मॉब लिंचिंग / संसद में पीएम ने कहा-सरायकेला की घटना से पूरे झारखंड को बदनाम करना गलत



राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
X
राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

  • प्रधानमंत्री ने कहा- झारखंड में लिंचिंग ने मुझे पीड़ा दी है, इसने दूसरों को भी दुखी किया
  • 17 जून की रात तबरेज अंसारी को भीड़ ने पकड़कर बेरहमी से पीटा था, शनिवार को उसकी मौत हो गई थी

Dainik Bhaskar

Jun 26, 2019, 03:13 PM IST

नई दिल्ली/रांची. लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने भाषण में सरायकेला मॉब लिंचिंग घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा-सरायकेला की घटना से पूरे झारखंड को बदनाम करना गलत है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा देश एक है। हम उस जिम्मेदारी को निभाएं, देश के हर नागरिक के सुरक्षा की गारंटी हमारा दायित्व है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मानवता के प्रति हमारी संवेदनशीलता हमारी जिम्मेदारी है। सबका साथ, सबका विश्वास के मंत्र को लेकर हम 2014 में चले थे लेकिन इन पांच सालों में जनता ने इसमें एक और बात जोड़ दी है वो है सबका विश्वास। 

 

मॉब लिंचिंग ने मुझे पीड़ा दी, दूसरों को भी दुखी किया: पीएम
झारखंड में लिंचिंग ने मुझे पीड़ा दी है। इसने दूसरों को भी दुखी किया है। लेकिन, राज्यसभा में कुछ लोग झारखंड को लिंचिंग का केंद्र कह रहे हैं। क्या यह उचित है? वे पूरे राज्य का अपमान क्यों कर रहे हैं। हममें से किसी को भी झारखंड राज्य का अपमान करने का अधिकार नहीं है।

 

गुलाम नबी को धुंधला नजर आ रहा है...
पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को सबकुछ धुंधला नजर आ रहा है। लेकिन जब वे राजनीतिक चश्मा उतार कर देखेंगे तो सब धुंधला नहीं उज्जवल भविष्य नजर आएगा। मोदी ने इस दौराना आजाद को गालिब का एक शेयर सुनाते हुए कहा कि ताउम्र गालिब ये भूल करता रहा... धूल चेहरे पर थी... आईना साफ करता रहा। उन्होंने कहा कि ये चीजें जब भी अखबार में आती हैं, मैं जब मंगलवार को सांसदों के साथ मीटिंग में बैठता हूं तो आक्रोश व्यक्त करता हूं।  


ये थी घटना

मालूम हो कि सरायकेला थाना क्षेत्र के धातकीडीह में खरसावां के कदमडीहा के रहने वाले तबरेज की शनिवार को मौत हो गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चोरी का आरोप लगाकर 17 जून की रात तबरेज अंसारी (24 वर्ष) को भीड़ ने पकड़कर बेरहमी से पीटा था। उससे जय श्री राम के नारे लगवाए। चोरी का आरोप लगाकर आक्रोशित भीड़ ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद शुरू हुई पुलिस की लापरवाही। शरीर में कई जगह गंभीर चोट के बावजूद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की बजाय पुलिस ने जेल भेज दिया। जेल में भी उसका ठीक से इलाज नहीं हुआ, जिस कारण शनिवार को युवक की मौत हो गई।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना