हूल दिवस / प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में झारखंड के वीर शहीदाें काे याद किया

भाजपा कार्यालय में मन की बात सुनते सीएम। भाजपा कार्यालय में मन की बात सुनते सीएम।
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भाजपा कार्यालय में मन की बात सुनते सीएम।भाजपा कार्यालय में मन की बात सुनते सीएम।

  • आजादी में झारखंड का अहम याेगदान : मोदी, यहीं से हुआ था आजादी का शंखनाद : रघुवर

Jul 01, 2019, 06:21 AM IST

रांची. हूल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने मन की बात कार्यक्रम में झारखंड के वीर सिदाे-कान्हू, चांद भैरव, वीरांगना फूलाे झानाे अाैर झारखंड उलगुलान के नायक धरती अाबा भगवान बिरसा मुंडा काे याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा-स्वतंत्रता अांदाेलन में झारखंड के वीर सपूताें का अमूल्य याेगदान रहा है। 


भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री के मन की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा-अभी प्रधानमंत्री ने मन की बात में भगवान बिरसा मुंडा की चर्चा की। हम कह सकते हैं कि अाजादी का शंखनाद झारखंड की धरती से ही हुअा था। अंग्रेजाें द्वारा अादिवासी समाज का शाेषण हाे रहा था अाैर शाेषण के कारण गरीबी थी।

 

इसके खिलाफ सबसे पहले उलगुलान करने का काम हमारे सिदाे-कान्हू, चांद भैरव अाैर फूलाे झानाे ने किया। फूलाे झानाे ने लक्ष्मी बाई से भी पहले अंग्रेजाें के खिलाफ संघर्ष किया। इनकी साेच थी कि झारखंड में किसी का शाेषण न हाे, गरीबी समाप्त हाे। उन्हीं अादर्शाें पर हमारी सरकार चल रही है।

 

हूल के वीराें काे श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने कहा- आइए, हम वीर शहीदाें के सपनाें का समृद्ध, सशक्त और खुशहाल झारखंड बनाएं। नया झारखंड बनाएं। ट्वीट भी किया-अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्राेह के प्रतीक हूल दिवस पर झारखंड के शहीदाें काे नमन। उन अनाम वीराें के प्रति भी श्रद्धांजलि, जिन्हाेंने अाजादी के हूल में प्राणाें की अाहूति दी थी।

 

किसानों ने दिखाई अपनी क्षमता
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के किसान में अपार क्षमता है। कृषि विकास दर -4 था, जाे अब प्लस 14 हो गया है। लाखों डोभा खुदवाया, तालाब बनवाया। हजारीबाग के कटकमसांडी के सरपंच ने पीएम की प्रेरणा से जल प्रबंधन की दिशा में काम किया।

 

सात जुलाई से शुरू हाेगा जल संचय कार्यक्रम

दोबारा पीएम बनने के बाद मोदी ने पहली बार मन की बात की। उनका पूरा फोकस आने वाले समय में जल का संचय कैसे करें, इस पर था। हमारी सरकार ने भी तय किया कि पहाड़ का पानी पहाड़ में, खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में अौर शहर का पानी शहर में रहे। इसके लिए सात जुलाई को जन भागीदारी से हर पंचायत, गांव में जनता के साथ मुखिया, सरपंच अौर जनप्रतिनिधि अभियान शुरू करेंगे। हर पंचायत अौर गांव में हर रविवार को कहीं सीएम तो कहीं मंत्री-मुख्य सचिव श्रमदान कर जल संचय करते दिखेंगे।

 

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