प्रतिक्रिया / न्यू इंडिया का बजट गांव, गरीबों, किसानों और युवाओं के विकास को समर्पित: रघुवर दास



रघुवर दास। (फाइल फोटो) रघुवर दास। (फाइल फोटो)
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रघुवर दास। (फाइल फोटो)रघुवर दास। (फाइल फोटो)

  • हेमंत सोरेन ने कहा- किसानों, गरीबों, नौजवानों के लिए ये बजट विनाशकारी

Dainik Bhaskar

Jul 05, 2019, 07:04 PM IST

रांची. केंद्रीय बजट 2019 पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि न्यू इंडिया का यह बजट गांव, गरीबों, किसानों और युवाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित है। देश की जरूरतों का ख्याल रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के हर वर्ग को सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने बजट को संतुलित बताया। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद। वहीं झारखंड मुुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। 

 

फिर से सज गया जुमलों का बाजार: हेमंत
बजट पेश होने के बाद हेमंत सोरेन ने प्रेसवार्ता कर कहा कि बजट से ऐसा लगता है कि जैसे फिर से जुमलों का बाजर सज गया है। उन्होंने बजट को खतरनाक बताते हुए कहा कि आने वाले समय में देश के गरीबों, किसानों और नौजवानों के लिए ये विनाशकारी साबित होगा। हेमंत ने कहा कि ऐसा लगता है कि रोते हुए बच्चों को नानी की कहानी सुनाई गई है। बजट में कितना रुपया आएगा, कहां से आएगा, कहां खर्च होगा, किसे कितने रुपए मिलेगे... जब ये बताया ही नहीं गया तो क्या संभव है कि देश की जनता बजट की मोटी-मोटी किताबें पढ़ सके।

 

कहा- रेलवे के निजीकरण और मीडिया में निवेश देश के लिए खतरनाक
हेमंत सोरेन ने कहा कि कर्ज लेकर.. संपत्ति बेचकर घी पीयो.. ये इस बजट की मूल नीति है। उन्होंने कहा कि लाखों करोड़ों रुपए सरकारी कंपनियों को बेचकर कमाया जाएगा। आने वाले समय में गरीबों के लिए कोई राहत की उम्मीद दिख नहीं रही है। सरकारी कंपनियां प्राइवेट हाथों में जाएगी जिससे रोजगार में कमी आएगी। प्राइवेट कंपनियों में आरक्षण भी समाप्त हो जाएगा। बजट के माध्यम से आरक्षण को खत्म करने की कोशिश शुरू कर दी गई है। रेलवे का निजीकरण और मीडिया में निवेश देश के लिए बेहद खतरनाक है। पहले से ही मीडिया मोदी और सरकार के कदमों में झुकी है। 

 

मजबूत होगी भारतीय अर्थव्यवस्था : अर्जुन मुंडा
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस बजट से भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। देश का सर्वांगीण और जनोन्मुखी विकास होगा। मुंडा ने 2019-20 के आम बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है।

 

गांव, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों को समर्पित है आम बजट : अन्नपूर्णा
कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी ने केंद्र सरकार की आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट गांव, गरीब, महिलाओं, युवाओं और किसानों को समर्पित है। बजट कई मायने में ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांवों और शहरों में किसी तरह का अंतर नहीं रहने देना चाहते हैं। इस बजट में गांवों और शहरों को विकसित करने की बात कही गयी है। गरीबों को आवास मोदी सरकार की बड़ी पहल है। सरकार का मुख्य फोकस बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास करना है। रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में भी सफल प्रयास किया जा रहा है। किसानों के लिए तो मोदी सरकार ने खजाना खोल दिया है। यह गौरव की बात है कि आज भारत की अर्थ्वयास्था विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था है।

 

नये, विकसित और सशक्त भारत की परिकल्पना साकार हाेगी: सुदेश महतो
राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने शुक्रवार काे केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार का बजट नए, विकसित और सशक्त भारत की परिकल्पना को साकार करेगा। इस बजट में बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के साथ गांव, गरीब, किसान, उद्यामी के सामाजिक, आर्थिक उन्नति का एक स्पष्ट लक्ष्य दिखता है। महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के साथ उभारने के भी कदम उठाए गए हैं। बजट में साहस और भरोसा का अक्स है। रीफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर जोर देकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का नजरिया सामने रखा है। इस बजट में एक अहम घोषणा ने देश को गर्व करने का अवसर दिया है, जब दो अक्तूबर को पूरा देश खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सपना भी साकार होता दिखेगा।

 

बजट बाेगस, जुमलाें का पिटारा, कुछ भी नया नहीं : डाॅ. अजय
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डाॅ. अजय कुमार ने शुक्रवार काे बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट बोगस है, बजट में कुछ भी नया नहीं है। इसमें पुराने वादों का दोहराव है। पुराने वायदे पूरे करने में सरकार अक्षम रही। बजट न्यू इंडिया के नाम पर विनिवेश कर भारत को गुलाम बनाने की साजिश हैं। रोजगार सृजन के लिए कोई योजना नहीं है, कोई नई पहल नहीं की गई है, सच पूछें तो बजट जुमलों का पिटारा है। उत्पाद कर में एक रूपये की बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ेगी, जिससे आम आदमी के उपर खर्च का बोझ बढ़ेगा। प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों को मदद करने वाला बजट है, जिससे पिछड़ों, दलितों के आरक्षण की हीं नहीं बल्कि गरीबी, बेरोजगारी की समस्या और भी जटिल होगी।

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