लोस चुनाव / सरकारी ऑफिस या संपत्तियों पर नहीं लगा सकते राजनीतिक झंडे-पोस्टर या बैनर

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 06:12 PM IST


Political flags-posters or banners can not be used on government offices or properties
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रांची. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने कहा है कि सरकारी ऑफिस या संपत्तियों पर राजनीतिक पार्टियां अपने झंडे-पोस्टर या बैनर नहीं लगा सकती हैं। चुनाव के दौरान राजनीतिक विज्ञापन के लिए रेलवे स्टेशन, सरकारी अस्पताल, पोस्ट आॅफिस, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, पुल, रेलवे फ्लाईओवर, रोड, सरकारी बस, सरकारी भवन व परिसर, सिविल संरचना, बिजली एवं टेलीफोन के खंभे आदि का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

 

उन्होंने इन जगहों पर दीवार लेखन, पोस्टर, कटआउट, होर्डिंग, बैनर, झंडे आदि की भी अनुमति नहीं होगी। राज्य पथ परिवहन निगम की बसों, नगर निगम की बसों एवं अन्य सरकारी स्वामित्व वाली बसों का उपयोग आदर्श आचार संहिता के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों के प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाएगा।

 

जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को भेजा गया निर्देश
विनय चौबे ने कहा कि इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी संस्थान द्वारा प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से स्थान उपलब्ध कराने के संबंध में यदि किसी निजी विज्ञापन एजेंसी से कान्ट्रेक्ट किया गया हो तो उसमें यह स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए कि आदर्श चुनावी आचार संहिता की अवधि के दौरान संस्थान की परिसंपत्ति का राजनीतिक विज्ञापन के लिए उपयोग चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अधीन होगा।

 

पार्टियों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेंगे सरकारी स्कूल ग्राउंड
राज्य के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनीष रंजन ने रविवार को बताया कि राजनीतिक पार्टियों की सभा के लिए पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सरकारी स्कूल-कॉलेज के मैदानों का आवंटन होगा। साथ ही इन स्कूल या कॉलेज प्रबंधन की अनापत्ति भी चाहिए। चुनाव प्रचार के कारण इन शैक्षणिक संस्थानों का एकेडमिक कैलेंडर प्रभावित नहीं होना चाहिए। यह सब देखने के बाद ही अनुमंडलाधिकारी अनुमति देंगे। मनीष रंजन ने कहा कि आदर्श आचार संहिता में यह प्रावधान है कि सत्ताधारी दल इस तरह के मैदान या खुले क्षेत्रों पर एकाधिकार नहीं कर सकते। आयोग ने राजनीतिक दलों को स्कूल या काॅलेज ग्राउंड के उपयोग के लिए अनुमति दी है। लेकिन इसमें कई शर्तें भी शामिल हैं। सभाओं के आयोजन के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया जाना सुनिश्चित करना होगा। जिस भी राजनीतिक दल को इस तरह के मैदान के उपयोग की अनुमति दी गई है, उसका यह दायित्व होगा कि वे मैदान को बिना नुकसान पहुंचाए स्कूल या काॅलेज प्रबंधन को वापस करेंगे।

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