हड़ताल / रिम्स में बंद रहा ओपीडी, बिना इलाज के लौटे 1500 मरीज



हड़ताल पर बैठे डॉक्टर्स। हड़ताल पर बैठे डॉक्टर्स।
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हड़ताल पर बैठे डॉक्टर्स।हड़ताल पर बैठे डॉक्टर्स।

  • जूनियर डॉक्टरों ने मरहम-पट्टी लगाकर किया प्रदर्शन
  • शाम में निकला जुलूस, डॉक्टरों ने कहा- सुरक्षा दे सरकार

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2019, 10:33 AM IST

रांची. कोलकाता के नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना के विरोध में शुक्रवार को रिम्स के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे। रिम्स में ओपीडी सेवाएं नहीं चली। सीनियर डॉक्टर भी ओपीडी में नहीं बैठे। इससे रिम्स में इलाज कराने आए करीब 1500 मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। कई गंभीर मरीज बरामदे में ही लेटकर ओपीडी सेवा बहाल होने का इंतजार करते रहे। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं चली। शाम पांच बजे जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले विरोध मार्च निकाला गया। इसमें जूनियर डॉक्टरों के अलावा अाईएमए, झासा, निजी नर्सिंग होम के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। 

 

केंद्र व राज्य सरकारों से सुरक्षा की मांग
डॉक्टरों ने बंगाल सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ नारे लगाए और केंद्र एवं राज्य सरकारों से डॉक्टरों की सुरक्षा देने की मांग की। विरोध मार्च में आईएमए के राज्य सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. बिमलेश सिंह, रिम्स के डॉ. जेके मित्रा, डॉ. किरण, डॉ. अनंत सिन्हा, जेडीए के डॉ. अजीज समेत सैकडों जूनियर डॉक्टर शामिल थे। 

 

रिम्स में भी आए दिन जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट हो रही, सरकार रोकने के लिए कदम उठाए
इससे पहले सुबह 10 बजे रिम्स के जूनियर डॉक्टरों ने मरहम पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इमरजेंसी के समक्ष नुक्कड़ नाटक कर अपने खिलाफ हो रहे मारपीट और अन्याय की बात रखी। ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद करा दी गई। इसके बाद सभी जूनियर डॉक्टर डायरेक्टर आफिस के सामने धरना पर बैठे। इस मौके पर जेडीए अध्यक्ष डॉ. अजीत ने कहा कि मारपीट की इस घटना के विरोध में पूरे बंगाल के डॉक्टर आंदोलन कर रहे हैं। इनके समर्थन में पूरे देश के जूनियर डॉक्टर आंदोलन कर रहे हैं। रिम्स में भी आए दिन जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं। सरकार को इसे रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। बताते चलें कि बंगाल के सभी मेडिकल कालेजों के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि जब तक सुरक्षा और उनकी अन्य मांगे पूरी नहीं होती है तब तक वे लोग काम पर नहीं लौटेंगे। जूनियर डॉक्टरों को रिम्स के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. जेके मित्रा ने भी संबोधित किया। उन्होंने भी डॉक्टरों के साथ हो रही मारपीट की घटना पर चिंता जताई। 

 

टल गए 20 गंभीर मरीजों के अॉपरेशन
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को कई गंभीर मरीजों का आपरेशन टल गया। सर्जरी आपरेशन थिएटर में शुक्रवार को छोटे-बड़े मिलाकर 35 आपरेशन किए जाने थे। इससे से कई मरीजों के आपरेशन नहीं किए जा सके। इसमें से कई ऐसे मरीज थे, जिनका नंबर कई दिनों के बाद अाया था।

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