झारखंड / 11 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करेंगे शिबू सोरेन, गठबंधन से होंगे उम्मीदवार

शिबू सोरेन। (फाइल फोटो) शिबू सोरेन। (फाइल फोटो)
X
शिबू सोरेन। (फाइल फोटो)शिबू सोरेन। (फाइल फोटो)

  • 26 मार्च को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर होना है चुनाव, आज से नामांकन शुरू 
  • प्रत्याशी को जीत के लिए 28 विधायकों के वोट चाहिए, झामुमो के पास 30 विधायक

दैनिक भास्कर

Mar 06, 2020, 03:01 PM IST

रांची. झारखंड में अप्रैल में खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटों में से एक के लिए 11 मार्च को शिबू सोरेन नामांकन करेंगे। शिबू सोरेन को गठबंधन की ओर से एक सीट के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि दूसरे सीट के लिए यूपीए में मंथन का दौर जारी है। गुरुवार को झारखंड कांग्रेस प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संयुक्त रूप से शिबू सोरेन की उम्मीदवारी को लेकर घोषणा की थी। बता दें कि चुनाव प्रक्रिया आज से शुरू हो गई। 26 मार्च को बैलेट पेपर के जरिए मतदान होगा। इसी दिन शाम को 5 बजे नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा।

जीत के लिए एक प्रत्याशी को 28 विधायकों का समर्थन जरूरी
9 अप्रैल को राज्यसभा में झारखंड से दो सीटें खाली हो रही हैं। चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। झामुमो के पास 30 विधायक हैं। बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल होने के बाद इस पार्टी की सदस्य संख्या 26 हो जाएगी। आजसू के दो विधायकों को मिला लें तो भाजपा समर्थक विधायकों की संख्या 28 हो जाती है। वैसे भाजपा का दावा है कि दो निर्दलीय विधायक भी उनके संपर्क में हैं। इन्हें मिला लें तो भाजपा 30 तक पहुंच जाती है। इस प्रकार जेएमएम-भाजपा अपने-अपने उम्मीदवारों को राज्यसभा भेज सकते हैं।

झारखंड की पार्टीवार स्थिति

पार्टी  सीटें
झामुमो 30
भाजपा 25
कांग्रेस 16
झाविमो 3
आजसू 2
निर्दलीय 2
अन्य 3


26 मार्च की शाम नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी

राज्यसभा के 2 सदस्यों का कार्यकाल इस साल अप्रैल में खत्म होगा। चुनाव प्रक्रिया 6 मार्च से शुरू होगी। 26 मार्च को बैलेट पेपर के जरिए मतदान होगा। इसी दिन शाम को 5 बजे नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा। 2014 में निर्विरोध जीते राजद के प्रेमचंद गुप्ता और निर्दलीय परिमल नथवाणी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। झारखंड के 2 राज्यसभा सांसदों समेत 17 राज्यों में 55 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। इनमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7, इसके बाद तमिलनाडु में 6 और पश्चिम बंगाल में 5 सीटें खाली होंगी। चुनाव आयोग के मुताबिक, 6 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 मार्च होगी। इसके बाद 16 मार्च को स्क्रूटनी होगी। उम्मीदवार 18 मार्च तक नामांकन वापस ले सकेंगे।

छह साल का होता है राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल
राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है। इन सदस्यों का चुनाव लोकसभा सदस्यों की तरह प्रत्यक्ष रूप से वोटरों द्वारा नहीं होता। राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन राज्यों की विधानसभाओं और विधानमंडलों के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है। जिस राजनीतिक दल के पास जितने अधिक विधायक होंगे, वह उतने ही अधिक सांसदों को राज्यसभा में भेज सकता है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना