आरयू में फिल्म-टेलीविजन कोर्स की इसी सेशन से पढ़ाई

2 वर्ष पहले
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रांची यूनिवर्सिटी में इसी सेशन (2019-21) में फिल्म एवं टेलीविजन कोर्स की पढ़ाई शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कोर्स का सिलेबस और संचालन रेगुलेशन एक्सपर्ट द्वारा पहले ही तैयार कर लिया गया था। शनिवार को कुलपति डॉ. रमेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में शहीद चौक स्थित आरयू मुख्यालय में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई, जिसमें चर्चा के बाद फिल्म टेलीविजन की पढ़ाई से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस कोर्स की पढ़ाई के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन डिपार्टमेंट की स्थापना की जाएगी, ताकि आने वाले दिनों में इस डिपार्टमेंट के अंतर्गत फिल्म व टेलीविजन से संबंधित सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई शुरू हो सके।

आरयू प्रशासन ने इस कोर्स के पहले डायरेक्टर पीजी जूलॉजी रिटायर्ड शिक्षक डॉ. अभिजीत दत्ता को बनाया है। आरयू प्रशासन का मानना है कि फिल्म व टेलीविजन कोर्स की पढ़ाई झारखंड की सांस्कृतिक और भोगौलिक स्थिति को ध्यान में रखकर शुरू किया जा रहा है। बैठक में वीसी के अलावा प्रोवीसी कामिनी कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. अमर कुमार चौधरी, डॉ. डीके भट्टाचार्य समेत अन्य सदस्य थे।

बैठक में शामिल वीसी और प्रोवीसी।

फैशन डिजाइनिंग विभाग स्थापित होगा : आरयू में पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन डिपार्टमेंट स्थापित की जाएगी। इसमें फैशन डिजाइनिंग से संबंधित कोर्सों की पढ़ाई की जाएगी। इसमें डिग्री कोर्स, डिप्लोमा कोर्स और सर्टिफिकेट स्तर के कोर्स शामिल हैं। फर्स्ट फेज में डिग्री कोर्स की पढ़ाई शुरू की जाएगी। फैशन डिजाइनिंग डिग्री कोर्स का पाठ्यक्रम और संचालन रेगुलेशन पर आरयू की सिंडिकेट ने चर्चा स्वीकृति प्रदान कर दी हे।

फॉरेन लैंग्वेज कोर्स के लिए बना सिलेबस

रांची विवि के इसी सेशन से फॉरन लैंग्वेज कोर्स की पढ़ाई हाेगी। इस कोर्स की पढ़ाई के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन लैंग्वेज स्टडीज की स्थापना की जाएगी। फर्स्ट फेज में जापानी व फ्रेंच भाषा की पढ़ाई होगी। इसका सिलेबस और संचालन रेगुलेशन तैयार हो गया था। एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने चर्चा के बाद फॉरेन लैंग्वेज से संबंधित प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

आरयू से कर सकेंगे रिसर्च

यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार पीएचडी रेगुलेशन-2009 के अनुसार 6 माह की पीएचडी कोर्स वर्क की पढ़ाई होती है। वर्तमान में जिस विवि से अभ्यर्थी कोर्स वर्क किए हैं, वहीं से पीएचडी कर सकते हैं। लेकिन, आने वाले दिनों में दूसरे विवि से कोर्स वर्क करने वाले छात्र रांची विवि से पीएचडी कर सकते हैं। इसकी शनिवार को एकेडमिक काउंसिल में स्वीकृति मिल जाएगी।

इन कोर्सों पर काउंसिल में लगेगी मुहर

रामलखन सिंह यादव कॉलेज में पीजी नागपुरी विषय की होगी पढ़ाई।

बीएस कॉलेज लोहरदगा में पीजी नागपुरी कोर्स की घटनोत्तर स्वीकृति।

रिम्स में इसी सत्र से चार नए कोर्स में एडमिशन

पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स इन क्रिटिकल केयर मेडिसिन (पीडीसीसी सीसीएम)।

पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स इन कार्डिएक एनेस्थिसिया (पीडीसीसी, सीए)।

पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स इन न्यूरो एनेस्थिसिया (पीडीसीसी, एनए)।

पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स इन पेडियाट्रिक्स एनेस्थिसिया (पीडीसीसी, पीए)

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