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पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स में 100 सीटों पर होगा नामांकन

पीजी साइकोलॉजी के काउंसलिंग सेल के अंतर्गत इसी सत्र से होगी पढ़ाई

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 02:41 AM IST
सिंबोलिक इमेज। सिंबोलिक इमेज।

रांची. काउंसलर के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। पीजी डिप्लोमा गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स में इसी सत्र से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीजी साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में चल रहे काउंसलिंग सेल द्वारा इस कोर्स की पढ़ाई के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर आरयू प्रशासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब सिर्फ नोटिफिकेशन जारी होना शेष रह गया है। इस कोर्स के फर्स्ट बैच में 100 सीटों पर एडमिशन लिए जाने की संभावना है।
काउंसलर के क्षेत्र की संभावनाओं और डिमांड को देखते हुए इस कोर्स का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जेपीएससी के पूर्व कार्यकारी चेयरमैन सह पीजी साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के शिक्षक डॉ. परवेज हसन द्वारा इस कोर्स का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। इसका ड्राफ्ट तैयार करने के पहले देश के जाने-माने विश्वविद्यालयों में चल रहे काउंसलिंग कोर्स के सिलेबस का डॉ. हसन ने अध्ययन किया था।

दो सेमेस्टर में 500 अंक की होगी परीक्षा: पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स में पांच पेपर की परीक्षा होगी। फर्स्ट सेमेस्टर में तीन पेपर की परीक्षा ली जाएगी। इनमें प्रत्येक पेपर सौ-सौ अंक का होगा। इसमें 200 अंक की थ्योरी पेपर और 100 अंक की प्रैक्टिकल पेपर की परीक्षा होगी। इसी प्रकार सेकेंड सेमेस्टर में दो पेपर की परीक्षा ली जाएगी। इसमें भी दोनों पेपर 100-100 अंक का होगा। इसमें 100 अंक थ्योरी पेपर और 100 अंक का फील्ड वर्क होगा। जिसमें तीन माह तक स्टूडेंट्स फील्ड में रहकर वास्तविक ट्रेनिंग लेंगे।

प्रति सेमेस्टर शुल्क 10 हजार रु.: पीजी डिप्लोमा गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स एक वर्ष का होगा। छह- छह माह के दो सेमेस्टर की पढ़ाई होगी। प्रति सेमेस्टर 10 हजार रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। एडमिशन लेने वाले अभ्यर्थियों को पूरे कोर्स (दो सेमेस्टर) के लिए 20 हजार रुपए देना होगा। इस कोर्स की पढ़ाई के लिए विभाग के शिक्षकों ने तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में काउंसिल सेल के अंतर्गत जर्नल का प्रकाशन भी किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव विवि प्रशासन को भेज दिया गया है।

डिप्लोमा कोर्स शुरू होने से यह होगा लाभ: एकेडमिक समेत अन्य सभी तरह के संस्थानों में काउंसलर की आवश्यकता है। लेकिन पर्याप्त संख्या में काउंसलर नहीं हैं। इस कोर्स से पास आउट स्टूडेंट्स जॉब के अलावा स्वयं स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस भी कर सकते हैं। स्टूडेंट्स में स्ट्रेस दूर करने में काउंसलर की अहम भूमिका होती है। खास कर परीक्षा के समय छात्रों में तनाव अधिक रहता है। काउंसलर की सलाह से व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे लक्ष्य प्राप्ति आसान हो जाती है।

किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स का होगा एडमिशन: काउंसलिंग सेल इनचार्ज डॉ. परवेज हसन ने कहा कि पीजी डिप्लोमा गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स में स्नातक के किसी भी स्ट्रीम में पास आउट स्टूडेंट एडमिशन ले सकते हैं। इस कोर्स में करियर की काफी संभावनाएं हैं। कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव पर आरयू प्रशासन द्वारा स्वीकृति देना सराहनीय कदम है।

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