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योजना / राज्य में स्वजल योजना लांच



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19 जिलों की 218 पंचायतों में होगी पेयजल अापूर्ति

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 06:49 AM IST

कांके. झारखंड में मंगलवार को केंद्र सरकार की स्वजल योजना लांच कर दी गई। पेयजल स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, सचिव आराधना पटनायक, मुख्य अभियंता श्वेताभ कुमार, केंद्र सरकार के उप परामर्शी पदाधिकारी ए. मुरलीधरन और यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डाॅ. मधुलिका जोनाथन की मौजूदगी में इसका शुभारंभ किया गया।

 

मंत्री ने कहा कि पदाधिकारी इस योजना के क्रियान्वयन में भी राज्य को देश में अव्वल बनाएं। एमपी और महाराष्ट्र के बाद इस महत्वपूर्ण योजना को लागू करने वाला झारखंड तीसरा राज्य है। यहां  नीति आयोग द्वारा चयनित 19 एस्पिरेशनल जिलों के 218 पंचायतों में सफलता पूर्वक क्रियान्वित किया जाएगा।

 

योजना के क्रियान्वयन के लिए 15 जिलों के अभियंता और एसडीओ की पांच दिवसीय ट्रेनिंग फाॅर ट्रेनर्स कार्यक्रम का भी शुभारंभ मंगलवार को किया गया। इसमें भारत सरकार से आए पांच विशेषज्ञ प्रशिक्षक ट्रेनिंग देंगे। मुख्य अभियंता श्वेताभ कुमार ने बताया कि बाद में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 जिलों में यूनिसेफ और पांच में टाटा ट्रस्ट को भी जोड़ा जाएगा।

 

बताया कि इस योजना में अधिकतम छह से साढ़े आठ लाख खर्च कर  25 से 30 घरों को पाइप लाइन से पानी आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। यह सोलर ऊर्जा से संचालित होगी।

 

राज्य में पानी की कमी से पलायन की स्थिति नहीं : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि राज्य में पानी की कमी से पलायन करने की स्थिति कहीं नहीं है। ग्रामीणों को दूर से पानी लाना पड़ता है, लेकिन स्वजल जैसी महत्वपूर्ण योजना से स्थिति में काफी बदलाव आएगा। यह योजना ग्रामीणों की भागीदारी से चलेगी।   

 

योजनाओं की डुप्लीकेसी होने पर होगी एफआईआर : विभागीय सचिव आराधना पटनायक ने कहा कि स्वजल योजना की एक भी स्कीम कहीं फेल नहीं हो, इसको सभी अधिकारी सुनिश्चित करेंगे। साथ ही कई प्रकार की जल संबंधी योजनाओं की डुप्लीकेसी नहीं हो, इसका भी ख्याल रखें। ऐसा होने पर सीधे एफआईआर दर्ज होगी।

 

केंद्र सरकार के उप परामर्शी ए. मुरलीधरन ने बताया कि झारखंड में प्रति व्यक्ति 1.85 लाख लीटर भूगर्भ जल प्रति वर्ष उपलब्ध है। यह तीन वर्ष के आकड़े हैं। बताया कि झारखंड में हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु से कहीं अधिक भूगर्भ जल मौजूद है।

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