काेल ब्लाॅक में लगी आग। पचुवाड़ा सेंट्रल काेल ब्लाॅक में लगी आग।
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पचुवाड़ा सेंट्रल काेल ब्लाॅक में लगी आग।पचुवाड़ा सेंट्रल काेल ब्लाॅक में लगी आग।

  • पूर्व में दो बार लग चुकी है आग, जल्द आग पर काबू नहीं पाया गया तो झरिया जैसी स्थिति हो जाएगी

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 11:14 AM IST

पाकुड़(संतोष कुमार).  अमड़ापाड़ा स्थित बंद पड़े पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लाॅक में छह सौ मिलियन टन रिजर्व कोयले के सिम(परत दर परत) में एक बार फिर आग लगी है। जानकारी के मुताबिक कोयला खदान में यह आग लगभग चार सप्ताह से लगी है। इससे पूर्व भी इस खदान में 2015 व 2016 में आग लग चुकी है। कोयले के सिम में लगी आग धीरे-धीरे अंदर की ओर फैल रही है और जल्द ही इस पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में यह क्षेत्र भी झरिया बन सकता है।

 

जिला प्रशासन को नहीं है जानकारी
गौरतलब है कि पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लाॅक से सटे पचुवाड़ा नाॅर्थ, पचुवाड़ा साउथ व उरमा पहाड़ी टोला कोल ब्लाॅक हैं। इस क्षेत्र के बड़े भू-भाग में जमीन के अंदर कोयले का भंड़ार है जो सभी एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में यदि कोयले की आग अंदर ही अंदर फैलती चली गई तो झरिया के समान इस पर भी काबू पाना शायद मुश्किल हो सकता है। दुर्भाग्य से कोल माइंस में आग लगने की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं है। जबकि, धू-धू कर जलते आग के बगल में स्थानीय ग्रामीण बेखौफ होकर कोयला खोदते देखे जा सकते हैं। राख बन रहे कोयले के ढ़ेर के समीप ग्रामीणों द्वारा कोयला निकालना न सिर्फ खतरनाक हो सकता है। बल्कि, कोयले का ढेर धंसने से उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है।

 

2015 से बंद है पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल माइंस
पूर्व में पैनेम कोल माइंस द्वारा उत्खनन किए जा रहे सेन्ट्रल ब्लाॅक 1 अप्रैल 2015 से बंद है। बाद में केन्द्र सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर कोल ब्लाॅक को पंजाब स्टेट पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को आवंटित कर दिया। माइंस डेवलपर एण्ड ऑपरेटर (एमडीओ) के लिए पीएसपीसीएल द्वारा वैश्विक निविदा के माध्यम से दिलीप बिल्डकाॅन लिमिटेड (डीबीएल) को आवंटित किया गया है।

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
कम आर्द्रता के कारण ऑक्सीजन के संपर्क में आने वाले हिस्से में कोयले के बाहर नमी आ जाती है। अंदर से गर्मी होने के रिएक्शन के कारण कोयले में स्वतः ही आग लग जाती है।

 

क्या कहते हैं अधिकारी
कोयले के सिम में आग लगने की जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से सूचना मिली है। जांच कर आग बुझाने के लिए पीएसपीसीएल को पत्र लिखूंगा। -उत्तम कुमार विश्वास, डीएमओ, पाकुड़।

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