राजनीति / लोकसभा चुनाव में भाजपा से लड़े, अब अपनी ही पार्टी के नेताओं से कर रहे दो-दो हाथ



सुबोधकांत सहाय और डॉक्टर अजय कुमार। (फाइल फोटो) सुबोधकांत सहाय और डॉक्टर अजय कुमार। (फाइल फोटो)
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सुबोधकांत सहाय और डॉक्टर अजय कुमार। (फाइल फोटो)सुबोधकांत सहाय और डॉक्टर अजय कुमार। (फाइल फोटो)

  • भाजपा 65 प्लस सीटें हासिल करने के टारगेट तय कर कर रहा काम
  • दूसरी ओर कांग्रेस, राजद व झाविमो में थम नहीं रहा सिर-फुटौवल 

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 11:18 AM IST

रांची. लोकसभा चुनाव में पराजित विपक्ष हतोत्साहित है। झारखंड की 14 में से 12 सीटें भाजपा को क्या मिलीं, विपक्ष के नेता आपस में ही उठापटक करने लगे हैं। महागठबंधन के नेता लोकसभा चुनाव में भाजपा से लड़ रहे थे, अब वे अपनी ही पार्टी के नेताओं से दो-दो हाथ कर रहे हैं। कांग्रेस हो या राजद या फिर झाविमो, सबका एक ही हाल है। समीक्षा बैठक में वे एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। एक-दूसरे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी कार्यालय परिसर में ही मारपीट और धक्का-मुक्की हो रही है। 

 

प्रदेश भाजपा ने शुरू कर दी हैं विधानसभा चुनाव की तैयारियां
हद तो यह है कि वे अपने ही पार्टी अध्यक्ष को ही कार्यालय में नहीं आने दे रहे हैं। अलग-अलग गुट के नेताओं के अलग-अलग तर्क और अलग-अलग सोच है। इनमें कोई इसलिए नाराज है कि उसे लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला। कोई इसलिए नाखुश है कि टिकट मिलने के बाद भी वह कतिपय नेताओं के असहयोग के कारण हार गया। कोई इसलिए भी अप्रसन्न है कि उसे चुनाव के दौरान उपयुक्त सम्मान नहीं मिला। अब ये सभी अपने-अपने तर्कों के वाण से एक-दूसरे पर वार कर रहे हैं, उन्हें नीचा दिखा रहे हैं। प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सम्मान समारोह के बहाने पूरे राज्य के भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने रिचार्ज किया है। मुख्यमंत्री ने 60 प्लस का नारा दिया, जबकि दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इसे संशोधित कर 65 प्लस में तब्दील किया, पर महागठबंधन के दलों में शामिल कांग्रेस, राजद और झाविमो का आपसी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

 

कांग्रेस : डॉ. अजय व सुबोध गुट आमने-सामनेे 
आपसी संघर्ष और गुटबाजी में कांग्रेस नेताओं का जोड़ नहीं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय का गुट एक-दूसरे को नीचा दिखाने का कोई अवसर गंवाना नहीं चाहता। लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू व फुरकान अंसारी ने भी डॉ. अजय के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। हद तो तब हो गई, जब हार की समीक्षा करने आए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह को पार्टी कार्यालय में घुसने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। सुबोध गुट के नेताओं के विरोध के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी कार्यालय में आए भी नहीं। 

 

झाविमो : महिला के आरोप पर छिना प्रदीप का पद, बैठक से भी गायब 
लोकसभा चुनाव में झाविमो बैकफुट पर आ गया था, जब पार्टी की एक महिला नेता ने प्रदीप यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके साथ होटल में अश्लील हरकत की है। प्राथमिकी दर्ज हुई। पीड़िता ने कहा था-बाबूलाल मरांडी को सूचना देने के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं किया। हालांकि, 27 मई को मरांडी ने इस आरोप का उल्लेख कर प्रदीप से त्यागपत्र ले लिया। समीक्षा बैठक से प्रदीप ने किनारा कर लिया। बाद में मरांडी ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों से त्यागपत्र ले लिया। 

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