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नाबालिगों के हाथों में ई-रिक्शा सवारियों की सुरक्षा, डीटीओ और निगम बेपरवाह

राजधानी की सड़कों पर इन दिनों कई नाबालिग ड्राइवर ई-रिक्शा का हैंडल थाम कर चल रहे हैं। इनकी उम्र को देखकर ही अंदाजा...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 04:01 AM IST
राजधानी की सड़कों पर इन दिनों कई नाबालिग ड्राइवर ई-रिक्शा का हैंडल थाम कर चल रहे हैं। इनकी उम्र को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि न तो इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस होगा और न ही नियमों की जानकारी। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस के सामने से ये बेरोक-टोक के गुजरते हैं। डीटीओ, ट्रैफिक पुलिस व नगर निगम के ध्यान नहीं देने के कारण नाबालिग ड्राइवरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एमजी रोड और इससे सटे वैकल्पिक मार्ग में ई-रिक्शा दौड़ाते दो दर्जन से अधिक नाबालिग मिल जाएंगे। इनके ई-रिक्शा में रोजाना सैकड़ों लोग सफर कर रहे हैं। सवारी बिठाने और अधिक फेरा लगाने के चक्कर में नाबालिग ड्राइवर काफी तेज ई-रिक्शा चलाते हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।

टेंपो और ट्रेकर के बाद अब ई-रिक्शाें में भी ओवरलोड

रांची की ट्रैफिक पुलिस इन दिनों दो पहिया वाहन चेकिंग पूरे जोश-खरोश के साथ कर रही है। बिना हेलमेट या ट्रिपल लोड दो पहिया वाहन को देखते ही रोककर चालान काटा जा रहा है। इस अभियान का असर भी दिख रहा है। मगर ई-रिक्शा के मामले में ट्रैफिक पुलिस आंखें बंद की हुई है। खुलेआम ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारी ढो रहे हैं। इतना ही नहीं ऑटो की तर्ज पर ई-रिक्शा चालक भी सहयोगी रखने लगे हैं। सवारी अधिक होने पर वे ई-रिक्शा के पीछे खड़े होकर खतरनाक तरीके से चल रहे हैं। अगर हाथ स्लिप किया तो निश्चित रूप से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लेकिन कमाई के फेर में जान जोखिम में डाल रहे हैं। इधर, नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने पर भी इन पर कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है।

छानबीन नहीं होने के कारण बिना लाइसेंस के बेखौफ चला रहे हैं कम उम्र के बच्चे

सवारी देखते ही बीच सड़क पर रोक देते हैं ई-रिक्शा : ऑटो चालक सवारी के फेर में बीच सड़क पर ही गाड़ी खड़ी कर देते हैं। इसके कारण कई बार हादसा भी हो चुका है। लेकिन अब ई-रिक्शा चालक भी ऑटो चालकों की तर्ज पर सवारी देखते ही सड़क पर ही वाहन रोक देते हैं। ऐसे में पीछे से आ रहे वाहनों के एक्सीडेंट का खतरा भी लगातार बना रहता है।

कमाई के फेर में दुर्घटनाओं को आमंत्रण

मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत कोई भी 18 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर वाहन नहीं चला सकता। 18 से कम उम्र के नाबालिग के लिए बिना गियर वाले स्कूटी का लाइसेंस बनता है। लेकिन जो नाबालिग नियमानुसार बाइक-कार नहीं चला सकते, वे ई-रिक्शा का हैंडल हाथों से संभाल रहे हैं।

क्या कहता है मोटर वाहन अधिनियम

एमजी रोड पर जाम का बड़ा कारण हैं ई-रिक्शे

रांची के एमजी रोड में पेट्रोल-डीजल ऑटो के परिचालन पर पूरी तरह रोक है। इससे सुजाता चौक से अलबर्ट एक्का चौक की ओर सीधे लोगों को रिक्शा से या पैदल आना पड़ता था। एेसे में करीब दो साल पूर्व ई-रिक्शा सर्विस शुरू होने से लोगों को राहत मिली थी। लेकिन अब यही ई-रिक्शा लोगों के मुसीबत बन गई है। शहर के सबसे व्यस्ततम सड़क एमजी रोड में इन दिनों ई-रिक्शा के कारण ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त नजर आने लगी है। इस रूट पर 200 से अधिक ई-रिक्शा का परिचालन हो रहा है। जबकि, इस रूट के लिए नगर निगम ने महज 60 ई-रिक्शा को ही पास दिया है। मतलब बिना रूट पास के अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा पर किसी का ध्यान नहीं है।

बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाना एमवी एक्ट का उल्लंघन है। अगर कोई नाबालिग ऑटो या ई-रिक्शा चला रहा है तो यह गलत है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से नाबालिग चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -संजीव कुमार, डीटीओ, रांची

नगर निगम नहीं चलाता अभियान : शहर की सभी रूट पर दिए गए रूट पास से अधिक संख्या में ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। लेकिन इन पर अंकुश लगाने में नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस नाकाम हो गई है। हालांकि, कभी-कभार नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम के द्वारा ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। इस दौरान 20-25 ई-रिक्शा ही पकड़े जाते हैं। दरअसल चेकिंग अभियान चलते ही ई-रिक्शा ड्राइवर एक-दूसरे को सूचना दे देते हैं। इस कारण चेकिंग वाले स्थान पर बिना रूट पास वाले ई-रिक्शा नहीं आते। हालांकि, दूसरे दिन फिर वैसी ही स्थिति हो जाती है। क्योंकि, नगर निगम लगातार अभियान नहीं चलाता। लगातार अभियान चलाया जाए तो बिना रूट पास के अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा पर अंकुश लगाया जा सकता है।