प्रेसवार्ता / आधे-अधूरे, नियम के खिलाफ उद्घाटन कराए गए विस भवन के सत्र का हिस्सा बनना नहीं चाहता था: हेमंत सोरेन



प्रेसवार्ता के दौरान हेमंत सोरेन। प्रेसवार्ता के दौरान हेमंत सोरेन।
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प्रेसवार्ता के दौरान हेमंत सोरेन।प्रेसवार्ता के दौरान हेमंत सोरेन।

  • प्रशासनिक अधिकारी भाजपा का कार्यकर्ता बनकर अपने कैरियर को दांव पर न लगाएं: हेमंत
  • नेता प्रतिपक्ष ने कहा- यौन शोषण के आरोपी ढुल्लू महतो पीएम के साथ खिंचवा रहे हैं सेल्फी
  • साहेबगंज टर्मिनल भी आधा अधूरा, 181 में अभी 63 एकड़ जमीन का अधिग्रहण है बाकी, अब इस टर्मिनल से खान-खनिज की होगी लूट: हेमंत

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 07:15 PM IST

रांची. झामुमाे के कार्यकारी अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने सरकार पर प्रोटोकॉल का ज्ञान नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्य कार्यक्रम विधानसभा उदघाटन का था। मंच पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, स्पीकर डा दिनेश उरांव, संसदीय कार्यमंत्री उपस्थित थे। मगर इन्हें बोलने तक नहीं दिया गया। राज्यपाल राज्य के प्रथम व्यक्ति होते हैं। जबकि स्पीकर विधानसभा के सर्वोपरि। मेयर किसी भी शहर के प्रथम व्यक्ति होते हैं। मगर मेयर को मंच पर जगह तक नहीं दी गयी। सांसद को तो जगह दी गयी मगर मेयर आशा लकड़ा को नहीं। यह इनका अपमान है। यह बातें सोरेन ने अपने कांके रोड स्थित आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। 

 

चुनावी लाभ के लिए नियम के खिलाफ कराया गया उद्घाटन
एक ओर विधानसभा का सत्र चल रहा था, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने सरकार पर आरोप लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश है कि किसी भी अध निर्मित भवन का ऑक्यूपेंशी एवं कंपलेशन प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा। जबकि उनकी जानकारी में अभी विधानसभा का काम पूरा नहीं हुआ है। मगर सरकार ने इसका चुनावी लाभ लेने के लिए नियम विरूद्ध इसका उदघाटन करा दिया। ऐसी स्थिति में वे नियम विरूद्ध कराए गए विधानसभा भवन के सत्र का हिस्सेदार बनना नहीं चाहते थे। इसलिए वे सत्र नहीं गए और इसका सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।

 

साहेबगंज बंदरगाह भी आधा अधूरा, खान-खनिज के लूट का रास्ता खोल दिया गया
हेमंत सोरेन ने कहा कि साहेबगंज बंदरगाह का निर्माण पर भी आधा अधूरा है। कुल 181 एकड़ जमीन में अब भी 63 एकड़ भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है। रैयतों एवं प्रशासन में रगड़ा चल रहा है। एसपीटी एक्ट रहते हुए जमीन का अधिग्रहण कैसे हुआ। गत दिवस उदघाटन के मौके पर वहां पर महौल बहुत खराब था। कुछ भी हो सकता था। रही बात टर्मिनल का तो सरकार का दावा है कि झारखंड मुंबई बन जाएगा। मुंबई में क्या रहा है। सारे माफिया वहां बसे हुए हैं। स्मलिंग सहित सारे अनैतिक कार्य हो रहे हैं। इस टर्मिनल से खान एवं खनिज को अवैध तरीके से लूट करके बाहर भेजा जाएगा। लूट का नया रास्ता खुल जाएगा।

 

प्रशासनिक अधिकारी भाजपा का कार्यकर्ता बनने से बचें, अपने कैरियर को दाव पर मत लगाएं
हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के प्रशासनिक अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ता जैसे कार्य कर रहे हैं। इससे उन्हें बचना चाहिए और अपना कैरियर दाव पर नहीं लगाना चाहिए। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का कई अधिकारी तो फेसबुक एवं ट्यूटर पर फोटो एवं कमेंट्स शेयर कर रहे हैं। दुमका डीसी तो अतिउत्साह में सरकार पर जीरो भ्रष्टाचार की बातें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। बाद में उन्होंने हटा दिया। अधिकारियों को पता होना चाहिए कि राज्य में हाईकोर्ट भवन निर्माण घोटाला, कंबल घोटाला, कौशल विकास घोटाले जैसे कई घोटालों के आरोप हैं।

 

60 वर्ष बाद 3000 रूपया में नमक तक नहीं मिलेगा
हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार का किसान पेंशन एवं खुदरा दुकानदार पेंशन स्कीम की खिल्ली उड़ायी। उन्होंने कहा किसी को इसका फायदा तुरंत नहीं मिलने वाला है। मंदी के दौर से गुजर रहे देश को उबारने का काम गरीब जनता के पैसे से करने का माइंड प्लान है। एक किसान जो हर महीने 200 रूपया देगा, तब उसे जाकर 60 वर्ष बाद रिटायर होने पर 3000 रूपया मिलेगा। आज से 60 वर्ष बाद तो शायद नमक का दाम भी इससे अधिक हो जाएगा। जो खुदरा दुकानदार खुद नोटबंदी, जीएसटी एवं मंंदी से मर रहे हैं। उनपर और बोझ देना कहां से उचित है।

 

झारखंड लॉचिंग पैड नहीं लिचिंग पैड बन गया है
प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि झारखंड हर बड़ी योजना का लाचिंग पैड बन गया है। झारखंड लांचिंग पैड नहीं लिचिंग पैड बन गया है। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर का दिन झारखंड के लिए काला दिन था। जहां पर हर काम झूठ के बुनियाद पर हुई।

 

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