राजनीति / मंत्री ने दिया राज्यसभा सांसद के खुले पत्र का जवाब... दोनों नेताओं में तनातनी, विपक्ष को मिला मुद्दा



सीपी सिंह और महेश पोद्दार। (फाइल फोटो) सीपी सिंह और महेश पोद्दार। (फाइल फोटो)
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सीपी सिंह और महेश पोद्दार। (फाइल फोटो)सीपी सिंह और महेश पोद्दार। (फाइल फोटो)

  • सीपी सिंह ने कहा-शिकायत है तो सांसद सीएम से कहें...सीबीआई जांच करवा लें 
  • महेश पोद्दार बोले-मैं सीएम से क्यों कहूं...सब मंत्री जी की नाक के नीचे हो रहा है 

Dainik Bhaskar

Jul 19, 2019, 10:23 AM IST

रांची. राज्यसभा सदस्य और भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष महेश पोद्दार के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को बुधवार को लिखे गए खुले पत्र पर अब राजनीति और तेज हो गई है। एक तरफ मंत्री सीपी सिंह ने गुरुवार को इस पत्र के जवाब में साफ कहा कि सिर्फ हरमू नदी ही नहीं, सवाल तो हर परियोजना पर खड़े होंगे। अगर सांसद को लगता है तो वे मुख्यमंत्री से बात करें। सीबीआई जांच करवाएं। भास्कर ने जब मंत्री के इस बयान पर सांसद महेश पोद्दार से बात की तो वे बोले कि मैं सीएम से क्यों बात करूं। ये मंत्री के विभाग का मामला है। सबकुछ उनकी नाक के नीचे हो रहा है। उधर, मंत्री और सांसद की इस तनातनी पर विपक्षी दल भी मुखर हो गए हैं। झामुमो और कांग्रेस ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। दोनों दलों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राज्य सरकार का भ्रष्टाचार का खुलासा पार्टी के ही सांसद कर रहे हैं। 

 

बकरी बाजार में मार्केट से लेकर सीवरेज तक हर मुद्दे पर मंत्री-सांसद हुए आमने-सामने 

  • बकरी बाजार में दुकान बनवाने का कोई प्रस्ताव नहीं आया : रांची नगर निगम की आेर से बकरी बाजार में दुकान बनवाने का प्रस्ताव नहीं आया है। मंत्रालय ने भी निगम को कुछ नहीं कहा है। निगम अपनी जमीन पर क्या डेवलप करेगा वह जानता है। 
  • राजधानी की क्या दुर्गति हुई है, कोई तो बताए : रांची में स्टेट वेंडर मार्केट बन चुका है। स्मार्ट सिटी बन रहा है, रवींद्र भवन बन रहा है, बड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण हो रहा है। अगर इन कार्यों से राजधानी की दुर्गति हो रही है तो मुझे कुछ नहीं कहना। 
  • मैं नहीं जानता इस पत्र के पीछे क्या औचित्य है : पूरा प्रकरण अखबार में छपा है। पार्टी के लोग अखबार पढ़ते हैं। अब उन्हें तय करना है। मुझे आपत्ति इस बात पर है कि पत्र मीडिया में क्यों लाया गया। इस पत्र के पीछे का क्या औचित्य है, मैं नहीं जानता। सांसद को सीएम को पत्र लिखना चाहिए। 
  • क्या सीवरेज-ड्रेनेज के 200 करोड़ का पेमेंट हो गया : क्या सीवरेज-ड्रेनेज के 200 करोड़ का पेमेंट हो गया? फिर ये मामला कहां से आ रहा है? मैंने स्वयं कहा कि जांच करानी चाहिए। मैंने सीएम को पत्र भी भेजा है। 
  • मेरा पत्र बड़ा सामान्य, संक्षिप्त और स्पष्ट है : मैं क्यों मुख्यमंत्री से बात करूं। मेरा पत्र बड़ा ही सामान्य, संक्षिप्त और स्पष्ट है। रांची शहर को कुछ खुली जगह चाहिए। बच्चाें को खेलने के लिए मैदान चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कहते हैं कि बच्चों को खेल का मैदान चाहिए। मैं भी यही कह रहा हूं। 
  • सीवरेज-ड्रेनेज निर्माण में हुआ 80-90 करोड़ का भुगतान : सीवरेज ड्रेनेज निर्माण में 80-90 करोड़ का भुगतान हुआ है। मेरी मंत्री से बात भी हुई है। मैंने इस संबंध में कई पत्र भी उनको दिए हैं, पर कोई जवाब नहीं मिला। 
  • आप लोग ही डिसाइड कर लो कि निर्णय कौन लेता है : नगर निगम बोलता है कि आप निर्णय लेते हैं, आप बोलते हैं कि निगम निर्णय लेता है। डिसाइड करें कि कौन निर्णय लेता है। आपका विभाग है। आपकी नाक के नीचे सब कुछ हो रहा है।
  • राजधानी की दुर्गति पर बोलता रहूंगा, चुप रहना संभव नहीं : अटल स्मृति वेंडर मार्केट निर्माण पर मैंने निगम से पूछा तो कहा गया कि विभाग की ओर से प्रस्ताव आया था। राजधानी की दुर्गति पर बोलता रहूंगा, चुप रहना मेरे लिए संभव नहीं। पर कोई जवाब भी तो दे।

आरोपों की जांच हो : झामुमो 
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्‌टाचार्य ने कहा कि खुद भाजपा के सांसद द्वारा नगर विकास मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नगर विकास मंत्री ने 600 करोड़ का घोटाला किया। मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। 

 

सांसद ही उठा रहे सवाल : कांग्रेस 
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता शमशेर अालम ने कहा कि नगर विकास मंत्री के विकास के दावों को उनके पार्टी के ही सांसद नकार रहे हैं। आलम ने सीएम से सीवरेज एवं हरमू नदी के कार्य में भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

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