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डेंगू का प्रकाेप बढ़ा, डाेरंडा के युवक की माैत

8 महीने पहले
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इजहार गद्दी। (फाइल)
  • इस सीजन में राजधानी में डेंगू से पहली मौत, रोजाना पांच-छह मरीज पहुंच रहे रिम्स
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रांची. राजधानी में डेंगू ने खतरनाक रूप ले लिया है। करीब 10 इलाके इसकी चपेट में हैं, जहां लगातार डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार काे डेंगू से पीड़ित डाेरंडा के इमामबाड़ा निवासी इजहार गद्दी उर्फ बिट्टू (35) की माैत हाे गई। राजधानी में इस सीजन में डेंगू से यह पहली माैत है। वार्ड 45 के पार्षद नसीम गद्दी ने बताया कि ड्राइवर इजहार काे लगातार बुखार अाने की शिकायत के बाद 8 नवंबर काे अंजुमन हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच में डेंगू की पुष्टि हाेने के बाद उसे रिम्स ले जाया गया, पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ। 9 नवंबर काे उसे मेदांता हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार काे उसकी माैत हाे गई।
 
पार्षद ने बताया कि डोरंडा के रिसालदार नगर, रहमत कॉलोनी, किलबर्न कॉलोनी, कुसई कॉलोनी, डोरंडा मिस्त्री, मनीटोला, निवारणपुर में 30 से अधिक लोग डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित होकर विभिन्न हॉस्पिटल में इलाज करा रहे हैं। इधर, हिन्दपीढ़ी, चर्च रोड, कर्बला रोड, बहुबाजार, कांटाटोली और हरमू क्षेत्र से भी करीब 35 मरीज रिम्स में भर्ती हुए थे,जिन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। नगर निगम की ओर से डेंगू-चिकनगुनिया के लार्वा काे नष्ट करने के लिए काेल्ड फाॅगिंग कराई जा रही है। लेकिन वह भी सिर्फ वीअाईपी क्षेत्र तक ही सिमटा हुअा है। जाे पार्षद दबाव बनाते हैं, उनके क्षेत्र में फाॅगिंग हाे जाती है। लेकिन जाे राेस्टर पर भराेसा करते हैं, उन क्षेत्राें में फाॅगिंग मशीन नहीं पहुंचती है।
 

रिम्स में इस साल डेंगू के 320 मरीज पहुंचे
रिम्स के आइसाेलेशन वार्ड में इस साल अब तक 320 मरीज आ चुके हैं। पिछले साल कुल 253 मरीज पहुंचे थे। अभी हालत ऐसी है कि राेजाना चार से छह मरीज यहां पहुंच रहे हैं। बुधवार काे आइसाेलेशन वार्ड से 10 मरीजाें काे डिस्चार्ज किया गया ताे 9 नए मरीज भर्ती हाे गए। इनमें हिंदपीढ़ी के नेजाम नगर से दाे और शेष धनबाद, गिरिडीह और देवघर के हैं।

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