झारखंड / 11.51 लाख किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना में मिले 452 करोड़ रुपए



कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री रघुवर दास। कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री रघुवर दास।
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री रघुवर दास।कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री रघुवर दास।

  • 3 माह में राज्य के 35 लाख किसानों के खाते में कृषि कार्य हेतु जाएंगे 3 हजार करोड़: रघुवर दास
  • 10 अगस्त 2019 को 13 लाख 60 हजार किसानों को योजना की पहली किस्त 482 करोड़ वितरित की गई थी
  • अब तक मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 26 लाख किसानों के बीच लगभग 900 करोड़ रुपए के वितरण कार्य पूर्ण हो चुका है
  • मुख्यमंत्री ने देवडी समुदाय के लोगों को प्रदान की सम्मान राशि, समुदाय के 1500 लोगों को मिलेगा लाभ

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 07:22 PM IST

चाईबासा. यहां के टाटा कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के 11,51,137 किसानों को कृषि संसाधन जुटाने के लिए 452 करोड़ रुपए की राशि दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान राज्य की संस्कृति की धुरी हैं। दशकों तक किसानों की समृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल नहीं की गई। किसान आत्महत्या को मजबूर हुए। वे कर्जदार बने। लेकिन 2014 के बाद किसानों की समृद्धि के लिए पहल की गई। किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर ही झारखंड में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ किया गया। 

 

10 अगस्त 2019 को योजना के तहत 13 लाख 60 हजार किसानों को 482 करोड़ की राशि उनके खाते में हस्तांतरित की गई। आज 11 अक्टूबर 2019 को योजना से छूटे हुए 11 लाख 51 हजार 137 किसानों के खाते में 452 करोड़ की राशि हस्तांतरित की जा रही है। प्रदान की जा रही उक्त राशि पहली किस्त का 50% है। दीपावली से पूर्व दूसरी किस्त का 25% राज्य के किसानों को प्राप्त होगा। नवंबर- दिसंबर तक किसान तीसरी किस्से भी आच्छादित होंगे। इस तरह राज्य के 35 लाख किसानों के खाते में राज्य सरकार 3 हजार करोड़ रुपए उनकी आर्थिक समृद्धि, कृषि संसाधन जुटाने हेतु प्रदान करेगी।

 

खाता में रहेगा पैसा तो हाथ फैलाने की नहीं होगी जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ मिल रहा है। किसान सम्मान निधि योजना का तीसरा किस्त जल्द किसानों को मिलेगा। किसानों के खाते में पैसा रहने से उन्हें कृषि कार्य हेतु किसी के समक्ष हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे आसानी से कृषि से संबंधित संसाधन जुटा लेंगे। जो किसान इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं वे परेशान ना हों। अपना निबंधन प्रखंड कार्यालय में ग्राम सभा से अनुमति प्राप्त कर अवश्य कराएं। किसानों को उनका हक मिले यह हमारा लक्ष्य है।

 

सिंचाई की भी हो रही है व्यवस्था, पशुपालन भी अपनाएं किसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह कृषि कार्य हेतु किसानों को संसाधन जुटाने में आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उस तरह पानी की सुविधा भी किसानों को मिलेगी। क्योंकि कृषि कार्य ठीक ढंग से करने हेतु पानी की बड़ी आवश्यकता है। राज्य के किसान बहु फसलीय खेती कर सकें। इस दिशा में कार्य हो रहा है, क्योंकि एक फसल उत्पादन के बाद किसान काम की तलाश में पलायन कर जाते हैं। इस पलायन को हमें किसी भी हाल में रोकना है। किसान कृषि कार्य के अलावा पशुपालन के क्षेत्र में भी आगे आएं। सरकार महिलाओं को 90% अनुदान पर दो गाय उपलब्ध करा रही है। किसान भाइयों को भी 50% अनुदान पर गाय उपलब्ध कराया जाएगा। किसान इस दिशा में पहल करें। खासकर युवा किसान सरकार की इस योजना का लाभ लेते हुए पशुपालन को भी अपने आर्थिक स्वावलंबन का आधार बनाएं।

 

गुदड़ी के 69 गांव में पहुंची बिजली, वो कहते हैं हम जमीन छीन लेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल्हान स्थित गुदड़ी के 69 गांव बिजली और विकास से अछूते थे। सड़के नहीं थी। 2014 के बाद गुदड़ी के इन गांवों को बिजली से रोशन किया गया। सड़क बनी जो विकास के सूचक हैं। गांव-गांव स्ट्रीट लाइट, पेवर ब्लॉक की सड़क और सौर ऊर्जा के माध्यम से पानी पहुंचाने का कार्य हो रहा है। लेकिन लोग हम पर यह आरोप लगाते हैं कि हम जमीन छीन लेंगे। हम जमीन छीनने वाले नहीं बिजली विहीन गांव को बिजली से आच्छादित करने वाले, सड़क विहीन गांव में सड़क निर्माण करने वाले, शुद्ध पेयजल से वंचित लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने वाले, महिलाओं को धुआं से निजात दिलाने वाले, स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले हैं। 

 

कोल्हान का बदलना है, लालपानी से मुक्ति देनी है
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में भी मैंने कहा था कि चाईबासा को मुझे एक सुधारना है। यहां के लोगों को लाल पानी से मुक्ति देनी है। इस निमित्त 743 करोड़ की जलापूर्ति योजना पर कार्य हो रहा है। 24 बड़ी योजनाएं निर्माणाधीन है। 8 योजना अक्टूबर माह में पूरी हो जाएंगी। पांच बड़ी योजना 2020 तक व अन्य 2021 तक पूरी होगी। 2022 तक चाईबासा के हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है। खनन क्षेत्र में आजादी के बाद पहली बार सीएसआर के तहत 30% की राशि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में खर्च हो रहा है।

 

300 बेड का बनेगा हॉस्पिटल मेडिकल पढ़ाई के लिए कहीं और जाने कि नहीं होगी जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाईबासा में 258 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। अब कोल्हान प्रमंडल के बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करना होगा। 85 करोड़ की लागत से सदर अस्पताल का जीर्णोद्धार कार्य हो रहा है। 300 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण की योजना है ताकि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे बच्चों को प्रैक्टिकल करने में किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।

 

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