पुलवामा की पहली बरसी / शहीद विजय सोरेंग को श्रद्धांजलि दी गई, एक साल बाद भी परिजन को नहीं मिली सहयोग राशि

शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते परिजन। शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते परिजन।
शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते सीआरपीएफ के डिप्टी कमाडेंट व परिजन। शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते सीआरपीएफ के डिप्टी कमाडेंट व परिजन।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद शहीद के परिजन व अन्य। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद शहीद के परिजन व अन्य।
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शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते परिजन।शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते परिजन।
शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते सीआरपीएफ के डिप्टी कमाडेंट व परिजन।शहीद विजय सोरेंग के श्रद्धांजलि देते सीआरपीएफ के डिप्टी कमाडेंट व परिजन।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद शहीद के परिजन व अन्य।श्रद्धांजलि सभा में मौजूद शहीद के परिजन व अन्य।

  • शहीद के पिता ने कहा- विजय के जाने से थोड़ा कमजोर पड़ा लेकिन हारा नहीं हूं
  • सीआरपीएफ कमांडेंट ने कहा- हम प्रण करें कि जान देकर देश की रक्षा करेंगे

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2020, 06:45 PM IST

गुमला. पुलवामा हमले की बरसी पर झारखंड के शहीद विजय सोरेंग को कुम्हारी स्थित उच्च विद्यालय में शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी गई। वे 14 फरवरी 2019 को पुलवामा अटैक में शहीद हुए थे। शहीद की पत्नी ने बताया कि सरकार द्वारा किए गए वादे एक साल के बाद भी नहीं पूरे किए गए हैं। शहीद के परिवार को मिलने वाली सहयोग की राशि भी आज तक नहीं मिली है। उधर, श्रद्धांजलि के दौरान सीआरपीएफ के डिप्टी कमाडेंट, शहीद के परिजन, पत्नी समेत प्रशासन के लोग मौजूद रहे। बसिया प्रखंड के रहनेवाले विजय सोरेंग कुम्हारी उच्च विद्यालय के छात्र थे।

इस अवसर पर सीआरपीएफ बटालियन के द्वितीय कमांडेंट अधिकारी दाव किंडो ने कहा कि विजय सोरेंग ने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। वे हमारे गौरव हैं। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में आज ही के दिन हमारे देश के जवानों ने बलिदान दिया था। इसे याद रखकर आज हम प्रण करें कि देश की सुरक्षा के लिए जान देकर देश की रक्षा करेंगे। देश हमारे जीवन की पहली प्राथमिकता है। हमारे बच्चों में देश प्रेम की भावना होने चाहिये जो देश को सुरक्षित रख सकें।

इस दौरान शहीद विजय सोरेंग के पिता वृष सोरेंग ने कहा कि विजय के जाने से भले ही मैं थोड़ा कमजोर पड़ा हूं लेकिन हारा नहीं हूं। पूरे परिवार को साथ लेकर चलना है और हिम्मत के साथ चलना है। पड़ोसी देश पाकिस्तान अपने बुरे करतूतों से सुधर नहीं सकता है। हमें देश की रक्षा जान देकर भी करनी है। 

शहीद विजय को फौजी पिता से प्रतिभा मिली थी : शिक्षक
इस अवसर पर कुम्हारी स्कूल के शिक्षक प्रदीप सिंह ने कहा कि शहीद विजय सोरेंग को बहादुरी विरासत में अपने फौजी पिता वृष सोरेंग से मिली थी। आज हम अपनी धरती मां की रक्षा के लिए भले ही बलिदान हो जाएं लेकिन हमारा कर्तव्य है ईमानदारी पूर्वक देश सेवा करते रहें। उनकी शहादत हमारी अपूरणीय क्षति है जो हमेशा याद रहेगी।

विधायक और सचिवालय कर्मियाें के एक दिन का वेतन भी नहीं मिला
शहीद विजय सोरेंग के पिता वृष सोरेंग ने कहा कि झारखंड सरकार के विधायक और सचिवालय कर्मी एक दिन का वेतन देनी की घाेषणा की थी, वह भी नहीं मिला। सरकार के द्वारा मेरे पोते को सेना में नाैकरी दी जा रही थी। मेरे पोते को सेना की नाैकरी में जाने की इच्छा नहीं है। वहीं, सेना के द्वारा मिलने वाली सहयोग राशि सभी कोर्ट में लंबित है जिससे पूरा परिवार परेशान है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने देश के लिए अपनी जान दी है, इस पर मुझे गर्व है।

रांची में शहीदों के सम्मान में निकाली गई रैली
उधर, पुलवामा हमले की पहली बरसी पर रांची में शहीदों के सम्मान में विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने समर्थन रैली निकाली। रैली की अगुवाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद डोरंडा कॉलेज और छात्र संघ द्वारा किया गया।

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