हंगामा / कांग्रेस भवन में डॉ अजय व सुबोधकांत समर्थक भिड़े, लाठी चार्ज, पत्थर भी चले



हंगामा करते कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजती पुलिस। हंगामा करते कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजती पुलिस।
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हंगामा करते कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजती पुलिस।हंगामा करते कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजती पुलिस।

  • सुबोधकांत के कुछ समर्थक घायल, पुलिस ने हिरासत में लेकर छोड़ा
  • प्रदेश प्रभारी अारपीएन सिंह ने राज्य के सीनियर नेताओं को दिल्ली बुलाया

Dainik Bhaskar

Aug 01, 2019, 07:50 PM IST

रांची. प्रदेश कांग्रेस की लड़ाई अब आमने-सामने की हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के समर्थक गुरुवार को कांग्रेस भवन में भिड़ गए। आपस में जोरदार धक्का मुक्की हुई। कॉलर पकड़ा-पकड़ी भी हुई। इसी क्रम में जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगे। दोनों नेताओं के समर्थकों के आपस में उलझने से माहौल गरम हो गया। इसके पहले की माहौल ज्यादा खराब होता कांग्रेस भवन में पहले से तैनात पुलिस ने स्थिति बेकाबू होता देख लाठी चार्ज कर दिया। इससे भगदड़ मच गई।

 

 

हालांकि कुछ ही देर बार सुबोधकांत के समर्थकों ने कांग्रेस भवन के सामने डॉ. अजय को जमकर कोसा और कहा कि उन्हें कांग्रेस के संविधान की जानकारी ही नहीं है। वे कांग्रेस को भाजपा के साथ मिलकर खत्म कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के समर्थकों का नेतृत्व अजय नाथ शाहदेव, संजय पांडेय, राजेश गुप्ता छोटू कर रहे थे। जबकि सुबोधकांत सहाय के समर्थकों का नेतृत्व सुरेंद्र सिंह और राकेश सिन्हा कर रहे थे। माहौल तब शांत हुआ जब कांग्रेस भवन के सामने जमे सुबोधकांत सहाय के समर्थकों को कोतवाली पुलिस वहां से जबरन पकड़कर रांची विश्वविद्यालय कैंपस में ले जाकर छोड़ दिया। इधर, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने राज्य के सीनियर नेताओं को दिल्ली बुलाया है। कहा है कि तीन अगस्त को वे सभी लोग दिल्ली पहुंचे।

 

कांग्रेस किसी के बाप की जागीर नहीं: डॉ. अजय
इन सारे घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधानसभा प्रभारियों की बैठक में भाग लेने पहुंचे डॉ. अजय ने विरोध करने वाले लोगों पर जमकर वार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी के बाप की जागीर नहीं है। सुबोधकांत की भी नहीं। वह पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं। कोयला चोरी का लगातार इल्जाम लगता रहा है। इनका नाम सीबीआई में भी आता है। ये चोर लोग हैं। लड़ाई इस बात की है कि वे और कुछ और नेता अपने लिए और अपने रिश्तेदारों के लिए पद और टिकट चाहते हैं। जबकि वे नए लोगों को लाना चाहते हैं। कहा कि वे ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं। वे टूट जाएंगे लेकिन इनके सामने झुकेंगे नहीं क्योंकि वे ईमानदारी से काम करते हैं।

 

डॉ. अजय ने कहा कि उनका विरोध करने वाले एक नेता को बोकारो का भी टिकट चाहिए और पलामू का भी। एक नेता को खूंटी भी चाहिए तो घाटशिला भी। वहीं, एक को गोड्डा और अन्य जगहों से भी टिकट चाहिए। सुबोधकांत सांसद से लेकर हटिया विधानसभा तक का टिकट लेना चाहते हैं। कुछ दिनों से सुबोधकांत के लोग भाड़े पर बीस लोगों को इकट्ठा कर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। सुबोधकांत ओछी राजनीति कर रहे हैं। यह सब टिकट का ही खेल है। डॉ. अजय ने कहा कि पिछले एक साल से वह पार्टी की मजबूती के लिए लगातार लगे हुए हैं। माना कि उम्मीद के अनुसार कर पाए। लोकसभा में हमने एक सीट जीती और दो सीट थोड़े अंतर से हारे। इसका उन्हें दुख भी है। जबकि सुबोधकांत ने चुनाव में हार के लिए खुद जिम्मेवारी नहीं ली। लोकसभा चुनाव में इनकी और कुछ अन्य लोगों की भी औकात दिख गई। अब विधानसभा चुनाव के लिए घटक दलों से सीट पर बात हो रही है तो ये षड़यंत्र कर रहे हैं। ये चाहते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस कमजोर हो, तो दिल्ली में इनकी पूछ बढ़ेगी और ये अपने हिसाब से टिकट बांट सकेंंगे।

 

मै अभी कुछ नहीं बोलूंगा: सुबोधकांत
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के टिप्पणी पर कुछ भी कहने से इंकार किया।

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