डबल मर्डर / अग्रवाल बंधु मर्डर केस में मुख्य आरोपी का एक बॉडीगार्ड गिरफ्तार, हत्या के बाद जलाए गए डीवीआर-मोबाइल बरामद

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 12:03 PM IST


प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एसएसपी। प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एसएसपी।
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  • कैश लेकर पहुंचे थे अग्रवाल बंधु, लोकेश के दोस्त और बॉडीगार्ड आईबी अफसर बन पैसे जब्त किए, विरोध करने पर मारी थी गोली

रांची. अशोक नगर रोड नंबर एक में स्थित साधना न्यूज चैनल के फ्रेंचाइजी कार्यालय में दो कारोबारी भाइयों हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त लोकेश चौधरी के निजी बॉडीगार्ड सुनील सिंह उर्फ सुनील कुमार को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 

 

जांच में कैश ट्रांजेक्शन की बात आई सामने 

एसएसपी अनीश गुप्ता ने कहा कि गिरफ्तार सुनील सिंह ने पुलिस को बताया है कि अग्रवाल भाइयों को लोकेश चौधरी के यूपी के रहने वाले एक दोस्त मेधावी कल्पतरू सिंह (एमके सिंह) और बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी ने गोली मारी थी। जांच में कैश ट्रांजेक्शन की बात आई है। दोनों को गोली मारने के बाद लोकेश व अन्य आरोपी भाग निकले। उन्होंने न्यूज चैनल के आफिस में लगे सीसीटीवी का डीवीआर निकाल लिया। हेमंत-महेंद्र के फोन भी ले लिए। फिर धुर्वा डैम वाले रास्ते पर फोन, डीवीआर, बॉडीगार्ड सुनील की टीशर्ट और धर्मेंद्र तिवारी की शर्ट को जला दिया।

 

कमरे में टेबल पर ही रखे हुए थे 20-25 लाख : बॉडीगार्ड 
सुनील ने बताया कि अग्रवाल भाई जब वहां पहुंचे, तो लोकेश एक कमरे में बैठा था। हेमंत-महेंद्र ने जैसे ही पैसा देने के लिए बैग खोला, नीचे से एमके सिंह और धर्मेंद्र तिवारी भी पहुंच गए। चूंकि, दोनों नए थे, इसलिए वह उन्हें पहचान नहीं सका। दोनों ने खुद को आईबी अधिकारी बताते हुए सारा पैसा कब्जे में ले लिया। अग्रवाल बंधुओं ने विरोध किया। इसी दौरान एमके सिंह ने उनकी लाइसेंसी पिस्टल लेकर छोटे भाई महेंद्र अग्रवाल को गोली मार दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बड़ा भाई हेमंत चिल्लाने लगा। शोर सुन लोकेश के दूसरे बॉडीगार्ड धर्मेंद्र ने अपनी राइफल से उसे भी गोली मार दी। उसकी भी मौत हो गई। सुनील के मुताबिक, कमरे के टेबल पर 500 और 200 रुपए के बंडल थे। करीब 20-25 लाख रुपए थे और दोनों में बातचीत चल रही थी। 

 

पटना के होटल में सपरिवार ठहरा था मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी 
कारोबारी हेमंत अग्रवाल और उसके छोटे भाई महेन्द्र अग्रवाल की हत्या करने के बाद मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी और उसके बॉडीगार्ड हिनू के शास्त्रीनगर कॉलोनी में स्थित एक अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले में एक फ्लैट में जुटे। इस फ्लैट में एमके सिंह (मेधावी कल्पतरू सिंह) अपने परिवार के साथ रहता है। कुछ देर बाद लोकेश ने बाडीगार्ड धमेंद्र तिवारी और सुनील को वापस साधना न्यूज के दफ्तर में भेजा। दोनों को जिम्मेदारी दी गई कि अग्रवाल बंधु के मोबाइल फोन और अन्य सबूत को लाकर मिटा दें। इसके बाद लोकेश अपनी पत्नी और बच्चे और सुनील सिंह और शंकर के साथ एसयूवी से रांची से पटना जाने के लिए निकला। अगले दिन सुबह 7 बजे लोकेश चौधरी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ पटना के अशोका पाटलीपुत्र होटल में ठहरा। वहीं से शंकर और सुनील को वापस चले जाने को कहा। सुनील कोलकाता चला गया, शंकर रांची। इस बात का खुलासा इस दोहरे हत्याकांड में अहम भूमिका निभाने वाले एक पुलिस अफसर ने किया।
उन्होंने कहा कि लोकेश अपने परिवार के साथ केवल एक दिन होटल में ठहरा। होटल से लोकेश चौधरी का परिवार के साथ सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लग गया है। अफसर के अनुसार फरार लोकेश चौधरी के पास मोटी रकम है, जो बैग में थे।

 

हेमंत ने लोकेश से कहा-आप ठीक नहीं कर रहे हैं 
गिरफ्तार सुनील सिंह ने पूछताछ में खुलासा किया है कि लोकेश चौधरी ने उससे कहा कि दो लोग आने वाले हैं, उन्हें ऊपर तल्ले में भेज देना। कुछ देर बाद ही अग्रवाल बंधु साधना न्यूज चैनल के दफ्तर में पहुंचे। वहां पहले से नीचे खड़ा सुनील दोनों भाईयों को लेकर ऊपर तल्ले में चला गया। इसके बाद लोकेश के कहने पर अग्रवाल बंधु ने बैग खोला। उसमें लाखों रुपए थे। 

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