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आरयू एकेडमिक काउंसिल बैठक: कॉमर्स ग्रेजुएट बन सकेंगे सोशल साइंस और भाषा के शिक्षक

आरयू के एकेडमिक काउंसिल की बैठक में दर्जनभर प्रस्ताव स्वीकृत

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 07:45 AM IST
रांची यूनिवर्सिटी रांची यूनिवर्सिटी

रांची. कॉमर्स से स्नातक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब कॉमर्स में ग्रेजुएट अभ्यर्थी स्कूलों में सामाजिक विज्ञान अथवा भाषा के शिक्षक बन सकते हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने रांची विवि से अपना मंतव्य देने का अनुरोध किया था कि ‘कॉमर्स पाठ्यक्रम के आधार पर स्नातक की योग्यता को सामाजिक विज्ञान अथवा भाषा की श्रेणी में रखा जा सकता है या नहीं’। शुक्रवार को विवि में कुलपति डॉ. रमेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कहा गया कि एनसीटीई के रेगुलेशन 2014 के आलोक में कक्षा छह से आठ के लिए शिक्षकों की नियुक्ति में रांची विवि की असहमति नहीं है। बैठक में प्रतिकुलपति डॉ. कामिनी कुमार, डीएसडब्ल्यू डॉ. पीके वर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. अमर कुमार चौधरी, रांची वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मंजू सिन्हा सहित सभी डीन मौजूद थे।

होटल मैनेजमेंट का कोर्स चार वर्षीय होगा

रांची विवि में चार वर्षीय होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी कोर्स की पढ़ाई शुरू करने व इसके पाठ्यक्रम की स्वीकृति दी गई। इससे पहले होटल मैनेजमेंट का तीन वर्षीय कोर्स होना था। बैठक में पीजी मनोविज्ञान विभाग में स्ववित्तपोषित योजना के तहत पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसिलिंग कोर्स शुरू करने तथा इसके सिलेबस व रेगुलेशन की स्वीकृति मिली।

यह है पूरा मामला

वर्ष 2015 में कक्षा छह से आठ तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिलावार आवेदन मांगा गया। शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2012 के अनुसार आवेदन के लिए स्नातक, बीएड व टेट सफल होना जरूरी था। वर्ष 2013 की टेट में सफल अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इसमें कॉमर्स से स्नातक व टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया। इसके बाद मेरिट लिस्ट बनी और काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति भी हुई। लेकिन करीब एक वर्ष बाद इन शिक्षकों को यह कह कर हटा दिया गया कि आप कॉमर्स स्नातक हैं और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक नहीं बन सकते हैं। इसके बाद हटाए गए शिक्षक सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से इस संबंध में जवाब मांगा था। शिक्षा विभाग ने इस पर आरयू से मंतव्य मांगा था।

एमफिल में भी पांच अंक का ग्रेस : एमफिल परीक्षा में पांच अंकों से अनुत्तीर्ण रहने पर उसे ग्रेस अंक देकर पास कर दिया जाएगा। एकेडमिक काउंसिल में निर्णय हुआ कि जिस तरह पीजी में पांच अंक ग्रेस देने का प्रावधान है, उसी अनुरूप एमफिल में भी दिया जाए। वोकेशनल कोर्स में सीबीसीएस के अंतर्गत तैयार पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति मिली। वोकेशनल में इसी सत्र से सीबीसीएस लागू हुआ है।

इन एजेंडों को भी मिली स्वीकृति

{ एसएस मेमोरियल में स्नातक स्तर पर समाजशास्त्र व बीबीए तथा पीजी स्तर पर इतिहास, हिंदी एवं वाणिज्य की पढ़ाई शुरू करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
{ केओ कॉलेज गुमला में यूजी स्तर पर अंग्रेजी, नागपुरी, खड़िया व कुड़ुख की पढ़ाई शुरू करने को घटनोत्तर स्वीकृति।
{ रांची वीमेंस कॉलेज की 26 जुलाई को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिए गए निर्णयों पर मुहर लगी।
{ गोस्सनर कॉलेज में कंप्यूटर साइंस, आईटी, बीबीए व एमसीवीपी कोर्स में 25-25 सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव स्वीकृत।
{ इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलेपमेंट दिल्ली एवं रांची विवि के बीच शैक्षणिक एमओयू करने के प्रस्ताव स्वीकृत।

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