ग्रीन कॉरिडोर / मेडिका में भर्ती क्रोनिक लीवर डिजीज के मरीज को गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल ले जाया गया

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 10:16 AM IST


एंबुलेंस को स्कॉट करते ट्रैफिक एसपी। एंबुलेंस को स्कॉट करते ट्रैफिक एसपी।
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एंबुलेंस को स्कॉट करते ट्रैफिक एसपी।एंबुलेंस को स्कॉट करते ट्रैफिक एसपी।
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  • राजधानी का तीसरा ग्रीन कॉरिडोर, ट्रैफिक पुलिस ने हर जगह रास्ता खाली कराया 
  • जाम के लिए बदनाम रांची में मरीज को 13 मिनट में 14 किलोमीटर पार करा पहुंचाया एयरपोर्ट

रांची. ट्रैफिक पुलिस ने फिर 'सेवा ही लक्ष्य' की अपनी पंचलाइन को चरितार्थ किया है। सोमवार को शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मेडिका अस्पताल में भर्ती क्रोनिक लीवर डिजीज के मरीज को 13 मिनट में लगभग 19 किमी की दूरी तय कर अस्पताल से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचाया। मरीज का नाम रवींद्रनाथ तिवारी है और वे बरियातू के रहने वाले हैं। उन्हें एक सप्ताह पहले मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ. अविनाश उनका इलाज कर रहे थे। सोमवार को डॉक्टर ने गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। रास्ते में परेशानी ना हो इसके लिए परिजनों ने ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग से संपर्क किया। ट्रैफिक एसपी के निर्देश के बाद पूरा ट्रैफिक महकमा सक्रिय हो गया। मेडिका से मरीज को एंबुलेंस से 11.55 बजे एयरपोर्ट के लिए निकाला गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मात्र 13 मिनट में एंबुलेंस को एयरपोर्ट पहुंचा दिया। ट्रैफिक पुलिस की इस ड्यूटी की लोगों ने प्रशंसा की। 

 

सभी कट किए गए थे ब्लॉक 
मरीज को अस्पताल से एयरपोर्ट ले जाने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले सभी कट ब्लॉक कर दिए गए थे। कट पर पहले से ही ट्रैफिक जवानों को तैनात कर दिया गया था। हर एक चौक पार करने के बाद वायरलेस से आगे के चौक पर तैनात ट्रैफिक पदाधिकारी को स्कॉट कर रहे अधिकारी सूचना दे रहे थे। हालांकि पोस्ट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी खुद सक्रिय थे। 

 

जिंदगी का था सवाल, इसलिए सौ से भी ज्यादा स्पीड में एस्कॉर्ट 
अस्पताल से एयरपोर्ट तक एस्कॉर्ट कर मरीज को ले जाने वाले गोंदा ट्रैफिक थाना प्रभारी नवल किशोर प्रसाद ने बताया कि किसी आदमी की जिंदगी का सवाल था, इसलिए सौ से भी ज्यादा स्पीड में एस्कॉर्ट कर उन्हें एयरपोर्ट पहुंचाया। उन्होंने बताया कि मरीज को अस्पताल से एस्कॉर्ट करते हुए एसएसपी आवास से रंधीर वर्मा चौक, हॉटलिप्स, न्यू मार्केट से बाइपास रोड होते हुए एयरपोर्ट पहुंचाया। 

 

अप्रैल, 2017 में जवानों के लिए बना था पहला कॉरिडोर 
रांची में एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना दो वर्ष पूर्व तत्कालीन ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह ने शुरू की थी। इसके लिए दोनों ट्रैफिक डीएसपी के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए थे। 24 अप्रैल, 2017 को बूढ़ा पहाड़ के नक्सली अभियान में घायल हुए जवानों को रांची एयरपोर्ट से मेडिका अस्पताल तक 19 मिनट में पहुंचाया गया था। 

 

एक सप्ताह पहले बना था दूसरा कॉरिडोर 
एक सप्ताह पहले यानी पांच फरवरी को 9 महीने की बच्ची खुशी को बचाने के लिए रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। अस्पताल से एयरपोर्ट तक की 12 किमी की दूरी 11 मिनट में तय की गई थी। रांची के पिस्का मोड़ स्थित ओझा मार्केट के पास रहने वाले निशांत दूबे की 9 माह की बेटी खुशी 1 फरवरी को बाथटब में खेलते समय गिर गई। पानी सिर व लंग्स में पहुंच गया। वह कोमा में चली गई। उसे रानी चिल्ड्रन अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए उसे सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली ले जाने को कहा। परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुलाई और ट्रैफिक एसपी को सूचना दी। ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने में दो ट्रैफिक थानेदारों और 52 जवानों ने अहम भूमिका निभाई। अस्पताल से एंबुलेंस को एयरपोर्ट तक जाने के लिए हरमू रोड का चुनाव किया। एंबुलेंस दिन में 1:02 पर रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल से निकली और 1:13 पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंच गई। 12 किमी के रास्ते में 13 कट मिले। लेकिन यहां तैनात ट्रैफिक जवानों ने रास्ते को खाली करा दिया। 

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